Rahu Gochar 2026: वैदिक ज्योतिष शास्त्र में राहु को छाया ग्रह माना जाता है जिसकी गिनती नवग्रह में नहीं की जाती है। लेकिन इसका प्रभाव मनुष्य के जीवन में काफी अधिक देखने को मिलता है। राहु एक निश्चित अवधि के बाद राशि और नक्षत्र परिवर्तन करते हैं । इस समय राहु कुंभ राशि में विराजमान है और 1 अगस्त को नक्षत्र परिवर्तन करके धनिष्ठा में प्रवेश कर गए हैं। मंगल के नक्षत्र में राहु के आने से कुछ राशि में मिथुन राशि पर भी काफी प्रभाव देखने को मिलने वाला है। राहु के कुंभ राशि में जाने से मिथुन राशि के भाग्य और कर्म का संतुलन हो सकता है। आइए जानते हैं मिथुन राशि के जातकों के लिए कैसा होगा राहु का धनिष्ठा नक्षत्र में जाने का असर…

मिथुन राशि वालों के लिए राहु का यह गोचर नवम भाव अर्थात भाग्य भाव में होगा। राहु मंगल के नक्षत्र में होने के कारण छठे और ग्यारहवें भाव से संबंधित फल भी देगा। राहु की दृष्टि लग्न, तृतीय और पंचम भाव पर पड़ेगी। इसी समय शनि दशम भाव में रहकर कर्म क्षेत्र को प्रभावित करेंगे तथा वक्री होने के कारण नवम भाव पर भी प्रभाव डालेंगे।

राहु की दृष्टि लग्न भाव में पड़ने से इस राशि के जातकों के कार्यशैली से लेकर जीवन के दृष्टिकोण में काफी बदलाव देखने को मिल सकता है। आप लक्ष्यों को पाने में सफल हो सकते हैं। आपके अंदर जज्बा बढ़ेगा। इसके साथ ही आकस्मिक धन लाभ के भी योग बन रहे हैं। लंबे समय से जीवन में चली आ रही समस्याओं से निजात मिलने के योग बन रहे हैं। नए सपने और योजनाएं पूरी हो सकती है। लेकिन कल्पना के बदले कर्म करने की कोशिश करें, तो सफलता हासिल हो सकती है।

आपके निर्णय क्षमता में काफी बदलाव देखने को मिल सकते हैं। आपके द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयास में सफलता हासिल हो सकती है। अगर राहु के नए विचारों को शनि के अनुशासन के साथ लागू करेंगे तो ग्यारहवें भाव के श्रेष्ठ परिणाम मिल सकते हैं।

राहु की दृष्टि तीसरे भाव में होने से संचार क्षमता में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है। आप बातचीत के माध्यम से कई क्षेत्रों में सफलता हासिल करने के साथ लोगों को प्रभावित कर सकते हैं। नौकरीपेशा जातकों को इस अवधि में काफी लाभ मिल सकता है। अंतर्ज्ञान भी मजबूत रहेगा।

नई नौकरी के अवसर मिल सकते हैं। ऐसे में आपका विभाग, पद या फिर शहर में परिवर्तन हो सकता है। अगर व्यापार करते हैं तो बिना पूरी योजना बनाए बड़ा परिवर्तन करने से बचें। पहले अपने वर्तमान कार्य का विश्लेषण करें और उसमें सुधार तथा नई तकनीक का उपयोग करने पर ध्यान दें।

पंचम तथा छठे भाव में राहु का असर होने से इस राशि के जातकों को शिक्षा के क्षेत्र में भी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे जातकों को सफलता हासिल हो सकती है। आईटी, इंजीनियरिंग, शिक्षा, रिसर्च, क्रिएटिव क्षेत्र और टेक्नोलॉजी से जुड़े लोगों के लिए ये अवधि लाभकारी हो सकती है।

पंचम भाव पर राहु की दृष्टि पड़ रही है। ऐसे में लव लाइफ को लेकर आप गंभीर हो सकते हैं। मंगल की ऊर्जा के कारण अधिकार जताने या वर्चस्व स्थापित करने की भावना भी बढ़ सकती है।

शनि का प्रभाव होने के कारण इस राशि के जातकों को निर्माण कार्यों से लेकर संपत्ति संबंधित सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है।  

राहु के उपाय

घर के हर एक कोने की ठीक ढंग से सफाई करें।  
शनिवार के दिन सफाई कर्मचारी को अपनी योग्यता के अनुसार दान करें।
नशा पदार्थों से पहले खरीदा था।
शनिवार की शाम हल्की रोशनी में “ॐ रां राहवे नमः” मंत्र का जाप करें।
शनिवार को एक जटा वाला नारियल सिर से सात बार उतारकर बहते जल में प्रवाहित करें या शनि मंदिर में अर्पित करें।

जानें जुलाई से लेकर दिसंबर का राशिफल

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डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी ज्योतिषीय गणनाओं और सामान्य मान्यताओं पर आधारित है। जनसत्ता इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी तरह के निर्णय पर पहुंचने से पहले संबंधित विषय के विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। एक राशि के नाम के करोड़ों जातक होते हैं। ऐसे में किसी भी तरह के परिणाम में पहुंचने से पहले अपनी कुंडली की जांच किसी शास्त्र के ज्ञाता, ज्योतिषी, पंडित को अवश्य दिखाएं।