ताज़ा खबर
 

नरेंद्र मोदी की कुंडली में प्रबल है चंद्रमा, चल रहा राजयोग, 2019 तक कायम रहेगा जादू

मोदी की कुंडली में बुध उच्च का है। बुध वाणी का प्रभावी बनाता है। इसलिए मोदी की वाणी लोगों के बीच गहरी छाप छोड़ती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो सोर्स- AP)

गुजरात और हिमाचल प्रदेश में भाजपा की सरकार बननी तय है। इन चुनावों के नतीजों से तय यह तय हो गया है कि नरेंद्र मोदी का जादू अभी खत्म नहीं हुआ है, जिसके बल पर लगातार बीजेपी चुनावों में जीत हासिल कर रही है। आइए आज जानते है मोदी की इस जादू के पीछे क्या राज है ।

मोदी की कुंडली- मोदी की कुंडली में चंद्रमा लग्न में मौजूद है। इनकी वृश्चिक लग्न की कुंडली है और चंद्रमा की वजह से उन्हें राज योग मिल रहा है। इनकी जन्मतिथि 17 सितंबर 1950 है और जन्म समय सुबह 11 बजे है। जिसके अनुसार उनका जन्म लग्न वृश्चिक है और जन्म कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को विष्कुम्भ योग में हुआ है।

नरेन्द्र मोदी की कुंडली वृश्चिक लग्न और वृश्चिक राशि की है। वृश्चिक लग्न को बहुत ही इंटेलिजेंट माना जाता है। मोदी की कुंडली में चंद्रमा लग्न में मौजूद है। कुंडली में लग्न में चंद्रमा और मंगल दोनों मौजूद है। कुंडली में चंद्रमा और मंगल मौजूद होने से मोदी की लगातार जीत हो रही है और उन्हें राज योग मिल रहा है। कुंडली के चतुर्थ भाव में बृहस्पति मौजूद है। बृहस्पति के चौथे भाव में होने से व्यक्ति गृह त्यागी हो जाती है। इसलिए मोदी ने अपना घर त्याग दिया।

दशम भाव में शुक्र और शनि का संयोग है। मोदी की कुंडली में शुक्र ताकतवर स्थिति में है। वहीं शनि भी अच्छी स्थिति में हैं, जिसके प्रभाव से मोदी लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं। शुक्र कुंडली में होने से व्यक्ति की समझ मजबूत हो जाती है, जिसके कारण मोदी अच्छी समझ से बड़े फैसले लेते है।

मोदी की कुंडली में बुध उच्च का है। बुध वाणी का प्रभावी बनाता है। इसलिए मोदी की वाणी लोगों के बीच गहरी छाप छोड़ती है। साथ ही सूर्य मजबूत होने से मोदी के एक्सप्रेशन भी बहुत प्रभावी हैं। सूर्य, बुध और केतु के तालमेल के कारण कुंडली के ग्यारवें खाने में बना हुआ है। मोदी के ज्यादातर ग्रह दिन के इलाके में हैं और अग्नि के क्षेत्र हैं। इसलिए कुंडली में अग्नि तत्व ज्यादा हैं, जिसके कारण आदमी बहुत छोटी जगह से शुरूआत कर के बड़ी जगह पर पहुंच जाता है। अग्नि तत्व ज्यादा होने से जिंदगी में संघर्ष अधिक होता है। इसलिए आप कितनी भी ऊंचाई पर पहुंच जाएं आपको विरोध का सामना करना पड़ता है।

भारत को महाशक्ति बना पाएंगे मोदी – मोदी ने विदेशों में भारत की एक नई पहचान बनाई है। मोदी की कुंडली में सितंबर से चंद्र में बुध की दशा शुरू होगी। इस दशा में वाद-विवाद की संभावनाएं बढ़ेंगी। पड़ोसी देशों के साथ संबंध बिगड़ सकते हैं लेकिन नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की स्थिति मजबूत होगी।

2019 में मोदी जादू – 2014 के लोकसभा चुनावों में मोदी का जलवा तो आप सभी ने देखा लेकिन अब सवाल है कि क्या मोदी का जादू 2019 के लोकसभा चुनावों में चल पाएगा ? मोदी की कुंडली नीच राशि में होने से और सूर्य-केतु के कारण विरोधी विरोध करेंगे और विरोधी काफी शक्तिशाली होंगे। बुध की दशा में ये विरोध और भी प्रबल होगा। मोदी जी की कुंडली में बृहस्पति केंद्र में है। मंगल भी मजबूत होकर लग्न में बैठा है। जो मोदी को सुरक्षा प्रदान करता है और बृहस्पति मोदी को हर परिस्थिति में मजबूत करता है। विरोध के बावजूद भी मोदी मजबूत होकर उभरेंगे और 2019 के चुनाव में मोदी और मजबूत होंगे।

ब्रेकिंग न्‍यूज, अपडेट, एनालिसिस, ब्‍लॉग के लिए फेसबुक पेज लाइक, ट्विटर हैंडल फॉलो करें और गूगल प्लस पर जुड़ें

First Published on December 18, 2017 2:54 pm