Guru Gochar 2026: वैदिक ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक गुरु बृहस्पति को नवग्रह में काफी अधिक महत्व है। देवताओं के गुरु बृहस्पति हर एक साल में राशि परिवर्तन करने के साथ एक निश्चित अवधि के बाद नक्षत्र परिवर्तन करते है जिसका असर 12 राशियों के जीवन में किसी न किसी तरह से देखने को मिलता है। बता दें कि इस समय गुरु बृहस्पति अतिचारी गति से आगे बढ़ रहे हैं। इस समय वह अपनी उच्च राशि कर्क में विराजमान है। नक्षत्र की बात करें, तो पुष्य में है, लेकिन 19 अगस्त को गुरु बृहस्पति नक्षत्र परिवर्तन करेंगे। गुरु को ज्ञान, भाग्य, धन, संतान और धर्म का मुख्य कारक माना जाता है। ऐसे में गुरु के अश्लेषा नक्षत्र में जाने से कुछ राशि के जातकों को विशेष लाभ मिल सकता है। ये विश्लेषण चंद्र राशि के आधार पर किया जा रहा है। आइए जानते हैं इन राशियों के बारे में…
वैदिक पंचांग के अनुसार, 19 अगस्त 2026, बुधवार को 03:37 ए एम बजे अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश कर जाएंगे। इस नक्षत्र में 31 अक्टूबर 2026, शनिवार को 12:50 पी एम बजे तक रहने वाले हैं। इसके बाद मघा नक्षत्र में प्रवेश कर जाएंगे। बता दें कि 14 अगस्त को ही गुरु अपनी उच्च राशि कर्क में उदित होंगे। आकाश मंडल के 27 नक्षत्रों में से अश्लेषा नौवां (9th) नक्षत्र है। इस नक्षत्र के स्वामी बुध है और राशि कर्क है। इस समय गुरु कर्क राशि में ही विराजमान है जिससे कुछ राशियों को अधिक लाभ मिल सकता है।
मेष राशि पर गुरु के अश्लेषा नक्षत्र में जाने का असर (Aries Zodiac)
गुरु बृहस्पति अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश करके इस राशि के चौथे भाव में रहने वाले हैं। इस भाव को माता, भूमि,संपत्ति और वाहन का का कारक माना जाता है। ऐसे में गुरु बृहस्पति के इस नक्षत्र परिवर्तन करने से इस राशि के जातकों के सुख, संपत्ति और पारिवारिक सुख में वृद्धि देखने को मिल सकती है। इसके साथ ही इस अवधि में आप नया घर, फ्लैट या वाहन खरीदने के योग बन रहे हैं। माता-पिचा का पूरा सहयोग मिल सकता है, जिससे आप अपने लक्ष्यों को पाने में सफल हो सकते हैं। वैवाहिक जीवन में भी खुशियां बनी रह सकती है। हालांकि कार्यक्षेत्र में अधिक सतर्कता और गंभीरता बनाए रखने की आवश्यकता रहेगी।
मिथुन राशि पर गुरु के अश्लेषा नक्षत्र में जाने का असर (Gemini Zodiac)
मिथुन राशि के जातकों के लिए गुरु का अश्लेषा नक्षत्र में जाना अनुकूल हो सकता है। इस राशि के दूसरे भाव में गुरु विराजमान रहेंगे। ऐसे में इस राशि के जातकों के वाणी, ज्ञान और धन में वृद्धि देखने को मिल सकती है। परिवार के साथ आपका रिश्ता मजबूत हो सकता है। इसके साथ ही आपके द्वारा किए जा रहे कार्यों के कारण समाज में मान-सम्मान की वृद्धि देखने को मिल सकती है। आपकी बातों से कई लोग प्रेरित या फिर प्रभावित हो सकते हैं। लंबे समय से चली आ रही स्वास्थ्य समस्याएं सही हो सकती है। नौकरीपेशा जातकों के लिए ये समय लाभकारी हो सकता है। कार्यक्षेत्र में सफलता हासिल हो सकती है। माता-पिता और गुरु का पूरा सहयोग मिल सकता है, जिससे आप अपने लक्ष्य को पाने में सफल हो सकते हैं।
कन्या राशि पर गुरु के अश्लेषा नक्षत्र में जाने का असर ( Virgo Zodiac)
कन्या राशि के जातकों के लिए गुरु का नक्षत्र परिवर्तन कई क्षेत्रों में लाभ दिला सकता है। इस राशि की गोचर कुंडली के एकादश भाव में गुरु का गोचर होगा। ऐसे में इस राशि के जातकों को आकस्मिक धन लाभ हो सकता है। इसके साथ ही नए मित्रों का सहयोग मिल सकता है, जिससे आप कई मुश्किलों से निकलने में मदद मिल सकती है। बड़े भाई-बहनों का पूरा साथ मिल सकता है। पराक्रम में तेजी से वृद्धि के साथ छोटी यात्राओं से भी आपको अच्छा लाभ मिल सकता है। वैवाहिक जीवन अच्छा जाने वाला है। साझेदारी में किया जा रहा व्यापार में लाभ मिलने के योग बन रहे हैं।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी ज्योतिषीय गणनाओं और सामान्य मान्यताओं पर आधारित है। जनसत्ता इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी तरह के निर्णय पर पहुंचने से पहले संबंधित विषय के विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। एक राशि के नाम के करोड़ों जातक होते हैं। ऐसे में किसी भी तरह के परिणाम में पहुंचने से पहले अपनी कुंडली की जांच किसी शास्त्र के ज्ञाता, ज्योतिषी, पंडित को अवश्य दिखाएं।
