Budh Gochar 2026: वैदिक ज्योतिष शास्त्र में बुध को ग्रहों का राजकुमार के साथ बुद्धि, शिक्षा, व्यापार, तर्क-वितर्क, बौद्धिक क्षमता आदि का कारक माना जाता है। बुध करीब 15 दिन बाद राशि परिवर्तन करते है जिसका असर 12 राशियों के जीवन में किसी न किसी तरह से देखने को मिलता है। बता दें कि बुध इस समय कर्क राशि में गुरु बृहस्पति के साथ विराजमान है। लेकिन 7 जुलाई को वह राशि परिवर्तन करते पुन: मिथुन राशि में प्रवेश कर जाएंगे। बता दें कि इस राशि में 22 जून तक बुध रहे थे। वहीं अब दोबारा अपनी ही राशि में वक्री बुध के आने से कुछ राशि के जातकों को विशेष लाभ मिल सकता है, तो कुछ राशि के जातकों को संभलकर रहने की जरूरत है। ये विश्लेषण चंद्र राशि के आधार पर किया जा रहा है। आइए जानते हैं बुध का मिथुन राशि में जाना क्यों माना जा रहा है महत्वपूर्ण और 12 राशियों पर इसका प्रभाव…

वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, बुध 7 जुलाई 2026, मंगलवार को 10:32 ए एम बजे को पुन: मिथुन राशि में प्रवेश कर जाएंगे और 5 अगस्त 2026, बुधवार को 07:58 पी एम बजे तक इसी राशि में रहेंगे और फिर कर्क राशि में प्रवेश कर जाएंगे। बता दें कि 7 जुलाई को बुध वक्री अवस्था में ही मिथुन राशि में गोचर करेंगे।

बुध का मिथुन राशि में जाना क्यों माना जा रहा है महत्वपूर्ण?

बुध ग्रह का वक्री होकर अपनी ही राशि मिथुन में प्रवेश करना ज्योतिष शास्त्र में काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इस राशि के स्वामी स्वयं बुध है। ऐसे में इनका अपनी राशि में लौटने से वह अधिक बलशाली हो जाते हैं। फिर चाहे वो वक्री अवस्था में ही क्यों न हो। बुध के मिथुन राशि में आने से संचार, बुद्धि, शिक्षा, व्यापार, लेखन और निर्णय क्षमता से जुड़े क्षेत्रों में सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है। वहीं बुध के वक्री होे से जातकों को आत्ममंथन, पुराने अधूरे कार्यों की समीक्षा, गलतियों को सुधारने और लंबित मामलों को फिर से देखने का समय मिल सकता है।इसके साथ ही मानसिक क्षमताओं में वृद्धि देखने को मिल सकती है। ऐसे में रिसर्च, सोच-विचारों  या फिर सवाल करने वाले कार्यों में सफलता हासिल हो सकती है।

मिथुन राशि में बुध के आने से व्यक्ति का किसी चीज के प्रति लगाव या फिर उसकी जिज्ञासा में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है। आपका मन चंचल हो सकता है। ऐसे में कभी-कभी जातक हद से ज्यादा सोचने लगता है, जिससे आप अपने आप पर ही उलझे रह सकते हैं। बुध आपको कई क्षेत्रों में सफलता दिला सकते हैं। बुध के मिथुन राशि में होने से वाणी और लेखन क्षमता मजबूत हो सकती है। इसके अलावा मीडिया और वकालत के क्षेत्र में आप अच्छा कर सकते हैं। आप अपने विचारों से दूसरों को प्रेरित कर सकते हैं।

