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Loksabha election Result 2019: क्या बिना नए साथियों के BJP की नहीं होगी सत्ता में वापसी? जानिए क्या कहती है अमित शाह की कुंडली

Loksabha election Results 2019: अमित शाह की कुंडली में कुछ योग ऐसे हैं जिनसे उन्हें सफलता बेहद आश्चर्यजनक और कुछ मुश्किलों के बाद मिलेगी। अष्टम में पड़े चंद्रमा पर छठे घर में बैठे शनि की तीसरी दृष्टि पड़ रही है जो इस बात को दर्शाती है कि बीजेपी को उनके नेतृत्व में पिछले लोकसभा चुनावों से कम सीट मिलेगी।

lok sabha election 2019, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस

Loksabha election Result 2019: 2019 लोकसभा चुनावों में अमित शाह अपनी पार्टी भाजपा की सरकार बनवा पाएंगे या नहीं, यह 23 मई को स्‍पष्‍ट हो सकेगा। लेकिन, उनके ग्रह-नक्षत्रों के आधार पर इस बारे में कुछ ज्‍योतिषीय भविष्‍यवाणियां सामने आई हैं। जानें क्या कहती है बीजेपी अध्यक्ष की कुंडली…

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ज्योतिषशास्त्री सचिन मल्होत्रा के हवाले से नवभारत टाइम्‍स में शाह की कुंडली के आधार पर 2019 चुनावों के मद्देनजर उनके प्रदर्शन का आंकलन किया गया है। उनके मुताबिक अमित शाह की कुंडली में भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की तरह ही कुछ योग बन रहे हैं। स्थान परिवर्तन से बनने वाले योग काफी आश्चर्यजनक फल देने वाले माने जाते हैं। अमित शाह की कुंडली में इस तरह के 2 योग बन रहे हैं। 22अक्टूबर 1964 में जन्मे अमित शाह की कुंडली कन्या लग्न की है। अमित शाह की कुंडली में राहु पर सूर्य की दशा 6 मई को खत्म हो चुकी है जो की उनके लिए राहत का संकेत है।

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ज्योतिषी अनुसार अमित शाह की कुंडली में कुछ योग ऐसे हैं जिनसे उन्हें सफलता बेहद आश्चर्यजनक और कुछ मुश्किलों के बाद मिलेगी। अष्टम में पड़े चंद्रमा पर छठे घर में बैठे शनि की तीसरी दृष्टि पड़ रही है जो इस बात को दर्शाती है कि बीजेपी को उनके नेतृत्व में पिछले लोकसभा चुनावों से कम सीट मिलेगी। राहु में चंद्रमा की दशा में अमित शाह को सरकार बनाने के लिए कुछ नए सहयोगी दलों को जोड़ना पड़ सकता है।

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पंडित प्रमोद गौतम ने ‘पत्रिका’ में अमित शाह के बारे में जो भविष्‍यवाणी की है, उसके मुताबिक शाह पर बृहस्पति ग्रह का आशीर्वाद नहीं है। शाह की जन्म तिथि 22 अक्टूबर 1964 बताई जाती है। उनकी मेष राशि की चन्द्र कुंडली से बृहस्पति ग्रह का आशीर्वाद नहीं है। बृहस्‍पति देवग्रह है। इसके आशीर्वाद के बिना शानदार सफलता संदिग्‍ध ही ही मानी जाती है। शाह 11 अक्टूबर 2018 से गोचरीय ग्रह चाल में फंसे हैं। यह चाल अभी खत्‍म नहीं होने वाली है। इस चाल की वजह से ही 11 अक्टूबर 2018 के बाद हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में वह अपने नेतृत्‍व में भाजपा को जीत नहीं दिला सके।

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First Published on May 20, 2019 7:27 am

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