ताज़ा खबर
 

साल 2017 में घटेंगी आतंकी घटनाएं, भाद्र-आश्विन में छूट सकता है किसी नामी नेता या अभिनेता का साथ

टैक्स का स्वामी मंगल होने से जनता को अगले साल टैक्स इत्यादि मामलों में फौरी राहत मिल सकती है

सदगुरु स्वामी आनंद जौहरी के अनुसार साल 2017 में कई नामचीन लोगों की मृत्यु हो सकती है।

वर्ष 2017 की शुरुआत बुद्धादित्य नामक राजयोग से होगी लेकिन आने वाला साल प्राकृतिक और ग़ैर प्राकृतिक झमेलों का भी होगा। इस दौरान आगजनी, वायु और सड़क दुर्घटना, संघर्ष, ख़ून ख़राबे और अपहरण जैसी कई घटनायें विचलित करेंगी। असंगठित अपराध में कुछ वृद्धि होगी। कर्मेश शनि के कारण न्यायपालिका धारदार नज़र आयेगी और सक्रिय भूमिका निभाएगी।

शत्रु शनि से दृष्ट कम वर्षा और बाद में सैलाब जैसी बारिश बेचैन कर देगी। इस साल महामारी और ज़हरीले जीवों से कष्ट होगा। आने वाले साल में (विशेष रूप से) भाद्र पद से आश्विन मास के मध्य किसी विशिष्ट और ख्याति प्राप्त व्यक्ति, अभिनेता या राजनेता की क्षति से लोग अवाक् रह जाएंगे। विश्व और राष्ट्र में आतंक की कुछ विचित्र घटनाएं स्तब्ध करेंगी, लेकिन इनमें पिछले दो वर्षों की अपेक्षा बेहद मामूली ही सही, पर कमी का भी अहसास होगा। नीच के बुध के पराक्रमेश होने से सरहद पर बेचैनी और झड़प नज़र आयेगी, वहीं मंगल के मार्केश होने से कुछ जनहानि सम्भव है।

नया साल जब अस्तित्व में आयेगा तो राजकुमार बुध अपने दुश्मन बृहस्पति के घर धनु में परिक्रमा करते नज़र आएंगे। बुध यहां अपने मित्र सूर्य के साथ बुद्धादित्य नामक राजयोग बनाकर नई आशा जगाएंगे। वहीं ज्ञान-विज्ञान के देव बृहस्पति भी उसी दुश्मन बुध की राशि कन्या अपनी ही राशि मीन पर नज़र गड़ाएंगे। न्यायाधीश शनि, जहां सेनापति मंगल के घर वृश्चिक से बोरिया बिस्तर समेटते हुए भृकुटि चढ़ायेंगे। आम लोग शनि के जाने के लिए उनका शुक्रिया अदा करेंगे।

Read Also: वार्षिक राशिफल 2017: जानें कैसा रहेगा अलग-अलग राशियों का भविष्य

साल 2017 में शुक्र और केतु के साथ मंगल भी शत्रु शनि के घर कुम्भ में हुंकार लगाएगा। प्रखर मस्तिष्क का मालिक राहु अपने महाशत्रु सूर्य के घर सिंह में कुछ अलग ही गुल खिलाएगा। राहु निश्चित रूप से सकारात्मक स्थिति नहीं बनाएगा। विकसित राष्ट्रों के मध्य भारत का दबदबा बढ़ेगा। ग्रहों की मानें तो अगले साल पाकिस्तान का अगले साल अंतरराष्ट्रीय समुदाय में असर कम होगा। भारत के लिए आगामी वर्ष में पाकिस्तान से ज्यादा चीन की चिंता करनी पड़ेगी। भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खट्टे-मीठे दोनों तरह के अनुभवों से गुजरना होगा।

साल 2016 के आखिरी दोनों महीनों में नोटबंदी और उसके चर्चाएं छायी रहीं। अगले साल के पहले महीने के आखिरी हफ्ते में नोटबंदी से होने वाली दिक्कतों से जनता को राहत मिलेगी। 26 जनवरी, 2017 को जब शनिदेव अपने 62 चन्द्रमाओं के साथ अपना घर बदलेंगे तो कई सकारात्मक परिणाम प्राप्त होंगे। नोटबंदी से उपजी मुश्किलें 26 जनवरी के बाद कम होने लगेंगी।

टैक्स का स्वामी मंगल होने से जनता को टैक्स इत्यादि मामलों में फौरी राहत मिल सकती है। 21 मई से शनि के वक्री होने से 18 नवम्बर को उसके मार्गी होने तक के बीच में अर्थव्यवस्था की रफ़्तार धीमी होने से नोटबंदी के लाभ के साथ उसके कुप्रभाव भी दिखाई देंगे। बहुत संभव है कि साल 2016 की तरह अगले साल भी साल के आखिरी महीनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार आलोचनाओं में घिर जाए।

साल 2017 के दो संवत्सरों का मूल्यांकन, नेताओं और अमीरों को प्रभु की याद ज्यादा सताएगी

देश-दुनिया की तमाम ख़बरों के लिए क्लिक करें…

VIDEO: अंक ज्योतिष के आधार पर क्या है नए साल का महत्व, 2017 में अलग संख्या के अर्थ को समझें

VIDEO: 2017 अंक ज्योतिष व्यक्तिगत वर्ष के आधार पर भविष्यवाणी

ब्रेकिंग न्‍यूज, अपडेट, एनालिसिस, ब्‍लॉग के लिए फेसबुक पेज लाइक, ट्विटर हैंडल फॉलो करें और लिंक्ड इन पर जुड़ें

First Published on December 29, 2016 7:53 pm