Budh Gochar 2026: वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस समय ग्रहों के राजकुमार बुध अपने मित्र शुक्र की राशि तुला में संचरण कर रहे हैं। जहां पर वह शुक्र के साथ युति भी कर रहे हैं। इसके साथ ही बुध स्वाति नक्षत्र में विचरण कर रहे हैं। वहीं 12 अक्टूबर को बुध नक्षत्र परिवर्तन करके विशाखा नक्षत्र में प्रवेश कर जाएंगे। गुरु के नक्षत्र में जाने से 12 राशियों के साथ-साथ वैश्विक स्तर में असर देखने को मिल सकता है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, बुध के इस नक्षत्र में जाने से कर्क, कन्या और कुंभ राशि के जातकों को विशेष लाभ मिल सकता है। यह विश्लेषण चंद्र राशि के आधार पर किया जा रहा है। आइए जानते हैं बुध के विशाखा नक्षत्र में जाने से किन राशियों को मिल सकता है शुभ फल…

द्रिक पंचांग के अनुसार, व्यापार के दाता बुध 12 अक्टूबर, सोमवार को शाम 06:48 बजे स्वाति नक्षत्र से निकलकर विशाखा नक्षत्र में प्रवेश कर जाएंगे और इस नक्षत्र में 3 नवंबर 2026, मंगलवार को 05:53 ए एम बजे तक रहेंगे। आकाश मंडल के 27 नक्षत्रों में से विशाखा 16वां नक्षत्र है जिसके स्वामी देवगुरु बृहस्पति है। इसके साथ ही राशि तुला और वृश्चिक राशि के अंतर्गत आता है। विशाखा  नक्षत्र के स्वामी गुरु हैं। इस नक्षत्र को चुनाव और निर्णय से जोड़कर देखा जाता है। इसलिए किसी भी बड़े निर्णय को सोच-विचार कर निर्णय लेने की सलाह दी जाती हैं।

कर्क राशि पर बुध के विशाखा नक्षत्र में जाने का असर (Cancer Zodiac)

कई राशि के जातकों के लिए बुध का विशाखा नक्षत्र में जाना लाभकारी हो सकता हैं। इस राशि के जातकों की कुंडली के चौथे भाव में बुध रहेंगे। इस भाव को घर, माता, वाहन और संपत्ति से संबंधित माना जाता है। ऐसे में इस राशि के जातकों को इन क्षेत्रों में लाभ देखने को मिल सकता है। घर, वाहन , संपत्ति संबंधित लंबे समय से रुके काम पूरे हो सकते हैं। इसके साथ ही माता के साथ आपके संबंध अच्छे हो सकते हैं। लव लाइफ अच्छी रहने वाली है। प्रेम संबंधों में परिवार की सहमति बनने की संभावना बताई गई है। दांपत्य जीवन अच्छा रह सकता है। छात्रों के लिए भी ये समय अच्छा हो सकता है। कार्यक्षेत्र में रुके काम आगे बढ़ सकते हैं।

कन्या राशि पर बुध के विशाखा नक्षत्र में जाने का असर (Virgo Zodiac)

इस राशि के लिए बुध का गोचर दूसरे भाव में होगा। इस भाव को धन, वाणी और परिवार से संबंधित माना जाता है। इस राशि के स्वामी स्वयं बुध हैं और वह धन भाव में स्थित है। ऐसे में इस राशि के जातकों को अचानक धन लाभ हो सकता है। शिक्षक, सेल्स, सिंगर, वकील जैसे बोलने से जुड़े कार्य करने वाले जातकों के लिए ये अवधि महत्वपूर्ण हो सकती है। इस अवधि में कोई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रख सकते हैं। पैतृक संपत्ति, धन से संबंधित अधूरा काम या फिर कोई बकाया मिल सकता है। अटके हुए भुगतान पूरे हो सकते हैं। नौकरीपेशा जातकों के लिए ये अवधि लाभकारी हो सकती है। व्यापार में भी लाभ के योग बन रहे हैं।

कुंभ राशि पर बुध के विशाखा नक्षत्र में जाने का असर (Aquarius Zodiac)

इस राशि की गोचर कुंडली के नौवें भाव में बुध विराजमान रहेंगे। ऐसे में इस राशि के जातकों को कई क्षेत्रों में लाभ मिल सकता है। शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े जातकों को लाभ मिल सकता है। किसी पुराने गुरु या मार्गदर्शक से संपर्क हो सकता है। उच्च शिक्षा से जुड़े मामलों में सफलता हासिल हो सकती है। लंबे समय से रुका काम पूरा होने के साथ-साथ भाग्य का साथ मिल सकता है।

यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय आकलन पर आधारित है। इसमें बताई गई बातें सभी जातकों पर एक जैसी लागू हों, यह आवश्यक नहीं है। व्यक्ति की जन्मतिथि, जन्मसमय और जन्मस्थान के अनुसार परिणामों में अंतर हो सकता है। इसलिए राशिफल में बताए गए शुभ या चुनौतीपूर्ण समय को एक सामान्य मार्गदर्शन के रूप में लें। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय में अपनी परिस्थिति, समझ और उचित सलाह को प्राथमिकता दें। सकारात्मक रहें, मेहनत करते रहें और परिस्थितियों के अनुसार समझदारी से निर्णय लें।

जानें जुलाई से लेकर दिसंबर का राशिफल

मेष राशिफल जुलाई से दिसंबर 2026वृषभ राशिफल जुलाई से दिसंबर 2026
मिथुन राशिफल जुलाई से दिसंबर 2026कर्क राशिफल जुलाई से दिसंबर 2026
सिहं राशिफल जुलाई से दिसंबर 2026कन्या राशिफल जुलाई से दिसंबर 2026
तुला राशिफल जुलाई से दिसंबर 2026वृश्चिक राशिफल जुलाई से दिसंबर 2026
धनु राशिफल जुलाई से दिसंबर 2026मकर राशिफल जुलाई से दिसंबर 2026
कुंभ राशिफल जुलाई से दिसंबर 2026मीन राशिफल जुलाई से दिसंबर 2026

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी ज्योतिषीय गणनाओं और सामान्य मान्यताओं पर आधारित है। जनसत्ता इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी तरह के निर्णय पर पहुंचने से पहले संबंधित विषय के विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। एक राशि के नाम के करोड़ों जातक होते हैं। ऐसे में किसी भी तरह के परिणाम में पहुंचने से पहले अपनी कुंडली की जांच किसी शास्त्र के ज्ञाता, ज्योतिषी, पंडित को अवश्य दिखाएं।