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World Aids Vaccine Day 2022: एड्स क्या है, इससे कौन सा अंग प्रभावित होता है? जानिए कारण, लक्षण और उपचार

वर्ल्ड एड्स वैक्सीन डे: एचआईवी एड्स से पूरे दुनिया के लोग लोग परेशान हैं। इसका कारण ये है कि दरअसल ये एक बेहद गंभीर और लगभग लाइलाज बीमारी है।

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वर्ल्ड एड्स वैक्सीन डे 2022: हर साल 18 मई को दुनिया भर में वर्ल्ड एड्स वैक्सीन दिवस के रूप में मनाया जाता है। (फोटो- Freepik)

विश्व एड्स वैक्सीन दिवस, जिसे एचआईवी वैक्सीन जागरूकता दिवस के रूप में भी जाना जाता है। यह दिवस प्रतिवर्ष 18 मई को मनाया जाता है। यह कार्यक्रम एड्स वाले टीके की जानकारी घर-घर तक पहुंचाने के लिए मनाया जाता है। इस खास दिन का मकसद लोगों में एड्स से बचाव और इसकी वैक्सीन के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

डॉक्टर से मुताबिक अगर HIV वायरस बहुत ज्यादा फैला हुआ है तो AIDS से पीड़ित शख्स अगर दवाइयां नहीं लेता तो वो सिर्फ 3 साल तक ही जीवित रह पाता है। लेकिन सही ट्रीटमेंट और हेल्दी लाइफस्टाइल लंबी लाइफ दे सकती है। HIV/AIDS वायरस जानलेवा है इसके बारे में सभी को मालूम होता है। लेकिन इसके लक्षणों के बारे में भी मालूम होना चाहिए। यहां जानिए HIV/AIDS के कारण, लक्षण और बचाव के तरीके-

HIV/AIDS के कारण (HIV/AIDS Causes)

यौन संबंधों द्वारा: डबल्यूएचओ के मुताबिक किसी संक्रमित व्यक्ति के साथ यौन संबंध बनाने से व्यक्ति संक्रमित हो सकता है। व्यक्ति का रक्त, वीर्य या योनि स्राव आपके शरीर में प्रवेश करता है।

ब्लड द्वारा: WHO का कहना है कि भले ही एचआईवी हवा, पानी या कीड़े के काटने के माध्यम से प्रसारित नहीं होता है लेकिन कई ऐसे तरीके हैं जिनसे ये फैल सकता है। कई मरीजों के मामलों में ऐसा भी देखा गया है कि एड्स का वायरस रक्त संचरण के माध्यम से भी प्रसारित होता है।

सुइयों के प्रयोग द्वारा: विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक एचआईवी वायरस तब भी फैल सकता है अगर एक सुई जो किसी संक्रमित व्यक्ति को लगाई गई हो और फिर किसी असंक्रमित व्यक्ति पर इस्तेमाल कर दी जाए। इसलिए जब भी सुई का इस्तेमाल करना हो आपको हमेशा नई का ही इस्तेमाल करना चाहिए।

HIV/AIDS के लक्षण (HIV/AIDS Symptoms)

डबल्यूएचओ के मुताबिक एचआईवी वायरस का पहला लक्षण 2 से 6 हफ्तों के बीच में दिखाई देने लगता है। इस दौरान मरीज को सिर दर्द, डायरिया, उलटी, थकान, गले का सूखना, मसल्स में दर्द, सूजन, छाती पर लाल रैशेज़ और बुखार जैसी समस्या हो सकती है। HIV के शुरुआती लक्षण फ्लू की ही तरह 1 से 2 हफ्ते रहते हैं।

कई बार फ्लू जैसे लक्षण नहीं दिखाई देते हैं, ऐसे में हर वक्त थकान, गले के आस-पास सूजन, 10 दिनों से ज्यादा बुखार, रात में पसीना आना, बेवजह वजन घटना, स्किन पर बैंगनी रंग के दाग, जल्दी-जल्दी सांसे आना, लंबे समय से डायरिया, मुंह, गले या महिलाओं के गुप्तांग में यीस्ट इंन्फेक्शन और जरा सी चोट पर ज्यादा खून बहना जैसे लक्षण सामने आते हैं।

HIV वायरस के एडवांस और आखिरी स्टेज को AIDS (Acquired Immune Deficiency Syndrome) कहते हैं। ये तब होता है जब आपके शरीर के CD4-T सेल्स के नम्बर 200 से भी कम हो जाते हैं। इसमें मरीज को AIDS से बचाया जा सकता है। एड्स डिफानिंग इलनेस में कापोसी सारकोमा (Kaposi’s Sarcoma) और निमोनिया (Pneumonia) जैसी बीमारियां होती हैं।

HIV/AIDS के उपचार (HIV/AIDS Cure)

डबल्यूएचओ के अनुसार इस बीमारी का इलाज एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी से किया जाता है, ताकि बॉडी में वायरस के प्रभाव को कम किया जा सके। एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी में एड्स के मरीजों को रोज गोली खानी पड़ती है। रोज़ाना दवाई का सेवन लोगों को इरिटेट करता है, साथ ही मरीज़ कई बार दवा खाना भी भूल जाते हैं।

आयुर्वेद के द्वारा एचआईवी का इलाज: जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर इन्वॉयरमेंटल हेल्थ के रिसर्चर ने जरेनियम, जिसे आयुर्वेद में कषायमूल वनस्पति भी कहते हैं, से एड्स के वायरस को खत्म करने का दावा किया है। इस पौधे की मदद से एचआईवी-1 वायरस को रोकने का दावा किया है। रिसर्चस का मानना है कि जरेनियम की जड़ में कुछ ऐसे तत्व हैं जो ह्यूमन सेल्स को एचआईवी-1 वायरस का प्रवेश रोकने के लिए मजबूत बनाता है और प्रतिरोधी तंत्र को मजबूत करता है।

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