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किस उम्र के बच्चों को मास्क पहनाना ज़रूरी और किसे नहीं? WHO ने बताया

WHO New Guidelines of Covid-19: वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन के मुताबिक 5 या उससे कम उम्र के बच्चों को मास्क न लगाने दें। ऐसा इसलिए क्योंकि इन्हें कोरोना का खतरा कम होता है

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार जिन जगहों पर इस वायरस का प्रसार ज्यादा है, वहां तो बच्चों को मास्क पहनना ही चाहिए।

Coronavirus Precautions in Children: वैश्विक महामारी कोरोना वायरस का प्रकोप भारत में बढ़ता ही चला जा रहा है। वर्ल्डोमीटर के अनुसार देश में संक्रमितों की संख्या 30 लाख पार कर चुकी है। कोरोना वायरस से बचाव हेतु हर कोई सोशल डिस्टेंसिंग से लेकर मास्क पहन रहा है। कहा जा रहा है कि इस कोरोना काल में सबसे अधिक ध्यान बच्चों व बुजुर्गों की सेहत पर देने की जरूरत है। ऐसा इसलिए क्योंकि कम व अधिक उम्र के लोगों की इम्युनिटी दूसरों की तुलना में कमजोर होती है। यही कारण है कि उन्हें संक्रमण का खतरा अधिक है। हाल में ही WHO ने नई गाइडलाइन जारी की है जिसमें बताया गया है कि किस उम्र के बच्चों के लिए जरूरी है मास्क लगाना –

ये पहनें मास्क: कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के बीच WHO ने नई गाइडलाइन जारी की है। इसके अनुसार 12 साल से अधिक उम्र के बच्चों के लिए भी घर से बाहर निकलने पर मास्क पहनना अनिवार्य है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार जिन जगहों पर इस वायरस का प्रसार ज्यादा है, वहां तो बच्चों को मास्क पहनना ही चाहिए।

साथ ही जिन जगहों पर इसके मामले कम हैं, वहां भी सावधानी बरतते हुए इन बच्चों को मास्क लगाने की सलाह दी जाती है। बताया गया है कि इस खतरनाक वायरस से व्यस्कों के समान ही बच्चों को भी खतरा है, इसलिए भीड़-भाड़ वाले इलाकों व कंटेनमेंट जोन में 12 साल से बड़े बच्चे जरूर मास्क का इस्तेमाल करें।

कम उम्र के बच्चों का ऐसे रखें ख्याल: वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन के मुताबिक 5 या उससे कम उम्र के बच्चों को मास्क न लगाने दें। ऐसा इसलिए क्योंकि इन्हें कोरोना का खतरा कम होता है। अगर किसी परिस्थिति में मास्क पहनने की जरूरत पड़ती है तो हर समय उन पर किसी बड़े की नजर रहनी चाहिए। बड़ों की निगरानी में ही इन बच्चों को मास्क लगाने की इजाजत मिलनी चाहिए। वहीं, WHO के अनुसार 6 से 11 साल के बच्चों को सिर्फ तभी मास्क पहनना चाहिए जब वो किसी काम से घर के बाहर निकल रहे हों।

सुरक्षा करें सुनिश्चित: बच्चों को किसी भी ऐसे व्यक्ति के पास न जाने दें जो खांसी-सर्दी से पीड़ित हो। संक्रमण के खतरे को कम करने के लिए बच्चों को बेसिक हाइजीन की जानकारी दें। बार-बार साबुन पानी से हाथ धोने के लिए प्रेरित करें।

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