Rahu Gochar 2026: वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, नवग्रह में राहु को स्थान नहीं दिया है। लेकिन ये एक मायावी, छाया ग्रह है जिसके कारण इसके राशि परिवर्तन करने का असर 12 राशियों के जीवन में किसी न किसी तरह से अवश्य देखने को मिलता है। ज्योतिष शास्त्र में राहु को अचानक होने वाली घटनाओं, महत्वाकांक्षा, विदेश यात्रा, तकनीक, राजनीति और भ्रम आदि का कारक माना जाता है। राहु एक निश्चित अवधि के बाद राशि के अलावा नक्षत्र परिवर्तन भी करते हैं। राहु की स्थिति की बात करें, तो इस समय शनि की राशि कुंभ में संचरण कर रहे हैं और नक्षत्र की बात करें, तो 1 अगस्त 2026 को अपने ही नक्षत्र शतभिषा को छोड़कर मंगल के नक्षत्र धनिष्ठा में प्रवेश कर गए हैं और इस नक्षत्र में 10 अप्रैल 2027 तक रहेंगे। ऐसे में राहु का धनिष्ठा नक्षत्र में जाना इस राशि के जातकों के लिए काफी लाभकारी हो सकता है। यह विश्लेषण चंद्र राशि के आधार पर है। आइए जानते हैं राहु के धनिष्ठा नक्षत्र में जाने से वृश्चिक राशि पर क्या असर पड़ सकता है…
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, आपकी गोचर कुंडली में राहु महाराज की स्थिति की बात करें, तो चौथे भाव में संचरण कर रहे हैं। इस भाव में रहकर राहु की दृष्टि अष्टम, दशम और 12वें भाव पर है। ऐसे में राहु के इस गोचर काल में आप अपने जीवन में बहुत बड़ा परिवर्तन करने जा रहे हैं। राहु के चौथे भाव में होने से नया घर खरीद सकते हैं या फिर पहले से पड़े प्लांट को बनवा सकते हैं या फिर इंटीरियर बदल सकते हैं। घर का वातावरण अच्छा जाने वाला है।
नौकरीपेशा जातकों के लिए राहु का धनिष्ठा नक्षत्र में जाने से कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। दशम भाव में राहु की दृष्टि होने से आप अपने काम में अधिक सक्रिय हो सकते हैं। आपके अंदर रचनात्मकता में बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे आप अपने प्रेजेंटेशन और काम करने का तरीके से दूसरों को प्रभावित कर सकते हैं। आप एक अलग पहचान बना पाने में सफल हो सकते हैं। वृश्चिक राशि के जातक अगर नौकरी बदलने की सोच रहे हैं, तो इस अवधि में बदल सकते हैं। सरकारी नौकरी के भी अवसर बन रहे हैं। इसके अलावा विदेश से जुड़ी कंपनियों में भी अच्छा खासा लाभ मिल सकता है। आप अपने काम से वरिष्ठ अधिकारियों के नजरों में आ सकते हैं। ऐसे में कुछ सहकर्मी आपसे ईर्ष्या कर सकते हैं और आपको किसी न किसी तरह से नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे में आप अपने काम में ध्यान दें। किसी भी विवाद में न फंसे
बिजनेस की दृष्टि से राहु का ये गोचर अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रियल एस्टेट, प्रॉपर्टी, ऑटोमोबाइल, मिनरल्स, ट्रांसपोर्ट, टूरिज्म, मेडिसिन, इंडस्ट्री और टेक्नोलॉजी से जुड़े जातकों को विशेष लाभ मिल सकता है। आप अपने बिजनेस के लिए नए आइडिया निकाल सकते हैं। इससे आपको अच्छा खासा मुनाफा हो सकता है। आयात-निर्यात के व्यापार में भी लाभ मिल सकता है। विदेश में नई बिजनेस डील साइन हो सकती है। इसके अलावा विदेश में अटका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। पैतृक संपत्ति मिलने के भी योग बन रहे हैं। हालांकि मंगल के कारण किसी भी तरह के पैसों से संबंधित निर्णय जल्दबाजी में लें।
राहु के धनिष्ठा नक्षत्र में आने से वृश्चिक राशि के जातकों के शिक्षा के क्षेत्र में लाभ मिल सकता है। इस राशि में मंगल वृश्चिक राशि के लग्नेश होने के साथ-साथ छठे भाव के स्वामी भी हैं। ऐसे में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे जातकों को अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। आप कुछ नया सीख सकते हैं। इससे आपको कई क्षेत्रों में लाभ मिल सकता है। विदेश में पढ़ाई करने की इच्छा रखने वाले छात्रों के लिए भी अवसर बन सकते हैं। उच्च शिक्षा या विदेशी संस्थानों से जुड़े मामलों में प्रगति हो सकती है।
सेहत के मामले में थोड़ी सावधानी रखने की जरूरत है। राहु का अष्टम भाव से संबंध अचानक स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां पैदा कर सकता है। इसलिए छोटी समस्या को नजरअंदाज करने के बजाय समय पर ध्यान देना बेहतर रहेगा। इसके साथ ही मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है।
विवाहित जातकों के लिए राहु का चौथे भाव में प्रभाव होने से घर के वातावरण पर असर देखने को मिल सकता है। ऐसे में परिवार के सदस्यों के बीच गलतफहमी उत्पन्न हो सकती है। ऐसे में इसे बिना किसी लड़ाई-झगड़े के शांत करने की कोशिश करें। राहु की वजह से प्रेम संबंधों में अचानक बदलाव भी देखने को मिल सकते हैं। किसी पुराने संबंध को छोड़कर नए संबंध की ओर बढ़ने की इच्छा हो सकती है।
नोट: यह फलादेश सामान्य चंद्र राशि के आधार पर है। वास्तविक परिणाम व्यक्ति की जन्मकुंडली में राहु, मंगल, शुक्र, दशा-अंतर्दशा और अन्य ग्रहों की स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी ज्योतिषीय गणनाओं और सामान्य मान्यताओं पर आधारित है। जनसत्ता इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी तरह के निर्णय पर पहुंचने से पहले संबंधित विषय के विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। एक राशि के नाम के करोड़ों जातक होते हैं। ऐसे में किसी भी तरह के परिणाम में पहुंचने से पहले अपनी कुंडली की जांच किसी शास्त्र के ज्ञाता, ज्योतिषी, पंडित को अवश्य दिखाएं।
