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अमिताभ बच्चन के लिए 2018 होगा उत्तम, हो सकती है छोटी स्वास्थ्य समस्या

Amitabh Bachchan Kundali 2018 : इस समय सदी के महानायक भाग्येश और सुखेश शुक्र की महादशा भोग रहे हैं, जो उत्तम काल है। यह योग थोड़ी आलोचना व मामूली विवाद के साथ सरकार से लाभ का अपार सुख प्रदान करता है।

बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन।

भारतीय सिनेमा के महानायक अमिताभ बच्चन की ज्ञात जन्म तिथि 11 अक्टूबर, 1942, समय लगभग 16.०० बजे, स्थान-इलाहाबाद है। यदि उनका यह जन्म विवरण सत्य है तो उनकी कुंडली इस प्रकार है। श्री बच्चन की राशि तुला, और लग्न कुंभ है। उनकी कुंडली में सूर्य परम मित्र बुध की राशि कन्या में मंगल, शुक्र और स्वग्रही बुध के साथ विराजमान है। चंद्रमा भाग्य में शुक्र की राशि तुला में, कुंभ का केतु लग्न में, वृष का शनि सुख भाव में और सिंह का राहू सप्तम में आसीन है। श्री बच्चन पिछले साढ़े सात वर्षों की शनि की साढ़े साती की जद्दोजहद के बाद 26 अक्टूबर, 2017 को उसके प्रभाव से मुक्त हुए हैं। यह स्थिति अगले वर्ष सुख का कारक बनेगी। इस समय सदी के महानायक भाग्येश और सुखेश शुक्र की महादशा भोग रहे हैं, जो उत्तम काल है। यह योग थोड़ी आलोचना व मामूली विवाद के साथ सरकार से लाभ का अपार सुख प्रदान करता है। 19 मई, 2018 तक ये शुक्र में अष्टम में आसीन सप्तमेश सूर्य की अंतर्दशा के अधीन है। यह स्थिति स्वास्थ्य उलटा असर डालती हैं। यह योग ह्रदय, आँख सहित शरीर के मध्य को प्रभावित करता है। 19 मई, 2018 को जब भाग्य भाव में विराजमान षष्ठेश चंद्रमा की अंतर्दशा आरंभ होगी, राज्य सत्ता से सम्मान के साथ अपार आनन्द प्राप्त होगा। कुल मिलाकर स्वास्थ्य की जटिलताओं के साथ श्री बच्चन के लिए 2018 का साल अच्छा है।

जीवन में प्रेम भाव- अमिताभ बच्चन के प्रेम पर अक्सर सवाल उठते हैं। कहा जाता है कि उनका प्रेम अधूरा रह गया। अमिताभ बच्चन की तुला राशि को प्रेम के अनुकूल माना जाता है। और यह शुक्र ग्रह की प्रिय राशि मानी जाती है। शुक्र को भावनाओं का स्वामी कहा जाता है, कुंडली में अष्टम भाव है जिससे अमिताभ बच्चन ज्यादा भावनात्मक हैं और समस्यापरक भी है। कुंभ लग्न के कारण अमिताभ बच्चन अपने प्रेम का रहस्य बनाने में कामयाब हुए। बृहस्पति की मध्य दशा से प्रेम की शुरुआत हुई। इसके बाद जब 1990 में शनि ग्रह आया तो अमिताभ बच्चन ने अपने प्रेम को रहस्य बना दिया।

उपाय – नियमित रूप से सूर्य को जल चढ़ाएं। सूर्य के मंत्र का जप करना चाहिए। एक और नीलम पहनना चाहिए। भगवान शिव की उपासना करनी चाहिए।

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First Published on January 1, 2018 2:41 pm