Navpancham Rajyog 2026: वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनि को कर्मफल दाता और न्याय के देवता कहा जाता है, जो सबसे धीमी गति से आगे बढ़ते हैं। वह एक राशि में करीब ढाई साल रहते है जिसके कारण किसी न किसी ग्रह के साथ संयोग करके रहते हैं। इस समय शनि मीन राशि में वक्री अवस्था में विराजमान है और 11 दिसंबर को मार्गी होंगे। ऐसे में वह किसी न किसी ग्रह के साथ संयोग या फिर दृष्टि डालते रहेंगे, जिससे शुभ-अशुभ योगों का निर्माण होता रहेगा। कर्मफल दाता शनि सितंबर माह देवताओं के गुरु शनि के साथ संयोग करके नवपंचम राजयोग का निर्माण करने वाले हैं। इस राजयोग का निर्माण होने से कुछ राशि के जातकों को विशेष लाभ मिल सकता है। लंबे समय से रुके काम पूरे होने के साथ-साथ पद-प्रतिष्ठा की प्राप्ति हो सकती है। ये विश्लेषण चंद्र राशि के आधार पर किया जाता है। आइए जानते हैं किन तीन राशियों को मिल सकता है विशेष लाभ…
वैदिक पंचांग के अनुसार, 1 सितंबर को सुबह 3 बजकर 39 मिनट पर गुरु-शनि एक-दूसरे से 120 डिग्री पर होंगे, जिससे नवपंचम राजयोग का निर्माण हो रहा है। बता दें कि इस समय शनि मीन और गुरु बृहस्पति कर्क राशि में विराजमान होंगे।
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनि इस समय मीन राशि में वक्री अवस्था में है। मीन राशि के स्वामी स्वयं गुरु बृहस्पति है। ऐसे में इसी ग्रह के साथ नवपंचम राजयोग बनानने से कुछ राशि के जातकों को अचानक धन लाभ के साथ जीवन में कई बड़े बदलाव हो सकते हैं।
मेष राशि पर नवपंचम राजयोग का असर (Aries Zodiac)
मेष राशि के जातकों के लिए शनि-गुरु का नवपंचम राजयोग कई क्षेत्रों में सकारात्मक असर डाल सकता है। इस राशि के बारहवें भाव में शनि वक्री होंगे और गुरु बृहस्पति चौथे भाव में विराजमान है। ऐसे में इस राशि के जातकों के अधूरे कार्य पूरे हो सकते हैं। पुराने दायित्वों और अधूरी प्रतिबद्धताओं को पूरा करना अत्यंत आवश्यक रहेगा। हालांकि आपको आलस्य से बचकर रहना चाहिए।
सिंह राशि पर नवपंचम राजयोग का असर (Leo Zodiac)
सिंह राशि के लिए शनि अष्टम भाव में वक्री है और बारहवें भाव में गुरु विराजमान है। ऐसे में इस राशि के जातकों के नौकरी में बदलाव हो सकता है। आपके मन मुताबिक जगह पर ट्रांसफर होने से आप खुश नजर आ सकते हैं। वाणी के माध्यम से आप कई क्षेत्रों में सफल हो सकते हैं। इसके साथ ही आर्थिक मामलों में सफलता हासिल हो सकती है। परिवार के साथ अच्छा वक्त बीत सकता है।
तुला राशि पर नवपंचम राजयोग का असर (Libra Zodiac)
तुला राशि के लिए शनि छठे भाव में वक्री होंगे, जिसे अपेक्षाकृत शुभ माना गया है। ऐसे में गुरु-शनि का नवपंचम राजयोग आपको कई क्षेत्रों में सफलता दिला सकता है। पुराने विचारों और योजनाओं को क्रियान्वित करने का है। नए कार्यों की शुरुआत इस अवधि में लाभकारी हो सकता है। कार्यक्षेत्र में प्रगति का योग बन रहे हैं। लग्जरी लाइफ जी सकते हैं। हालांकि ऐसे में खर्च अधिक हो सकते हैं। व्यापार में नए अवसर मिल सकते हैं जिससे आप अच्छा विस्तार कर सकते हैं।
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डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी ज्योतिषीय गणनाओं और सामान्य मान्यताओं पर आधारित है। जनसत्ता इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी तरह के निर्णय पर पहुंचने से पहले संबंधित विषय के विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। एक राशि के नाम के करोड़ों जातक होते हैं। ऐसे में किसी भी तरह के परिणाम में पहुंचने से पहले अपनी कुंडली की जांच किसी शास्त्र के ज्ञाता, ज्योतिषी, पंडित को अवश्य दिखाएं।
