आज के समय में फिट दिखने और मसल्स बनाने की होड़ में ‘व्हे प्रोटीन’ (Whey Protein) जिम जाने वाले युवाओं की पहली पसंद बन गया है। जिम जाने वाले लोग मसल्स बनाने, वजन घटाने और फिटनेस बेहतर करने के लिए इसे रोजाना अपनी डाइट में शामिल कर लेते हैं। बाजार में व्हे प्रोटीन के कई विकल्प मौजूद हैं और फिटनेस के प्रति जागरूक लोग तेजी से इसे अपनी डाइट का हिस्सा बना रहे हैं। लेकिन सवाल ये उठता है कि जिस व्हे प्रोटीन को लोगों ने अपनी डाइट का हिस्सा बना लिया है क्या वो सेहत के लिए फायदेमंद है? क्या ये सप्लीमेंट वाकई हर किसी के शरीर के लिए सुरक्षित है? 

दिल्ली के Apollo Hospital में इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ Dr Suranjit Chatterjee के अनुसार, व्हे प्रोटीन को नियमित रूप से लेने से पहले इसके शरीर और किडनी पर प्रभाव को समझना जरूरी है। अक्सर लोग बिना किसी डॉक्टरी सलाह के इसे लेना शुरू कर देते हैं जिससे भविष्य में लिवर और किडनी पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि व्हे प्रोटीन कैसे बॉडी पर काम करता है और किन लोगों को इसका सेवन करने से बचना चाहिए, इसे खाने का सही तरीका क्या है। अगर आप भी सप्लीमेंट लेने की योजना बना रहे हैं तो पहले इसके फायदों और संभावित जोखिमों के बीच के अंतर को जरूर जान लें।

क्या होता है व्हे प्रोटीन?

व्हे प्रोटीन दूध से बनने वाला एक हाई क्वालिटी प्रोटीन है, जो चीज़ बनाने की प्रक्रिया के दौरान बना होता है। इसमें शरीर के लिए जरूरी सभी Essential Amino Acids होते हैं और यह शरीर में तेजी से अवशोषित हो जाता है।

व्हे प्रोटीन मुख्य रूप से तीन प्रकार का होता है

  • Whey Protein Concentrate, जिसमें प्रोटीन के साथ कुछ मात्रा में फैट और कार्बोहाइड्रेट भी होते हैं।
  • Whey Protein Isolate में प्रोटीन की मात्रा ज्यादा होती है और फैट व लैक्टोज कम होता है।
  • Whey Protein Hydrolysate ये पहले से आंशिक रूप से टूटे हुए प्रोटीन का रूप होता है, जिससे शरीर इसे जल्दी अवशोषित कर पाता है।

शरीर के लिए प्रोटीन क्यों जरूरी है?

प्रोटीन शरीर के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व है। यह मांसपेशियों के निर्माण, ऊतकों की मरम्मत, एंजाइम और हार्मोन बनाने और इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में मदद करता है। सामान्य वयस्कों के लिए रोजाना लगभग 0.8 ग्राम प्रोटीन प्रति किलोग्राम वजन पर पर्याप्त माना जाता है। हालांकि एथलीट या ज्यादा शारीरिक मेहनत करने वाले लोगों को 1.2 से 2 ग्राम प्रति किलोग्राम वजन तक प्रोटीन की जरूरत हो सकती है।

किडनी प्रोटीन को कैसे प्रोसेस करती है?

जब शरीर प्रोटीन को मेटाबोलाइज्ड करता है तो उससे यूरिया जैसे नाइट्रोजन युक्त अपशिष्ट पदार्थ बनते हैं। किडनी इन्हें यूरीन के माध्यम से बाहर निकालती है। अगर प्रोटीन की मात्रा बहुत ज्यादा हो जाए तो किडनी को इन अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है।

क्या व्हे प्रोटीन किडनी को नुकसान पहुंचाता है?

विशेषज्ञों के अनुसार सामान्य और हेल्दी किडनी वाले लोगों में सीमित मात्रा में व्हे प्रोटीन लेना आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है। लेकिन समस्या तब होती है जब लोग बिना जरूरत और बिना किसी विशेषज्ञ की सलाह के अधिक मात्रा में प्रोटीन सप्लीमेंट लेने लगते हैं। इससे कुल प्रोटीन सेवन जरूरत से ज्यादा हो सकता है।

किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए?

  • कुछ लोगों को व्हे प्रोटीन लेने से पहले डॉक्टर से जरूर सलाह लेनी चाहिए, जैसे
  • जिन लोगों को किडनी की बीमारी है
  • डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर के मरीज
  • जिनके परिवार में किडनी रोग की फैमिली हिस्ट्री है
  • जो पहले से हाई-प्रोटीन डाइट ले रहे हैं

कब जरूरी हो सकता है व्हे प्रोटीन?

कुछ स्थितियों में व्हे प्रोटीन उपयोगी हो सकता है जैसे

  • बीमारी या सर्जरी के बाद रिकवरी कर रहे मरीज
  • उम्र बढ़ने पर मांसपेशियों की कमी वाले लोग
  • ऐसे लोग जो भोजन से पर्याप्त प्रोटीन नहीं ले पा रहे
  • हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि सप्लीमेंट संतुलित आहार का विकल्प नहीं हो सकते। बेहतर स्वास्थ्य के लिए संतुलित आहार, पर्याप्त पानी और नियमित शारीरिक गतिविधि ज्यादा महत्वपूर्ण है।

डिस्क्लेमर:

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। व्हे प्रोटीन या किसी भी सप्लीमेंट का सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर या प्रमाणित न्यूट्रिशनिस्ट से परामर्श जरूर लें, खासकर यदि आपको किडनी, लिवर, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या अन्य कोई स्वास्थ्य समस्या है। व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति, उम्र और शारीरिक जरूरतों के अनुसार परिणाम अलग-अलग हो सकते हैं। जंसत्ता इस जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय या उसके परिणामों की जिम्मेदारी नहीं लेता।