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बढ़ेंगे अपराध, देशों के बीच जंग छिड़ने की आशंका! जानें ग्रह दशाओं के हिसाब से कैसा रहेगा 2018

सदगुरुश्री के अनुसार 26 अप्रेल, 2018 को नया पराधावी नाम का नया संवत 20175 वजूद में आएगा। जिसके राजा सूर्य और मंत्री शनि होंगे, जिससे परिवार, समाज, राष्ट्र और राष्ट्रों में परस्पर वैमनस्य उत्पन्न होगा।

सूर्य के धान्येश पद पर आसीन होने से किसी रोग या विकार फैलने की सम्भावना है।

31 दिसम्बर की मध्यरात्रि में जब घड़ी की सूइयां जब 11 बजकर 59 मिनट और 59 सेकेण्ड के आगे जायेंगी, कैलेंडर बदल जाएगा, और एक नया साल वजूद में आएगा। वो 2018 कहलाएगा।  इस साल की शुरुआत में विरोधिकृत नामक सम्वत 20174 गतिशील होगा, जिसके राजा बुधदेव और मंत्री बृहस्पति देव होंगे। 26 अप्रेल, 2018 को परिधावी नामक संवत 20175 अस्तित्व में आएगा, जिसके राजा सूर्य और मंत्री शनि होंगे। सदगुरुश्री कहते हैं कि वर्षारम्भ में सम्वत 20174 के राजा बुध होने से धार्मिक गुरु जहां कष्ट पायेंगे, वहीं तमाम मानहानियों के बाद भी आस्था की जड़ें गहरी होगी। तकनीक से लाभ उठाने के प्रयास में वृद्धि होगी।

– मंत्री बृहस्पति होने से धान्य की तो बहुलता होगी, पर रहनुमाओं की आपसी खींचतान से समाज में अलग तरह की बेचैनी तारी रहेगी। राजा की छवि चमकाने कृत्रिम कोशिशें की जायेंगी। राजा और उनके मन्त्रियों में परस्पर गुप्त मतभेद जन्म लेंगे। कई मामलों में शासन, प्रशासन और दल के पुराने रहनुमाओं के विचारों में गहरा मतभेद दृष्टिगोचर होगा।

– मंत्रीमण्डल में धान्यपति के पद पर सूर्य के विराजने से डकैती, लूटपाट, अपहरण, चोरी और आर्थिक धोखाधड़ी की घटनायें सर उठायेंगी। पूर्वी भाग में ज़्यादा क्राइम नज़र आएगा। ऑनलाइन फ़्रॉड बढ़ेगा। राष्ट्रों में आपसी खींचतान और सनकी राष्ट्राध्यक्षों के अहम के टकराव से सैन्य झड़प का पूरा अंदेशा है। एक दूसरे का सैनिक अभ्यास विरोधियों को उकसायेगा भी और बेचैन भी करेगा। धान्य सस्ता होकर भी मुनाफ़ाख़ोरी से महंगा होगा।

– पश्चिम धनेश के पद पर शनि देव के विराजने से सम्पत्ति विवाद सर उठायेंगे। बिल्डरों और कारोबारियों पर मुक़दमें बढ़ेंगे। कुछ भाग जायेंगे, कुछ जेल जायेंगे। धन-धान्य के अभाव का स्पष्ट अनुभव होगा। दुग्ध की कमी होगी। फलस्वरूप दूध और गोरस से बने खाद्य पदार्थों की क़ीमतों में वृद्धि का योग है। विचित्र तरह के विकार फैलेंगे। लोगों के मन की उदासी और भावनात्मक क्रूरता चिंता का विषय होगी। क्लेश और अलगाव बढ़ेगा।

मेघेश पद पर देव गुरु बृहस्पति के विराजने से

धान्य खूब पैदा होकर रख रखाव के अभाव में सड़ेंगे। और उसकी पूर्ति आयात के माध्यम से होगी। रसीले पदार्थों की पैदावार बहुत होगी, पर कुछ पैदावार असामयिक बारिश की भेंट चढ़ेंगे तो कुछ कीड़ों का प्रसाद बनेंगे। फिर भी काफ़ी फल आम जन को उपलब्ध होंगे। यज्ञ, हवन और धार्मिक अनुष्ठानों में वृद्धि होगी। राजाओं, नेताओं और बड़े लोगों को अगले बरस प्रभु की याद ह्रदय में नहीं मंदिर-मस्जिद में ज़्यादा सतायेगी। सुधारवादी नीतियां के दूरगामी लाभ आगे शायद ज़रूर मिले, पर अगले साल तो जनमानस का कचूमर निकल जाएगा।

– मंगल के रसेश होने से शासन, प्रशासन प्रजा और व्यापारियों के प्रति क्रूर नज़र आयेगा। मुट्ठी भर लोगों के कारण आम जन को पीड़ा झेलनी होगी।

– सूर्य के निरसेश होने से सोने के भाव में क्षणिक ही सही, पर सोने के भाव में कुछ वृद्धि उसके पश्चात गिरावट की सम्भावना है। पर आभूषण महंगा होने के बाद भी व्यापारी लाभ का भागी नहीं बनेगा। जनता की रुचि जवाहरात में अचानक कम हो जाएगी। लोगों के स्वभाव में धैर्य कम होगा, बेचैनी और झुंझलाहट बढ़ेगी।

