ताज़ा खबर
 

जानिए छींक आना कब होती है शुभ-अशुभ

छींक आना एक शारीरिक प्रक्रिया है जिसे संचालित करने में वोकल कॉर्ड और उदर मांसपेशियां भी भाग लेती हैं।

छींक आना हमारे शरीर की सेहत के लिए अच्छा संकेत भी होता है।

छींक आना हमारे शरीर के लिए अच्छा माना जाता है। यह शरीर की रक्षात्मक प्रतिक्रिया की तरह काम करता है। जब भी कोई बैक्टीरिया हमारे नाक के अंदर प्रवेश करता है तब हमारा दिमाग उसकी प्रतिक्रिया देता है, जिससे छींके आती है। ज्योतिष शास्त्र में भी छींक को शुभ माना जाता है। छींक आना एक शारीरिक प्रक्रिया है जिसे संचालित करने में वोकल कॉर्ड और उदर मांसपेशियां भी भाग लेती हैं। ऐसा नहीं है कि केवल सर्दी-जुकाम होने पर ही छींक आती हो, बल्कि छींक आने के कई कारण हो सकते हैं। कुछ शोध बताते हैं कि आंखों की पलकों के बाल टूटने पर भी किसी को छींक आ सकती है। आज हम बताएंगे की छींक आना कब शुभ या अशुभ होता है –

यदि रसोई में दूध उबालते समय छींक आ जाएं तो वह अशुभ माना जाता है। इससे घर में किसी सदस्य से आपका मन-मुटाव हो सकता है। अगर आप किसी शुभ काम के लिए जा रहे हैं और उस समय गाय छींक दे तो वह कार्य निश्चित रूप ले सफल होता है। यह धन लाभ का सूचक है। यदि आपके रास्ते में हाथी छींक दे तो राज्य लाभ होता है।

यदि आप किसी काम से बाहर जा रहे है और रास्ते में कुत्ता छींक दे उस काम में बाधा आती है और वो कार्य पूरा नहीं होता है। अगर एक से ज्यादा छींक करता है तो विपत्ति टल सकती है। शास्त्रों के मुताबिक यदि आपको दवाई लेते समय छींक आ जाए और दवा हाथ से गिर जाए तो उस रोग का निवारण शीघ्र हो जाता है। ऐसा होने पर रोगी व्यक्ति के स्वास्थ्य में जल्दी सुधार आता है। यदि कोई व्यक्ति श्मशान या किसी दुर्घटना स्थल पर छींक मार देता है तो इसे वैदिक साहित्य में शुभ माना जाता है। इसके अलावा यदि आपको सामने की छींक आती है तो इससे लड़ाई होने की संभावना होती है। वही अगर चलते वक्त छींक आ जाए तो उससे आपको कष्ट हो सकता है।

ब्रेकिंग न्‍यूज, अपडेट, एनालिसिस, ब्‍लॉग के लिए फेसबुक पेज लाइक, ट्विटर हैंडल फॉलो करें और गूगल प्लस पर जुड़ें

First Published on November 22, 2017 11:23 am