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माघ माह में माणिक से बने शिवलिंग का पूजन देता है लाभ, हर महीने की पूजा का अलग है फल

शास्त्रों के मुताबिक वैशाख के महीने में हीरे से बने शिवलिंग की पूजा करनी चाहिए।

शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने से शिव जी प्रसन्न होते हैं।

हिंदू धर्म में भगवान शिव का बहुत महत्व है। लोग शिव जी की पूजा करने के लिए घर में शिवलिंग स्थापित करते हैं। भगवान शिव को भोलेनाथ के नाम से जाना जाता है। कहा जाता है भगवान शिव अपने भक्तों की बात जल्दी सुन लेते हैं और उनकी समस्याओं का निवारण करते हैं। शास्त्रों में शिवलिंग पूजा के बिना शिव पूजा अधूरी मानी जाती है। इसलिए शास्त्रों में शिवलिंग पूजा पर जोर दिया गया है। कहा जाता है शिवलिंग की पूजा करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए, जिससे अनिष्ट होने से बचा जा सकता है। श्रीलिंग में शिवलिंग पूजा करने से जुड़ी कुछ विशेष बातें बताई गई है। आइए जानते हैं।

शास्त्रों के मुताबिक वैशाख के महीने में हीरे से बने शिवलिंग की पूजा करनी चाहिए। ज्येष्ठ मास में पन्ने से निर्मित शिवलिंग की पूजा करनी चाहिए। आषाढ़ माह में मोती से बने शिवलिंग की पूजा करनी चाहिए।

सावन के महीने में नीलम से बने शिवलिंग की पूजा करनी चाहिए। कहा जाता है इससे भगवान शिव हर मनोकामना पूरी करते हैं। भादौ में पुखराज के शिवलिंग से पूजा करनी चाहिए। आश्विन महीने में गोमेद से बने शिवलिंग, कार्तिक मास में मूंगे से बने शिवलिंग, अगहन मास में लहसुनिया से बने शिवलिंग की पूजा करनी चाहिए।

इसके अलावा पौष के महीने में नीले रंग के पुखराज से शिवलिंग की पूजा करनी चाहिए। माघ महीने में माणिक और फाल्गुन मास में स्फटिक से बने शिवलिंग की पूजा करनी चाहिए।

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First Published on December 30, 2017 5:22 pm