बुध का पुनः मिथुन राशि में प्रवेश, 12 राशियों पर असर
ज्योतिषी: पंडित केपी शुक्ल
मेष राशि
इस अवधि में थोड़ा संभलकर रहने की जरूरत है। मन चंचल हो सकता है और फोकस कम हो सकता है। परिवार का पूरा सहयोग मिल सकता है।
वृषभ राशि
बुध का गोचर धन भाव में लाभकारी हो सकता है। धन लाभ के योग बन रहे हैं और वाणी में भी प्रभाव देखने को मिल सकता है। नौकरी-बिजनेस में लाभ की संभावना है।
मिथुन राशि
बुध लग्न भाव में रहने से यह गोचर अत्यंत शुभ माना जा रहा है। मेहनत का पूरा फल और किस्मत का साथ मिल सकता है। नौकरीपेशा जातकों को उन्नति व वेतन वृद्धि संभव है।
कर्क राशि
स्वास्थ्य को लेकर थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत है। कई यात्राएं भी करनी पड़ सकती हैं। शत्रुओं से भी सतर्क रहें।
सिंह राशि
ग्यारहवें भाव में गोचर होने से उन्नति के द्वार खुल सकते हैं। आय में तेज़ बढ़ोतरी के योग हैं। वेतन वृद्धि, पदोन्नति व नए आय स्त्रोत की संभावना है।
कन्या राशि
बुध दशम भाव में रहने से अच्छा लाभ मिल सकता है। आय में वृद्धि के योग बन रहे हैं। नौकरी और बिजनेस दोनों में लाभ संभव है।
तुला राशि
बुध भाग्य भाव में प्रवेश कर किस्मत का साथ दिला सकता है। कम प्रयास में भी अच्छा परिणाम मिल सकता है। कई क्षेत्रों में सफलता की संभावना है।
वृश्चिक राशि
अष्टम भाव में गोचर होने से थोड़ा संभलकर रहने की जरूरत है। मानसिक व शारीरिक तनाव का सामना हो सकता है, हालांकि आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। परिवार का सहयोग मिलेगा।
धनु राशि
सातवें भाव में बुध के प्रवेश से गोचर काफी लाभकारी हो सकता है। दांपत्य जीवन व लव लाइफ अच्छी रह सकती है। स्वास्थ्य भी अच्छा रहने वाला है।
मकर राशि
स्वास्थ्य को लेकर थोड़ी परेशानी हो सकती है। शत्रुओं से सावधान रहने की जरूरत है। आर्थिक स्थिति फिर भी सही रह सकती है।
कुंभ राशि
यह अवधि काफी लाभकारी रहने वाली है। लंबे समय से रुके काम पूरे हो सकते हैं और मेहनत का पूरा फल मिल सकता है। सोच-समझकर लिए निर्णय सफल हो सकते हैं।
मीन राशि
चौथे भाव में गोचर होने से भौतिक सुखों की प्राप्ति हो सकती है। वाहन, भूमि व मकान खरीदने का सपना पूरा हो सकता है। नौकरीपेशा जातकों को पदोन्नति व इंक्रीमेंट संभव है।
स्रोत: ज्योतिषी पंडित केपी शुक्ल
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ग्रहों की स्थिति के हिसाब से ये राशिफल निकाला जाता है, जो सामान्य होता है। इसलिए जरूरी नहीं है कि ये हर व्यक्ति पर 100% एक जैसा लागू हो। हर व्यक्ति की जिंदगी अलग होती है क्योंकि जन्म कुंडली (Birth Chart) में दशा–अंतर्दशा, लग्न, ग्रह स्थिति हर एक चीज अलग-अलग होते हैं।

मेष राशिफल जून से दिसंबर 2026वृषभ राशिफल जून से दिसंबर 2026
मिथुन राशिफल जून से दिसंबर 2026कर्क राशिफल जून से दिसंबर 2026
सिहं राशिफल जून से दिसंबर 2026कन्या राशिफल जून से दिसंबर 2026
तुला राशिफल जून से दिसंबर 2026वृश्चिक राशिफल जून से दिसंबर 2026
धनु राशिफल जून से दिसंबर 2026मकर राशिफल जून से दिसंबर 2026
कुंभ राशिफल जून से दिसंबर 2026मीन राशिफल जून से दिसंबर 2026

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी ज्योतिषीय गणनाओं और सामान्य मान्यताओं पर आधारित है। जनसत्ता इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी तरह के निर्णय पर पहुंचने से पहले संबंधित विषय के विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। एक राशि के नाम के करोड़ों जातक होते हैं। ऐसे में किसी भी तरह के परिणाम में पहुंचने से पहले अपनी कुंडली की जांच किसी शास्त्र के ज्ञाता, ज्योतिषी, पंडित को अवश्य दिखाएं।