Shani Gochar 2026: वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कर्मफल दाता शनि इस समय मीन राशि में वक्री अवस्था में संचरण कर रहे हैं। इसके साथ ही वह रेवती नक्षत्र के प्रथम चरण में विचरण कर रहे हैं और यही शनि 9 अक्टूबर को उत्तराभाद्रपद नक्षत्र के चतुर्थ चरण में वक्री अवस्था में गोचर करने वाले हैं। न्याय के देवता शनि 11 दिसंबर 2026 तक वक्री अवस्था में रहेंगे और 8 फरवरी 2027 को पुन: रेवती नक्षत्र के पहले चरण में मार्गी अवस्था में गोचर कर जाएंगे। शनि के उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में जाने से 12 राशियों के जीवन में प्रभाव देखने को मिलने वाला है। यह विश्लेषण चंद्र राशि के आधार पर किया जा रहा है। आइए जानते हैं शनि के उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में जाने से मेष से लेकर मीन राशि पर प्रभाव…
बता दें कि शनि वर्तमान में वक्री चाल से चल रहे हैं। वक्री होने पर हमें प्रतीत होता है कि कोई ग्रह पीछे की ओर चल रहा है। लेकिन वास्तव में कोई भी ग्रह पीछे की ओर नहीं चलता है बल्कि ऐसा कोणीय दूरी के कारण पृथ्वी से प्रतीत होता है। इस समय हमें प्रतीत हो रहा है कि शनि पीछे की ओर चल रहे हैं। इस समय शनि मीन राशि और रेवती नक्षत्र के प्रथम चरण में विराजमान है। ऐसे में पीछे क्रम से देखें, तो रेवती नक्षत्र के ठीक पीछे उत्तराभाद्रपद नक्षत्र का चौथा पद है। ऐसे में वह वक्री अवस्था में इसी चरण में प्रवेश करने वाले हैं। ऐसे में 8 फरवरी 2027 तक आपके कर्म का पुन: मूल्यांकन शनि कर सकते हैं।
द्रिक पंचांग के अनुसार, 9 अक्टूबर 2026, शुक्रवार को 07:28 पी एम बजे अपने ही नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश कर जाएंगे। आकाश मंडल के 27 नक्षत्रों में से 26वां नक्षत्र उत्तराभाद्रपद है। इस नक्षत्र के स्वामी शनि और राशि मीन है। इस नक्षत्र में शनि के आने से आध्यात्मिक गहराई से लेकर आत्म चिंतन करेंगे। इसके साथ ही आपकी स्किल्स, ट्रांसफार्मेशन हो सकता है। आपके सोचने की क्षमता में भी बदलाव हो सकता है। ऐसे में आप अपने जीवन में आने वाली परेशानियों को बेहतर तरीके से डील कर सकते हैं। आपके जीवन में सकारात्मक असर देखने को मिल सकते हैं।
मेष राशि पर शनि के उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में जाने का असर (Aries Zodiac)
शनि उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश करके इस राशि के 12वें भाव में रहने वाले हैं। ऐसे में घाटे, निवेश और विदेश यात्रा-सेटलमेंट से जुड़ी पुरानी परेशानियां फिर से शुरू हो सकती हैं, लेकिन इस बार आप उन्हें बेहतर तरीके से संभाल पाएंगे और आत्मविश्वास बढ़ेगा।
वृषभ राशि पर शनि के उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में जाने का असर (Taurus Zodiac)
शनि वक्री अवस्था में इस राशि के ग्यारहवें भाव में गोचर कर रहे हैं। ऐसे में इस राशि के जातकों को भाग्य का साथ मिलने के साथ कई इच्छाएं पूरी हो सकती है। सहकर्मियों, मित्र मंडली, सामाजिक जीवन और आय वृद्धि से जुड़ी पुरानी परेशानियां दोबारा सामने आ सकती हैं।
मिथुन राशि पर शनि के उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में जाने का असर (Gemini Zodiac)
इस राशि के 10वें भाव में शनि संचरण करेंगे। ऐसे में कर्मक्षेत्र, बॉस, उच्च अधिकारी, पिता और सामाजिक प्रतिष्ठा से जुड़ी पुरानी समस्याएं फिर से सामने आ सकती हैं, लेकिन आप उन्हें बेहतर तरीके से डील कर पाएंगे।
कर्क राशि पर शनि के उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में जाने का असर (Cancer Zodiac)
शनि उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश करके इस राशि के भाग्य भाव में वक्री होंगे। ऐसे में इस राशि के जातकों को सतर्क रहने की जरूरत है। धर्म, अध्यात्म, उच्च दर्शन और विदेश यात्रा से जुड़ी पुरानी परेशानियां फिर से लौट सकती हैं, लेकिन आप उन्हें बहुत ही बेहतर तरीके से संभाल पाएंगे।
