International Yoga Day 2026: खराब लाइफस्टाइल और असंतुलित खानपान के कारण आज हर दूसरा व्यक्ति कब्ज और बिगड़े हुए पाचन तंत्र (Digestion) से परेशान है। लोग पेट साफ करने के लिए तरह-तरह की दवाइयां और चूर्ण खाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसका एक बेहद प्राकृतिक और आसान समाधान हमारी प्राचीन संस्कृति में छिपा है? इस अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर, आइए अपनी सेहत की ओर एक सही कदम बढ़ाएं। सिर्फ रोज 5 मिनट शौच की मुद्रा में बैठकर ‘मलासन’ (Malasana) का अभ्यास करने से न सिर्फ कब्ज से राहत मिल सकती है, बल्कि यह आपके पाचन तंत्र को भी अंदर से मजबूत बनाता है।
आखिर क्या है मलासन करने का बिल्कुल सही तरीका, इसे करते समय क्या सावधानियां रखनी चाहिए और यह शरीर पर कैसे असर करता है? इस योग दिवस पर भारत के प्रसिद्ध आयुर्वेद गुरु, प्राकृतिक चिकित्सक और मोटिवेटर आचार्य मनीष (Acharya Manish) से जानिए इसके पीछे का पूरा विज्ञान और सेहतमंद रहने का राज।
मलासन (Malasana) क्या है?
मलासन एक स्क्वाटिंग योग मुद्रा है, जिसे पैरों, जांघों और निचले शरीर की मजबूती बढ़ाने वाला आसन माना जाता है। इस आसन में शरीर का अधिकांश भार पैरों और तलवों पर पड़ता है, जिससे मांसपेशियों की ताकत और संतुलन बेहतर होता है। मलासन करने से पैरों, जांघों और घुटनों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। यह आसन शरीर के निचले हिस्से की ताकत बढ़ाने में मदद करता है, जिससे चलने, दौड़ने, ट्रैकिंग और लंबे समय तक खड़े रहने में आसानी होती है। इसके अलावा यह शरीर का संतुलन सुधारने और एकाग्रता बढ़ाने में भी मददगार माना जाता है।
मलासन कब्ज का इलाज करने में कैसे असरदार है?
मलासन एक बहुत ही असरदार योगासन है, जो हमारे पाचन तंत्र और निचले शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता है। इस आसन में बैठने से पेट, आंतें और पेल्विक एरिया पर नेचुरल दबाव पड़ता है, जिससे मल त्याग की प्रक्रिया सहज होती है और कब्ज जैसी समस्याओं में राहत मिलती है। साथ ही यह आसन जांघों, टखनों और कूल्हों की मांसपेशियों को मजबूत व लचीला बनाता है, जिससे शरीर की प्राकृतिक बैठने की क्षमता बढ़ती है।
आजकल सीटिंग जॉब और निष्क्रिय जीवन शैली में मलासन का अभ्यास और भी ज़रूरी हो जाता है। यह आसन रीढ़ की हड्डी को सीधा रखता है, पेल्विक फ्लोर को सक्रिय करता है और कमर दर्द से राहत में असरदार होता है। नियमित अभ्यास से शरीर का संतुलन सुधरता है, प्राण प्रवाह बेहतर होता है और शारीरिक के साथ-साथ मानसिक स्थिरता भी बढ़ती है। इसलिए मलासन संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए एक आवश्यक योग अभ्यास है।
मलासन कैसे करें?
मलासन करने के लिए सबसे पहले वज्रासन में बैठ जाएं। इसके बाद पैरों को खोलकर स्क्वाट की स्थिति में आएं और दोनों हाथों को नमस्कार मुद्रा में छाती के सामने जोड़ लें। रीढ़ को सीधा रखें और सामान्य गति से सांस लेते रहें। अपनी क्षमता के अनुसार इस मुद्रा में 30 सेकंड से 5 मिनट तक रुकने का प्रयास करें। इसके बाद धीरे-धीरे वापस सामान्य स्थिति में आ जाएं।
मलासन करते समय किन बातों का ध्यान रखें?
शुरुआत में इस आसन को उतनी देर ही करें जितनी देर आरामदायक महसूस हो। यदि घुटनों या टखनों में गंभीर चोट है तो विशेषज्ञ की सलाह के बिना इसका अभ्यास न करें। धीरे-धीरे अभ्यास बढ़ाने से शरीर की ताकत और सहनशक्ति में सुधार होता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी और पारंपरिक योग पद्धतियों के आधार पर केवल पाठकों की जागरूकता बढ़ाने के लिए लिखा गया है। लेख में बताए गए अभ्यास के लाभ और तरीके सामान्य स्वास्थ्य से जुड़े हैं। इसे किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह, निदान (Diagnosis) या गंभीर कब्ज और पेट की बीमारियों का सटीक इलाज न माना जाए। यदि आप घुटनों के दर्द, टखने की चोट, रीढ़ की हड्डी की गंभीर समस्या या किसी अन्य चिकित्सीय स्थिति से गुजर रहे हैं, तो इस आसन का अभ्यास करने से पहले किसी प्रमाणित योगाचार्य, फिजियोथेरेपिस्ट या डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।
