Makar Lagna Personality: वैदिक ज्योतिष शास्त्र के 12 लग्न में से दसवां लग्न मकर माना जाता है। इस लग्न के स्वामी न्याय के देवता शनि को माना जाता है। नवग्रह में से शनि को सबसे शक्तिशाली ग्रहों में से एक माना जाता है, क्योंकि यह सबसे धीमी गति से चलने वाला ग्रह माना जाता है। शनि एक राशि में करीब ढाई साल तक रहते हैं। ऐसे में इसका असर हर राशि के जातकों के जीवन में लंबे समय तक बना रहता है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में शनि को अनुशासन, कर्म, मेहनत और संघर्ष का कारक माना जाता है। ऐसे में शनि की स्थिति में बदलाव में असर होने के साथ हर एक व्यक्ति को जीवन में कभी न कभी शनि साढ़े साती, ढैय्या का सामना करना पड़ता है। ऐसे में शनि की राशि मकर की बात करें, तो इस लग्न के जातक काफी पराक्रमी होने के साथ आध्यात्मिक होते हैं। ‘फलदीपिका ग्रंथ के नवम अध्याय में भी मकर लग्न के जातकों के अनेक गुणों और जीवन के विभिन्न पक्षों का वर्णन किया गया है। ‘कुंडली रहस्य’ में जानें मकर लग्न के जातकों की कैसा होता है व्यक्तित्व, स्वभाव….
श्लोक
अधः कृशः सत्त्वयुतो गृहीत,
वाक्योऽलसोऽगम्यजराद्रनेच्छः।
धर्मध्वजो भाग्ययुतोऽटनैच्छु,
वातार्दितो मक्रभवो विलज्जः॥
अर्थ-
जिनका मकर लग्न हो या जन्म के समय चन्द्रमा मकर राशि में हो इनके शरीर के नीचे का भाग अर्थात् (कमर से पैर तक) दुबला होता है। किन्तु ऐसे व्यक्ति में सर्व (शारीरिक, मानसिक तथा आध्यात्मिक शक्ति) काफी होती है। ऐसे व्यक्ति स्त्रियों की वासनाओं से किन्तु स्वभाव से लालची होते हैं। ऐसे व्यक्तियों का सम्बन्ध किसी अधिक वयस्क अगम्या स्त्री से होता है। ऐसा व्यक्ति धर्मध्वज होता है अर्थात् उसका बाहरी आवरण बहुत धार्मिकता का होता है। वह घूमने का शौकीन और भाग्यवान किन्तु रजोगुणी होता है। मकर लग्न या मकर-रुचि के जातक वात रोग से पीड़ित होते हैं।
मकर लग्न वालों का शारीरिक बनावट और व्यक्तित्व
फलदीपिका के इस श्लोक के अनुसार, इस लग्न के जातकों के व्यक्तित्व की बात करें, तो ये काफी गंभीर होते हैं। इसके साथ ही अनुशासन और धैर्य स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। इनका शरीर काफी मजबूत होता है। हालांकि, कमर से नीचे का भाग अपेक्षाकृत दुबला या पतला हो सकता है। चेहरा हमेशा गंभीर रहने के साथ आंखों में गहराई होती है। इनका व्यक्तित्व काफी प्रभावशाली होता है। इस लग्न के जातकों को कम बोलना पसंद होता है। हालांकि जब बोलते हैं तो इनकी बातों का प्रभाव लंबे समय तक बना रहता है। ये हर एक कठिन परिस्थितियों को सूझबूझ के साथ हल करने की कोशिश करते हैं।
मकर लग्न वालों का स्वभाव
मकर लग्न के जातक के स्वभाव की बात करें, तो ये काफी गंभीर किस्म के होते हैं। ये अपने लक्ष्य को काफी सतर्क रहते हैं। ये किसी भी निर्णय को लेते समय अपने धैर्य का पूरा साथ देते हैं। किसी भी प्रकार की जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचते हैं। योजना के साथ निर्णय लेने से इन्हें सफलता भी हासिल होती है। ये स्वभाव के गंभीर होने के कारण इन्हें लोग कठोर समझ लेते हैं। जबकि ये लोग दोस्तों, रिश्तेदारों या अन्य लोगों के प्रति जिम्मेदार और भरोसेमंद होते हैं।
