पेट की चर्बी आमतौर पर सबसे जिद्दी फैट होता है। ये ऐसा फैट है जो एक हफ्ते या एक महीने में गायब नहीं होता। वैसे हफ्ते या महीने में फैट लॉस करना कोई हेल्दी तरीका नहीं है। हेल्दी तरीके से फैट कम करना हमेशा धीरे-धीरे और स्थिर रूप से होता है। पेट की चर्बी कम करने का अगर आप एक सौम्य लेकिन प्रभावी तरीका अपनाना चाहते हैं तो योग एक समझदारी भरा विकल्प हो सकता है।
योग गुरु बाबा रामदेव ने बताया योग के जरिए न केवल कैलोरी बर्न होती है बल्कि पाचन भी सुधरता है। योग से हार्मोन संतुलित रहते हैं, तनाव कम होता है और मसल्स मजबूत होते हैं। नियमित अभ्यास से गैस, कब्ज और पेट की ढीलापन जैसी समस्याओं में भी राहत मिल सकती है। योग से मिलने वाले ये सभी फायदे मिलकर पेट की चर्बी को नेचुरल तरीके से कम करने में मदद करते हैं। नियमित और सही तरीके से अभ्यास करने पर कुछ ही हफ्तों में कमर के आसपास कसाव महसूस होने लगता है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि कौन-कौन से ऐसे योग है जो पेट की जिद्दी चर्बी को घटाने में मदद करते हैं।
पवनमुक्तासन कीजिए
इस आसन में पीठ के बल लेटकर एक या दोनों घुटनों को मोड़कर पेट की ओर लाया जाता है और हाथों से पकड़कर दबाव दिया जाता है। इससे पेट पर हल्का प्रेशर पड़ता है, गैस बाहर निकलने में मदद मिलती है और पाचन क्रिया बेहतर होती है। यह आसन पेट की चर्बी कम करने में असरदार माना जाता है। इसे करने के लिए पीठ के बल लेट जाएं। एक घुटने को छाती तक लाएं और 15 सेकंड तक पकड़े रखें। फिर दूसरी तरफ दोहराएं। अंत में दोनों घुटनों को छाती से लगाकर गले लगाएं। धीरे-धीरे सांस लें। ये आसन पेट के अंगों की मालिश करता है और खाने के बाद की असहजता कम करता है।
उत्तानपादासन
पेट की चर्बी कम करने के लिए उत्तानपादासन बेहद असरदार साबित होता है। इसे करने के लिए पीठ के बल लेटकर दोनों पैरों को सीधा रखते हुए ऊपर उठाया जाता है। इससे निचले पेट की मांसपेशियों पर जोर पड़ता है, जिससे एब्डॉमिनल एरिया टोन होता है। नियमित अभ्यास से पेट की चर्बी घटाने और नाभि संतुलन में मदद मिल सकती है।
नौकासन करें
इस आसन में शरीर को नाव की तरह संतुलित किया जाता है। दोनों पैर और ऊपरी शरीर को एक साथ उठाकर संतुलन बनाना होता है। इससे पेट की मांसपेशियों में खिंचाव आता है और फैट बर्न करने में मदद मिलती है।
कंधरासन भी है असरदार
घुटनों को मोड़कर पीठ के बल लेटें और कमर को ऊपर उठाएं। ये आसन पेट, कमर और जांघों पर असर डालता है। महिलाओं में यूट्रस से जुड़ी समस्याओं में भी लाभकारी माना जाता है।
पादांगुष्ठासन
खड़े होकर आगे झुकते हुए पैरों के अंगूठे पकड़ने का प्रयास किया जाता है। इससे पेट पर दबाव पड़ता है, पाचन सुधरता है और शरीर का लचीलापन बढ़ता है।
भुजंगासन करें
भुजंगासन पेट के हिस्से को एक साथ स्ट्रेच और मजबूत करता है। जब आप छाती को जमीन से ऊपर उठाते हैं, तो पेट की मांसपेशियां सक्रिय होती हैं। समय के साथ इससे पेट की मांसपेशियों का टोन बेहतर होता है। इसे करने के लिए पेट के बल लेट जाएं। हथेलियां कंधों के नीचे रखें। सांस अंदर लेते हुए धीरे-धीरे छाती ऊपर उठाएं, कूल्हे जमीन पर ही रखें। हाथों से ज्यादा जोर न लगाएं। लगभग 20 सेकंड तक रुकें और नॉर्मल सांस लेते रहें। ये आसन पाचन सुधरता है और ब्लोटिंग कम करता है, जिससे पेट कम फूला हुआ दिखता है।
डिस्क्लेमर
यह जानकारी सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से दी गई है। बताए गए योगासन करने से पहले किसी योग्य योग प्रशिक्षक या डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है, विशेषकर यदि आपको कमर दर्द, स्लिप डिस्क, हर्निया, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, गर्भावस्था या किसी अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्या है। गलत तरीके से या बिना मार्गदर्शन के योग करने से चोट लग सकती है। किसी भी तरह की असुविधा, दर्द या चक्कर आने पर तुरंत अभ्यास रोक दें और चिकित्सकीय सलाह लें। यह सामग्री चिकित्सा परामर्श का विकल्प नहीं है।
