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ग्रह दोष दूर करने के ल‍िए रत्‍न नहीं खरीद सकते तो धारण करें ये वनस्‍पत‍ि, है बराबर फल

राहु के लिए सफेद चंदन पुष्य नक्षत्र में धारण करें। इसे बुधवार के दिन नीले धागे में गले में धारण करें।

शनि ग्रह के लिए धतूरा पुष्य नक्षत्र में धारण करना चाहिए।

इंसान ग्रह दोष से बचने के लिए कई बार रत्न धारण करता है लेकिन वह बहुत महंगे होते हैं। इसलिए वह उन्हें खरीद नहीं पाता है। ऐसी दशा में हम कुछ खास वनस्पतियों का प्रयोग कर हम रत्न के समान फल पा सकते हैं और अपने ग्रहों को बेहतर बना सकते हैं। हर वनस्पति के अंदर अलग-अलग तरह के गुण, सुगंध और एक विशेष तरंग मौजूद होती है। ये तरंगे किसी विशेष नक्षत्र में प्रभाविक होकर संबंधित ग्रहों के दोष दूर कर सकती है। ये वनस्पति इतनी ताकतवर हो जाती है कि कीमती रत्नों की तरह काम करती है। किस ग्रह के लिए करें कौन से पेड़-पौधे का इस्तेमाल, आइए जानते हैं –

सूर्य –  सूर्य दोष दूर करने के लिए बेल की जड़ धारण करें। इसे कृत्तिका नक्षत्र में ले आएं और गुलाबी धागे में बांधकर रविवार सुबह गले में धारण करें। इसे धारण करने से सूर्य संबंधित समस्याएं दूर हो सकती है। यह उपाय माणिक रत्न के समान काम करता है।

चंद्रमा – चंद्रमा के लिए खिरनी की जड़ धारण करनी चाहिए। इसे रोहिणी नक्षत्र में ले आएं और सफेद रेशमी धागे में बांधकर सोमवार की रात में धारण करें। इससे चंद्रमा दोष खत्म हो जाएंगे।

मंगल – मंगल ग्रह के दोष से बचने के लिए अनंतमूल की जड़ चित्रा नक्षत्र में धारण करनी चाहिए। इसे लाल धागे में बांधकर गले या कमर में मंगलवार के दिन धारण करें। ऐसा करने से मंगल मजबूत होगा।

बुध – इस ग्रह के लिए विधारा की जड़ ज्येष्ठा नक्षत्र में धारण करें। इसे बुधवार के दिन हरे धागे में बांधकर गले में धारण करें। यह पन्ने की तरह काम करेगा। इससे आपका बुध मजबूत होगा।

बृहस्पति – इस ग्रह के लिए केले की जड़ विशाखा नक्षत्र में धारण करें। इसे पीले धागे में बांधकर गले में धारण करें। यह बिल्कुल पीले पुखराज की तरह काम करेगा।

शुक्र – शुक्र के लिए सरपोंख की जड़ पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में धारण करें। इसे चांदी के लॉकेट में शुक्रवार के दिन धारण करें। ऐसा करने से शुक्र दोष शांत हो जाएंगे। यह उपाय हीरे की तरह काम करेगा।

शनि – शनि ग्रह के लिए धतूरा पुष्य नक्षत्र में धारण करना चाहिए। इसे काले धागे में शनिवार के दिन गले में धारण करें। यह बिल्कुल नीलम की तरह काम करेगा।

राहु – राहु के लिए सफेद चंदन पुष्य नक्षत्र में धारण करें। इसे बुधवार के दिन नीले धागे में गले में धारण करें। यह गोमेद की तरह काम करेगा।

केतु – केतु के लिए अश्वगंधा की जड़ पुष्य नक्षत्र में धारण करें। इसे गुरुवार के दिन पीले धागे में गले में धारण करें। यह लहसुनिया रत्न की तरह काम करेगा।

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First Published on November 21, 2017 2:17 pm

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