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जानिए क्या होती है साढ़ेसाती, 12 राशियों पर कैसा होता है इसका असर

आमतौर पर यदि शनि अच्छा होता है तो साढ़ेसाती अच्छे परिणाम देती है और अगर शनि की दशा ठीक नहीं है तो साढ़ेसाती का बुरा फल मिलता है।

यदि साढ़ेसाती शुभ फल देती है तो करियर में सफलता मिलती है।

शनि हर राशि में भ्रमण करता है और उस पर पर विशेष प्रभाव डालता है। जब ये प्रभाव किसी के ऊपर शनि की विशेष स्थितियों के कारण पड़ता है तो उसे शनि की साढ़ेसाती कहते हैं। जब शनि किसी राशि में 12वें रहेगा उसी राशि में रहेगा या राशि से दूसरे रहेगा तो उस राशि में साढ़ेसाती चलने लगती है। शनि एक राशि में ढाई साल तक रहता है और अगर एक साथ तीन बार किसी राशि को प्रभावित करता है तो उस प्रभाव को साढ़ेसाती कहा जाता है।

राशियों पर भ्रमण के दौरान जब शनि किसी राशि से चतुर्थ या अष्टम भाव में आता है तो इसे शनि की ढैया कहते हैं। ये शनि के एक राशि पर भ्रमण के दौरान ही रहता है यानि कि ढाई साल तक। इसलिए इसे ढैया कहा जाता है।

साढ़ेसाती का असर – माना जाता है कि ये जब शुरू होती है तो हमेशा बुरा फल देती है। लेकिन ऐसा जरुरी नहीं है। इसके लिए कुंडली में शनि की दशा कैसी यह देखना जरूरी होता है। इसके बाद पता चलता है कि साढ़ेसाती का फल कैसा होगा। आमतौर पर यदि शनि अच्छा होता है तो साढ़ेसाती अच्छे परिणाम देती है और अगर शनि की दशा ठीक नहीं है तो साढ़ेसाती का बुरा फल मिलता है। कहा जाता है जब साढ़ेसाती शुरु होती है तो अच्छा फल देती है और खत्म होने वाली हो तो अशुभ फल देती है।

यदि साढ़ेसाती शुभ फल देती है तो करियर में सफलता मिलती है। व्यक्ति के आकस्मिक रुप से धन और उच्च पद मिलता है। व्यक्ति को विदेश से लाभ मिलता है। कारोबार में तरक्की हो जाती है और मुनाफा बढ़ जाता है। यदि साढ़ेसाती अशुभ परिणाम दे तो रोजगार के रास्ते बंद हो जाते हैं। सेहत संबंधी समस्याएं आ जाती है। कभी-कभी इसके बुरे प्रभाव के कारण दुर्घटनाएं हो जाती है। साढ़ेसाती सबसे ज्यादा असर व्यक्ति की मानसिक स्थिति पर डालती है। इससे व्यक्ति के मन में नकारात्मकता अधिक हो जाती है।

राशि अनुसार क्या होता है असर –

1. मेष, सिंह और धनु राशि के लोगों को साढ़ेसाती से करियर में लाभ मिलता है। लेकिन स्वास्थ्य संबंधी परेशानी अधिक हो जाती है।

2. वृष, मिथुन और कन्या राशि के लोगों को आर्थिक कष्ट होता है। इसके साथ ही रिश्तों में तनाव आ जाता है। जिसके कारण कई बार रिश्तें टूट जाते हैं।

3. कर्क, वृश्चिक और मीन राशि के जातकों को साढ़ेसाती के दौरान बहुत परिवर्तन का सामना करना पड़ता है। इनको बदलाव से लाभ होता है।

4. तुला, मकर और कुंभ राशि के जातकों को आमतौर पर लाभ होता है। इन जातकों को साढ़ेसाती करियर में ऊंचाइयों पर पहुंचा देती है।

उपाय – शनिवार को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। रोज शाम को 108 बार शनि मंत्र का जाप करें। अगर कष्ट ज्यादा हो तो शनिवार को सरसों के तेल में खुद को देखकर उस तेल को दान करें। भोजन में सरसों के तेल, काले चने और गुड़ का प्रयोग करें। साथ ही अपना व्यवहार ठीक रखें।

इस मंत्र का जाप करें-

ॐ नीलांजन समाभासम्। रविपुत्रम् यमाग्रजम्।।
छाया मार्तंड सम्भूतम। तम् नमामि शनैश्चरम्।।

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First Published on December 21, 2017 3:12 pm