मकर लग्न वाले होते हैं घुमक्कड़
इस लग्न के जातकों को घूमना काफी पसंद होता है। इसी के कारण ये किसी भी तरह की यात्रा करने से हिचकिचाते नहीं। इन्हें नई-नई जगहों को एक्सप्लोर करना काफी पसंद होता है। ये उनसे नए अनुभव या फिर नई चीजें सीखते हैं। इसी के कारण ये समय के साथ इनका अनुभव और व्यावहारिक ज्ञान काफी अच्छा होता है।
मकर लग्न वालों का स्वास्थ्य
फलदीपिका के अनुसार, इस लग्न के जातकों के स्वास्थ्य की बात करें, तो थोड़ी सी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इन्हें हड्डियों से संबंधित समस्याएं काफी अधिक रहती है। हड्डियों, जोड़ों, घुटनों, कमर से लेकर वात संबंधी रोगों से परेशान रहते हैं। इसके अलावा इन्हें थकान काफी अधिक बनी रहती है। ऐसे में आप नियमित रूप से संतुलित आहार और व्यायाम करें।
मकर लग्न वालों का करियर और बिजनेस
मकर लग्न के जातक हर काफी को मेहनत, जिम्मेदारी के साथ करते हैं। ये काफी अनुशासित होते हैं। इसी के कारण इस लग्न के जातक प्रशासन, सरकारी सेवाओं, इंजीनियरिंग, निर्माण कार्य, खनन, कृषि, बैंकिंग, वित्त, कानून या फिर कॉर्पोरेट क्षेत्र में सफलता हासिल करते हैं। ये धैर्य और अनुशासन के कारण ही पद-प्रतिष्ठा, स्थिरता के साथ धन पाते है।
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मकर लग्न के लोग होते हैं धार्मिक प्रवृत्ति के
फलदीपिका के अनुसार, इस लग्न के जातकों का अध्यात्म की ओर काफी अधिक झुकाव होता है। श्लोक में “धर्म ध्वज” शब्द का इस्तेमाल किया गया है। इसका अर्थ ये है कि ये धर्म को लेकर दिखावटी नहीं होते हैं। बल्कि ये परंपरा, सामाजिक मर्यादाओं का पूरा पालन करते हैं।
मकर लग्न के जातकों को मिलता है भाग्य का साथ
फलदीपिका के अनुसार, इस लग्न के जातकों को भाग्य का भी पूरा साथ मिलता है। इसी के कारण ये हर क्षेत्र में मेहनत, संयम के साथ सफलता हासिल कर लेते हैं। इन्हें समाज में मान-सम्मान मिलता है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी वैदिक ज्योतिष के पारंपरिक ग्रंथों, विशेष रूप से फलदीपिका में वर्णित सिद्धांतों और मान्यताओं पर आधारित है। ज्योतिष को वैज्ञानिक रूप से सर्वमान्य तथ्य नहीं माना जाता है। किसी व्यक्ति का स्वभाव, व्यक्तित्व, स्वास्थ्य, शिक्षा, करियर या वैवाहिक जीवन केवल लग्न या राशि से निर्धारित नहीं होता, बल्कि अनेक व्यक्तिगत, सामाजिक, पारिवारिक और परिस्थितिजन्य कारकों से भी प्रभावित होता है। यहां दी गई जानकारी सामान्य प्रकृति की है और इसे अंतिम सत्य या व्यक्तिगत सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय के लिए संबंधित क्षेत्र के योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।
