पारद शिवलिंग: इसके दर्शन मात्र से मिल सकता है 12 ज्योतिर्लिंग पूजन का फल

करोड़ों शिवलिगों की पूजा से जो फल प्राप्त होता है। उससे भी करोड़ गुणा फल पारद शिवलिंग पूजा से मिलता है। माना जाता है इस शिवलिंग को छुने मात्र से मुक्ति प्राप्त होती है। गौहत्या का पाप भी दूर होता है।

पारद शिवलिंग की भक्तिभाव से पूजा करने से संतान की प्राप्ति होती है।

धर्म शास्त्रों में पारद शिवलिंग को साक्षात भगवान शिव का स्वरूप बताया गया है। पारद शिवलिंग की स्थापना और पूजा की जाए तो व्यक्ति की हर मनोकामना पूरी हो सकती है। धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष, सभी मनोरथ की प्राप्ति होती है। पारद शिवलिंग की भक्तिभाव से पूजा करने से संतान की प्राप्ति होती है। 12 ज्योतिर्लिंग के पूजन जितना फल पारद शिवलिंग के दर्शन से मिलता है। यह शिवलिंग पारा से बना होता है। पारद शिवलिंग को किसी प्राण प्रतिष्ठा की आवश्यकता नहीं होती है। इसके दर्शन मात्र से ही व्यक्ति की सभी मनोकामना पूरी हो जाती है। कहा जाता है जो लोग पारद शिवलिंग की पूजा करते हैं उनकी रक्षा खुद महाकाल और महाकाली करते हैं। पुराणों के अनुसार इस शिवलिंग के बारे में कहा गया है कि इसमें संपूर्ण ब्रह्माण्ड का ज्ञान है।

मंत्र –

लिंगकोटिसहस्त्रस्य यत्फलं संम्यगर्चनात्।
तत्फलं कोटिगुणितं रसलिंगार्चनाद् भवेत।
ब्रह्महत्या सहस्त्राणि गौहत्याया: शतानि च।
तत्क्षणद्विलयं यान्ति रसलिंगस्सय दर्शनात्।
स्पर्शनात्प्राप्यत मुक्तिरिति सत्यं शिवदितम्।।

इसका अर्थ है कि करोड़ों शिवलिगों की पूजा से जो फल प्राप्त होता है। उससे भी करोड़ गुणा फल पारद शिवलिंग पूजा से मिलता है। माना जाता है इस शिवलिंग को छुने मात्र से मुक्ति प्राप्त होती है। गौहत्या का पाप भी दूर होता है।

बनाने की विधि – पारद शिवलिंग का निर्माण मुख्यत: तीन धातुओं के मिलकर बनता है। पारा, कार्बन और मनिफेन। इसमें 70 प्रतिशत पारा, 15 प्रतिशत मेग्निशयम, 10 प्रतिशत कार्बन और 5 प्रतिशत पोटेशियम कार्बोनेट को मिलाकर एक विशेष विधि से निर्माण किया जाता है।

[bc_video video_id=”5970743618001″ account_id=”5798671092001″ player_id=”JZkm7IO4g3″ embed=”in-page” padding_top=”56%” autoplay=”” min_width=”0px” max_width=”640px” width=”100%” height=”100%”]

कैसे पहचान सकते हैं – जब पारद शिवलिंग को थोड़ी देर जल में रखकर उसे धूप में रखते हैं तो पारद शिवलिंग पर शुद्ध स्वर्ण जैसी आभा आ जाती है। इसके अलावा अगर पारद शिवलिंग को हथेली पर घिसा जाए तो वह काली लकीर नहीं होती है। इस शिवलिंग से हथेली पर काली लकीर नहीं बनती है।

पढें yearly-astrology समाचार (Yearlyastrology News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

अपडेट