Mars Jupiter Conjunction in Cancer: वैदिक पंचांग के अनुसार 18 सितंबर 2026 को कर्क राशि में मंगल और गुरु का दुर्लभ संयोग बनने जा रहा है। ज्योतिष के अनुसार मंगल और गुरु दोनों ही महत्वपूर्ण ग्रह माने जाते हैं। कर्क राशि में इन दोनों ग्रहों की युति का प्रभाव कई राशियों के जीवन में देखने को मिल सकता है। खासतौर पर कर्क, तुला, कन्या और मेष राशि के जातकों के लिए यह समय करियर, धन और संपत्ति के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा सकता है।
फ्यूचर पंचांग के अनुसार ग्रहों के सेनापति मंगल ग्रह 18 सितंबर को 16 बजकर 35 मिनट पर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे, जहां पहले से ही गुरु ग्रह विराजमान हैं। ऐसे में कर्क राशि में गुरु और मंगल की युति बनने जा रही है। आपको बता दें कि यह युति 29 अक्टूबर तक बनी रहेगी। क्योंकि इस दिन गुरु ग्रह सिंह राशि में गोचर कर जाएंगे।
गुरु और मंगल की युति का कर्क राशि पर प्रभाव (Cancer Zodiac)
मंगल और गुरु का संयोग कर्क राशि के जातकों के लिए आर्थिक रूप से लाभकारी साबित हो सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारी या पदोन्नति के अवसर मिल सकते हैं। व्यापार करने वाले जातकों को कोई बड़ा ऑर्डर या लाभ का सौदा मिल सकता है। धन की स्थिति मजबूत होने के साथ संपत्ति से जुड़े मामलों में भी सकारात्मक परिणाम मिलने के योग बनेंगे। लंबे समय से अटका हुआ कोई काम पूरा हो सकता है।
गुरु और मंगल की युति का तुला राशि पर प्रभाव (Libra Zodiac)
तुला राशि वालों के लिए मंगल-गुरु का यह संयोग करियर में नई दिशा लेकर आ सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत और क्षमता की सराहना होगी। नौकरी में प्रमोशन या वेतन वृद्धि के योग बन सकते हैं। व्यापारियों को निवेश और नए प्रोजेक्ट से फायदा मिल सकता है। अचानक आर्थिक लाभ के साथ धन संचय करने में भी सफलता मिल सकती है।
गुरु और मंगल की युति का कन्या राशि पर प्रभाव (Virgo Zodiac)
कन्या राशि के जातकों के लिए यह ग्रह संयोग भाग्य का साथ बढ़ाने वाला माना जा सकता है। नौकरी और व्यापार में तरक्की के नए रास्ते खुल सकते हैं। किसी पुराने निवेश से अच्छा रिटर्न मिलने की संभावना है। प्रॉपर्टी से जुड़ा कोई फैसला आपके पक्ष में आ सकता है। परिवार के सहयोग से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और भविष्य के लिए बड़ी योजना बनाने का अवसर मिलेगा।
गुरु और मंगल की युति का मेष राशि पर प्रभाव (Aries Zodiac)
मेष राशि के जातकों के लिए मंगल और गुरु का संयोग करियर और आर्थिक जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। कारोबार में विस्तार की योजना सफल हो सकती है। धन-संपत्ति में बढ़ोतरी के अवसर मिलेंगे। विदेश, यात्रा या किसी बड़े प्रोजेक्ट से जुड़े काम में भी लाभ मिलने के संकेत हैं।
क्यों खास है मंगल-गुरु का संयोग?
वैदिक ज्योतिष में मंगल को ऊर्जा, साहस, भूमि और संपत्ति का कारक माना जाता है, जबकि गुरु को ज्ञान, धन, समृद्धि और भाग्य से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में दोनों ग्रहों का एक ही राशि में आना ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। हालांकि किसी व्यक्ति की कुंडली में इसका वास्तविक प्रभाव उसकी जन्मकुंडली और ग्रहों की स्थिति पर निर्भर करता है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी ज्योतिषीय गणनाओं और सामान्य मान्यताओं पर आधारित है। जनसत्ता इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी तरह के निर्णय पर पहुंचने से पहले संबंधित विषय के विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। एक राशि के नाम के करोड़ों जातक होते हैं। ऐसे में किसी भी तरह के परिणाम में पहुंचने से पहले अपनी कुंडली की जांच किसी शास्त्र के ज्ञाता, ज्योतिषी, पंडित को अवश्य दिखाएं।