सिंह राशि पर शनि के उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में जाने का असर (Leo Zodiac)
इस राशि के आठवें भाव में शनि संचरण करेंगे। दांपत्य जीवन, ससुराल पक्ष, अचानक घटनाएं, बड़ी बीमारी, कर्ज और शत्रु से जुड़ी पुरानी समस्याएं दोबारा सामने आ सकती हैं, पर अब बेहतर तरीके से डील कर पाएंगे।
कन्या राशि पर शनि के उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में जाने का असर (Virgo Zodiac)
कर्मफल दाता शनि सातवें भाव में संचरण करेंगे। ऐसे में शनि रिश्ते, साझेदारी, व्यापार और अनुबंध से जुड़ी पुरानी परेशानियां दोबारा परखेंगे, लेकिन इस बार आप उन्हें बहुत ही बेहतर तरीके से संभाल पाएंगे।
तुला राशि पर शनि के उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में जाने का असर (Libra Zodiac)
इस राशि के जातकों को थोड़ा संभलकर रहने की जरूरत है, क्योंकि रोग, कर्ज, शत्रु, दैनिक कार्य और कार्य वातावरण से जुड़ी पुरानी परेशानियां बड़े रूप में लौट सकती हैं, लेकिन आप इस बार उन्हें बेहतर तरीके से डील कर पाएंगे।
वृश्चिक राशि पर शनि के उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में जाने का असर (Scorpio Zodiac)
इस राशि के पांचवें भाव में शनि संचरण करने वाले हैं। ऐसे में इस राशि के जातकों को संतान, पढ़ाई और कार्य-प्रदर्शन से जुड़ी पुरानी परेशानियां फिर से एक बार सामने आ सकती हैं, लेकिन आप उन्हें बहुत ही बेहतर तरीके से डील कर पाएंगे।
धनु राशि पर शनि के उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में जाने का असर (Sagittarius Zodiac)
शनि चौथे भाव में वक्री भाव में संचरण कर रहे हैं। ऐसे में इन राशियों का मां का साथ मिल सकता है। घर-परिवार, जमीन-मकान और पैतृक संपत्ति से जुड़ी पुरानी परेशानियां फिर से प्रारंभ हो सकती हैं, लेकिन आप उन्हें बहुत ही बेहतर तरीके से संभाल पाएंगे।
मकर राशि पर शनि के उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में जाने का असर (Capricorn Zodiac)
इस राशि के जातकों की छोटे भाई-बहन, आसपास के लोगों, प्रयास-संघर्ष और सीखने से जुड़ी पुरानी परेशानियां फिर से लौट सकती हैं, लेकिन आप इस बार उन्हें बेहतर तरीके से डील कर पाएंगे।
कुंभ राशि पर शनि के उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में जाने का असर (Aquarius Zodiac)
इस अवधि में इस राशि के जातकों को सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि इस अवधि में परिवार, बैंक बैलेंस, एसेट्स, मूल्य-प्रणाली और वाणी से जुड़ी कुछ परेशानियां फिर से सामने आ सकती हैं, कोई रोग भी संभव है, लेकिन आप उन्हें बहुत ही बेहतर तरीके से डील कर पाएंगे।
मीन राशि पर शनि के उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में जाने का असर (Pisces Zodiac)
इस राशि के जातकों को स्वयं से जुड़ी पुरानी परेशानियां और टला हुआ ट्रांसफर फिर से बन सकता है। पिता या सरकारी उच्च अधिकारी से कुछ परेशानी संभव है, लेकिन अब आप उनसे बहुत बेहतर तरीके से निपट पाएंगे।
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डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी ज्योतिषीय गणनाओं और सामान्य मान्यताओं पर आधारित है। जनसत्ता इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी तरह के निर्णय पर पहुंचने से पहले संबंधित विषय के विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। एक राशि के नाम के करोड़ों जातक होते हैं। ऐसे में किसी भी तरह के परिणाम में पहुंचने से पहले अपनी कुंडली की जांच किसी शास्त्र के ज्ञाता, ज्योतिषी, पंडित को अवश्य दिखाएं।
