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2018 में सुधेरगी बाजार की हालत या पस्त होगी अर्थव्यवस्था, जानिए

मंदे कारोबार के बीच फरवरी के पश्चात बाज़ार में सकारात्मक वातावरण निर्मित होगा। राजा सूर्य के कारण आगज़नी से व्यापारियों को नुक़सान होगा।

साल के मध्य में सोने चांदी, तांबे और लोहे का भाव अस्थिर होगा।

बाज़ार के लिए 2018 का साल मिला जुला रहेगा। वैसे तो यह साल 2018 से बेहतर प्रतीत हो रहा है, पर बाज़ार में किसी आमूलचूल परिवर्तन के संकेत इस बरस भी नहीं मिल रहे हैं। आर्थिक धोखाधड़ी इस साल सर चढ़ कर बोलेगी। फ़ंसाने वाली स्कीम का बोलबाला होगा। बड़े व्यापारियों की गर्दन क़ानूनी शिकंजे में फंसेगी। ढेरों बड़ी कम्पनियां दिवालियेपन की कगार पर कराहती नज़र आयेंगी। शेयर बाज़ार में भारी तेज़ी का योग दृष्टिगोचर हो रहा है। कई छोटी मोटी गिरावट के पश्चात एक बहुत बड़ा चढ़ाव बाज़ार में साफ़ नज़र आएगा। म्यूचूअल फ़ंड की NAV में इस वर्ष भी अच्छी बढ़त नज़र आएगी। शराब, टेक्सटाइल, चीनी, पॉवर और ऊर्जा के शेयरों में भारी तेज़ी होगी। रक्षा के व्यापार में इज़ाफ़ा होगा। कई उद्योगपति क़ानूनी शिकंजों और एजेंसियों की मुट्ठी में छटपटाते दिखाई देंगे। कई जीवन भर की पूंजी लुटाने के क़रीब दिखाई देंगे। टेक्स स्लैब में वृद्धि होगी। कई नई राहत का एलान होगा। टैक्स में पुनः सुधार पर विचार होगा।जनता और व्यापारियों पर रेवड़ियों की बरसात होगी। पर कई लुभावने वादे छद्म नज़र आयेंगे और मृग मरिचिका साबित होंगे। कड़वी दवा का स्वाद आसानी से न मिट सकेगा। कारोबारियों की मुश्किलें इस बरस के आरंभ में जस की तस रहेंगी।

मंदे कारोबार के बीच फरवरी के पश्चात बाज़ार में सकारात्मक वातावरण निर्मित होगा। राजा सूर्य के कारण आगज़नी से व्यापारियों को नुक़सान होगा। दूध और डेयरी प्रोडक्ट महंगे होंगे। चावल, गेहूँ, तिल व उड़द के व्यापारी क़ीमतों में वृद्धी के कारण लाभ में रहेंगे। यार्न, टेक्सटाइल में तेज़ी के कारण हर प्रकार कपड़ों के भावों में इज़ाफ़ा होगा। गुड़, शक्कर उद्योग और शराब उद्योग लाभ में होगा। इलायची, रुई, कपूर इत्यादि के व्यापारी मोटा माल कमायेंगे। हल्दी,दाल और चने की ट्रेडिंग में हाथ जलेगा। शिक्षा के कारोबार में अफ़रातफ़री रहेगी। रुद्राक्ष, पूजन सामग्री और मूर्तियों के व्यापारियों का जोखिम बढ़ेगा। तिल, मूँगफली और सोयाबीन के तेलों से कमाई और सरसों के तेल में रिस्क बढ़ेगा। सट्टे का कारोबार कुछ समय के लिए ध्वस्त हो जाएगा। साल के मध्य में सोने चांदी, तांबे और लोहे का भाव अस्थिर होगा। तिल सरसों व सोयाबीन के तेल के भाव ऊपर जायेंगे।

मेवे और मसाले, गेहूँ, चावल, मूंग और जौं में मंदी हो सकती है। प्रॉपर्टी बाज़ार में कृत्रिम तेज़ी की सुगबुगाहट नज़र आएगी, पर इस बाज़ार का उद्धार इस बरस भी नहीं होगा। कई बड़े बिल्डर परिस्थितियों के मारे नज़र आयेंगे और क़ानून के कोड़े खायेंगे। पर उनके दण्डित होने से भी जनता का विशेष भला नहीं होगा। सोने के अंतरराष्ट्रीय भावों में गिरावट के बाद कुछ उछाल नज़र आएगा। पर इस साल जनता स्वर्ण को कनखियों से ही देखेगी। साल के शुरुआती महीनों में सोने के व्यापारियों का सर चकरायेगा। पर माघ माह के बाद उन्हें कुछ चैन आएगा।

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First Published on December 30, 2017 5:21 pm