– बुध के फलेश होने से सीमित धन या संसाधन से अधिक लाभ की प्रवृत्ति या तकनीक का विस्तार होगा। व्यक्तिगत व पारिवारिक सम्बन्धों में मधुरता बढ़ेगी। पुष्पों का उत्पादन और निर्यात में वृद्धि की स्थिति बनेगी।

– धनेश पद पर सूर्य की उपस्थिति से ख़स्ता बाज़ार में भी नये धनी मोटा माल कमायेंगे। पशुओं के कारोबारी लाभ में होंगे। दुर्गेश पद पर बृहस्पति के विराजने से नीति के रूप में नवीन योजनाओं की अधिकता होगी। शहर से लेकर तक ग्राम तक के लोगों के लिए नवीन योजनाओं का सूत्रपात होगा। इनका लाभ इस बरस प्रत्यक्ष से ज़्यादा दस्तावेज़ों में बढ़-चढ़ कर नज़र आयेगा।
सदगुरुश्री के अनुसार 26 अप्रेल, 2018 को नया पराधावी नाम का नया संवत 20175 वजूद में आएगा। जिसके राजा सूर्य और मंत्री शनि होंगे, जिससे परिवार, समाज, राष्ट्र और राष्ट्रों में परस्पर वैमनस्य उत्पन्न होगा। विपरीत परिस्थितियां विकास का मार्ग प्रशस्त करती हैं। सूर्य के राजा होने से मन बेचैन रहेगा। अग्नि से धन संपत्ति का नाश होगा। चोरी की घटनाएँ बढ़ेंगी। कई बड़ी नामी गिरामी हस्तियों की मृत्यु के मिल रहे हैं। गाय-भैंसों के दुग्ध में कमी होगी। इस बरस पानी कम बरसेगा। अनाज और फलों की पैदावार में कमी होगी। शनि के मंत्री पद पर विराजने से जगत में धन की कमी का आभास होगा राष्ट्राध्यक्षों का दुस्साहस और विवेकहीन आचरण मन बेचैन करेगा। अधिकारी गण प्रजा के प्रति क्रूर हो जाएंगे।

सस्येश के पद पर मंगल होने से अनाज, मूंग, उड़द गेहूं और तिल के भावों में तेज़ी रहेगी। दुर्गेश शुक्र होने से सुरक्षा के प्रति सचेत रहना होगा। जनता की चिंता बढ़ेगी। धनेश चंद्र होने से नए अमीरों का उदय होगा। पुराने नेस्तनाबूद होंगे। रसेश के पद पर वृहस्पति के विराजने से वाहन सुख में इज़ाफ़ा होगा। योग और आध्यात्मिक मूल्यों को आकाश मिलेगा। नदी में जल भरा रहेगा। सूर्य के धान्येश पद पर आसीन होने से किसी रोग या विकार फैलने की सम्भावना है। राष्ट्रों, राजनेताओं और लोगों में परस्पर वैमनस्य संभव है। चंद्रमा के नीरसेश पद ग्रहण करने से टेक्सटाइल, शक्कर, चांदी इत्यादि के व्यापार में वृद्धि होगी। फलेश शुक्र होने से आध्यात्मिक रुचि में वृद्धि के संकेत मिल रहे हैं। शुक्र के ही मेघेश का पद भार सम्हालने से सुख शांति का सूत्रपात होगा। पश्चिमी भूभाग में अधिक वर्षा होगी।

सदगुरुश्री का स्पष्ट संकेत है कि बेमेल समीकरणों के कारण यह वर्ष मिली जुली घटनाओं का साक्षी बनेगा।किसी नेता को लेकर कोई विवाद या अजीब ख़बर आएगी। विरोधी ध्रुविकरण का प्रयास करेंगे, पर इस साल भी उन्हें सफलता मुँह चिढ़ाएगी। इस वर्ष में आगजनी, वायु और सड़क दुर्घटना, संघर्ष, ख़ून ख़राबे और अपहरण जैसी कई घटनायें विचलित करेंगी। असंगठित अपराध में कुछ वृद्धि होगी। कर्मेश शनि के कारण न्यायपालिका धारदार नज़र आयेगी और सक्रीय भूमिका निभाएगी। शत्रु शनि से दृष्ट कम वर्षा और बाद में सैलाब जैसी बारिश बेचैन कर देगी। कई विशिष्ट और ख्याति प्राप्त शख़्सियत, उद्योगपति, अभिनेता या राजनेता की क्षति, अपमान या उससे जुड़ी किसी बुरी ख़बर से लोग अवाक् रह जायेंगे। कई उद्योगपति क़ानूनी शिकंजों में फंसे नज़र आयेंगे।

पॉवर और एनर्जी के क्षेत्र में अपार संभावना पैदा होगी। इस क्षेत्र में अब से लेकर अगले कई वर्षों तक तेज़ी का योग है। शेयर बाज़ार जनवरी के बाद नई तेज़ी नज़र आएगी। कुछ क्षेत्रो के कुछ शेयरों में अगले वर्ष और कुछ वर्षों में कई गुने की भारी तेज़ी दर्ज होगी। प्रॉपर्टी में मामूली गहमागहमी की कोशिश होगी ज़रूर, पर सारी आस पानी के बुलबुले की तरह ध्वस्त हो जायेगी। संपत्ति कारोबार में नये तरह का ठहराव दृष्टिगोचर होगी। इस साल कोई ख़बर जनता के होंठों की मुस्कान का सबब बनेगी। धन की कमी साफ़ नज़र आएगी।

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First Published on December 30, 2017 5:20 pm