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नरेंद्र मोदी का ग्रह-नक्षत्र विश्‍लेषण: कुंडली में राजयोग, पर किसी करीबी से हो सकता है खतरा, सोमवार के कार्यों पर रखें विशेष ध्यान

ये योग नरेंद्र मोदी को एक बहुत कर्मठ, बेहद मेहनती और कभी हार ना मानने वाला व्यक्ति बनाता है। वृश्चिक लग्न होने के कारण जातक किसी भी चीज को बहुत गहराई में जाकर सोचते हैं और बहुत जल्दी निर्णय ना लेने के बजाय सोच विचार कर सही निर्णय लेते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्म 17 सितंबर सन् 1950 में गुजरात के मेहसाणा में सुबह 11 बजे हुआ बताया जाता है। इनकी लग्न और जन्म राशि वृश्चिक है। लग्न में चंद्रमा और मंगल हैं, चौथे भाव में बृहस्पति है, पांचवे भाव में राहु है, दशवे भाव में शुक्र और शनि है, ग्यारहवे भाव में सूर्य, बुद्ध और केतू है। लग्न में अपनी राशि का मंगल होने के कारण पंच महापुरुष योग में से सबसे महत्वपू्र्ण राज योग देने वाला रूचक नामक शुभ योग बन रहा है। ये योग नरेंद्र मोदी को एक बहुत कर्मठ, बेहदत मेहनती और कभी हार ना मानने वाला व्यक्ति बनाता है। वृश्चिक लग्न होने के कारण जातक किसी भी चीज को बहुत गहराई में जाकर सोचते हैं और बहुत जल्दी निर्णय ना लेने के बजाय सोच विचार कर सही निर्णय लेते हैं।

ज्‍योतिषाचार्य राज मिश्रा के मुताबिक , ‘2019 के चुनाव को लेकर अगर हम देखते हैं तो शनि पीएम मोदी की राशि में दूसरे भाव में गोचर कर रहे हैं और चौथे भाव को पूर्ण दृष्टि से देख रहे हैं। जिस कारण से प्रधानमंत्री मोदी को जनता का पूर्ण समर्थन प्राप्त होगा। बृहस्पति वृश्चिक राशि के अंतर्गत ही गोचर कर रहा है और नवम भाव भाग्य को पूर्ण दृष्टि से देख रहा है जिस कारण से बृहस्पति राज योग प्रदायक ग्रह बनेगा। इससे दोबारा प्रधानमंत्री जैसा अहम पद मिलने की संभावना है।

षड्यंत्रकारी केतु दशम भाव के स्वामी सूर्य के साथ जन्म कुंडली के ग्यारहवें भाव में विराजमान है और जन्म कुंडली के अंतर्गत सूर्य के ही नक्षत्र में होने के कारण सफलता की सीढ़ी तक पहुंचकर अगर सावधानी नहीं रखी गई तो अचानक षड्यंत्र के द्वारा सफलता से वंचित होने की स्थिति बन सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर चंद्रमा की दशा चल रही है और चंद्रमा परिवार का कारक ग्रह माना जाता है और केतु का अंतर चल रहा है तो नरेंद्र मोदी को अपने नजदीकी लोगों से सावधान रहने की जरूरत है। राहु के अष्टम भाव में गोचर करने के कारण और केतु दूसरे भाव में गोचर करने के कारण उनके खिलाफ जानलेवा षड्यंत्र भी होने की आशंका लगती है। रैलियों में हिंसक घटनाएं हो सकती हैं।’

ज्‍योतिषाचार्य राज मिश्रा की राय में, ‘चंद्रमा की दशा होने से सोमवार को किए जाने वाले महत्वपूर्ण कार्यों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होगी। भगवान शिव की आराधना, गरीबों की सेवा सोमवार को दूध और चावल का दान और सफेद कपड़े ना पहनना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए बहुत लाभप्रद रहेगा। भगवान शिव का रुद्र अभिषेक करना केतु के दोष को दूर करके सफलता को दिलाने वाले होगा।

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First Published on April 8, 2019 2:20 pm