Surya Grahan 2026: साल का दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त को श्रावण अमावस्या यानी हरियाली अमावस्या के दिन लगने वाला है। ये एक पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा। हालांकि ये ग्रहण भारत में नजर नहीं आने वाला है। ऐसे में सूतक काल मान्य नहीं होगा। ज्योतिषचार्यों के अनुसार ये सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा लेकिन इसका असर 12 राशियों के साथ-साथ वैश्विक स्तर में देखने को मिल सकता है। भारतीय समय के अनुसार यह ग्रहण 12 अगस्त की रात करीब 9:04 से शुरू होगा और फिर रात के 1:28 पर समाप्त होगा। ये ग्रहण कर्क राशि और अश्लेषा नक्षत्र में लगने वाला है। ऐसे में कुछ राशि के जातकों को कई क्षेत्रों में असर देखने को मिल सकता है। हालांकि कुछ ऐसी राशियां है जिनपर सूर्य ग्रहण का काफी कम नकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकता है। ये विश्लेषण चंद्र राशि के आधार पर किया जा रहा है। आइए जानते हैं सूर्य ग्रहण किन राशियों के लिए शुभ हो सकता है…

वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, साल का आखिरी सूर्य ग्रहण कर्क राशि और अश्लेषा  में लगने वाला है। कर्क चंद्रमा और अश्लेषा नक्षत्र बुध का है। कुछ राशियों पर इसका प्रभाव अधिक और कुछ पर अपेक्षाकृत कम माना गया है। साथ ही यह भी माना जाता है कि ग्रहण हमेशा केवल नकारात्मक परिणाम ही नहीं देता, बल्कि कई बार शुभ अवसर और लाभ भी प्रदान करता है। हालांकि इस ग्रहण के समय राहु, केतु, शनि और मंगल की विशेष स्थिति के कारण सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

बता दें कि सूर्य ग्रहण के दिन बुधादित्य, त्रिग्रही, गजकेसरी, चतुर्ग्रही से लेकर हंस राजयोग का निर्माण कर्क राशि में हो रहा है। जिन लोगों की कर्क राशि है और जिनका समय पहले से ही चुनौतीपूर्ण चल रहा है, उन्हें घबराने की आवश्यकता नहीं है। ग्रहण के दौरान पारंपरिक नियमों का पालन करना, संयम रखना और सकारात्मक सोच बनाए रखना लाभकारी माना गया है।

मेष राशि पर सूर्य ग्रहण का असर (Aries Zodiac)

मेष राशि के जातकों के लिए सूर्य ग्रहण का असर सकारात्मक देखने को मिल रहा है। इस राशि के सुख के साथ यानी चौथे भाव में ग्रहण लगने वाला है। ऐसे में इस राशि के जातकों के लंबे समय से रुके काम पूरे होने के योग बन रहे हैं। जीवन में चला आ रहा अनिश्चितता का दौर समाप्त हो सकता है। कोई प्रॉपर्टी से संबंधित कोई पुराना कागज मिल सकता है, जिससे आपको काफी लाभ मिल सकता है। परिवार के सदस्यों के साथ अच्छा समय बीत सकता है।  जीवन में खुशियों की दस्तक हो सकती है।

कन्या राशि पर सूर्य ग्रहण का असर (Virgo Zodiac)

कन्या राशि के जातकों के लिए कई मायनों में सूर्य ग्रहण शुभ हो सकता है। इस राशि की गोचर कुंडली के ग्यारहवें  भाव में ग्रहण लगने वाला है। ऐसे में आपके जीवन में सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है। लंबे समय से लगाई गई उम्मीद पूरी हो सकती है। किसी पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है। समूह या फिर नेटवर्क में बदलाव हो सकता है। हालांकि किसी भी प्रकार का निवेश बिना सोचे समझे न करें। ग्रहण के बाद  आय के नए स्त्रोत खुल सकते हैं। आपको नौकरी में नए अवसर मिल सकते हैं। छात्रों के लिए ये समय अच्छा हो सकता है।

तुला राशि पर सूर्य ग्रहण का असर (Libra Zodiac)

सूर्य ग्रहण इस राशि के जातकों के लिए लाभकारी हो सकता है। ग्रहों की अनुकूल स्थिति और ईश्वर की कृपा से अच्छे परिणाम मिलने की संभावना व्यक्त की गई है। इस राशि के दशम भाव में ग्रहण लगने वाला है। ऐसे में इस राशि के जातकों को ग्रहण के बाद नौकरी में काफी सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है। नौकरी में नए अवसर से लेकर इंक्रीमेंट, बोनस और पदोन्नति के योग बन रहे हैं। परिवार के साथ अच्छा वक्त बीत सकता है।

मीन राशि पर सूर्य ग्रहण का असर (Pisces Zodiac)

मीन राशि के लिए ग्रहण पांचवें भाव में बताया गया है, जो संतान, शिक्षा, रचनात्मकता और महत्वाकांक्षाओं से संबंधित है। ऐसे में कोई पुरानी महत्वाकांक्षा या अधूरा काम इस दौरान समाप्त हो सकता है या नए रूप में दोबारा शुरू हो सकता है। बच्चों की पढ़ाई या उनकी मानसिक स्थिति को लेकर चिंता बढ़ सकती है। लेकिन समय के साथ ये सही हो सकता है। पार्टनर के साथ अच्छा वक्त बीत सकता है। अक्टूबर के आसपास रचनात्मक कार्यों, शिक्षा या संतान से जुड़ी अच्छी खबर मिलने की संभावना बताई गई है।

डिस्क्लेमर: यह सामग्री ज्योतिषीय मान्यताओं और पारंपरिक ज्योतिषीय व्याख्याओं पर आधारित है। इसे वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित भविष्यवाणी या निश्चित तथ्य न माना जाए। ग्रहण, राशियों और ग्रहों के प्रभाव से संबंधित बातें व्यक्ति की जन्म-कुंडली और ज्योतिषीय परंपराओं के अनुसार अलग-अलग बताई जाती हैं। किसी भी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य, आर्थिक, कानूनी, करियर या व्यक्तिगत निर्णय के लिए केवल इस जानकारी पर निर्भर न रहें। निवेश या वित्तीय निर्णय लेने से पहले योग्य वित्तीय सलाहकार की सलाह लें। इस सामग्री का उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी और ज्योतिषीय दृष्टिकोण प्रस्तुत करना है, किसी प्रकार का डर या अंधविश्वास उत्पन्न करना नहीं।