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क्या है सार्स वायरस, जिसकी वजह से दुनिया भर में मचा है हड़कंप? जानें-इसके लक्षण और बचाव के तरीके

अभी तक सार्स से बचने के लिए कोई वैक्सीन इजाद नहीं की जा सकी है. लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ सावधानी बरतकर आप इस वायरस की चपेट में आने से बच सकते हैं।

प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस

चीन में सार्स वायरस (SARS Virus) की चपेट में आने वालों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अभी तक चीन के तमाम शहरों में 200 से ज्यादा लोग इस वायरस की चपेट में आ चुके हैं, जबकि 4 लोगों की मौत की खबर भी है. सार्स को लेकर दुनिया भर में हड़कंप मच गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि इस वायरस का प्रकोप इसलिए और अधिक बढ़ता दिख रहा है, क्योंकि बड़े स्तर पर इसकी जांच की जा रही है।

दूसरी तरफ, इस खतरनाक वायरस ने चीन के अलावा दूसरे देशों में भी पांव पसारना शुरू कर दिया है. बीबीसी हिंदी के मुताबिक यह वायरस दिसंबर महीने में सबसे पहले पकड़ में आया था. पहले चीन के कुछ शहरों में इसका असर दिखा। अब यह दूसरे देशों में भी पहुंच चुका है। ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक सार्स वायरस से जुड़ा थाईलैंड में दो और जापान में एक मामला सामने आया है.

कितना खतरनाक है ये वायरस: विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO के मुताबिक सार्स एक तरीके का कोरोनावायरस है। कोरोनावायरस कई तरह के होते हैं, लेकिन इनमें से 6 तरह के वायरस से लोगों के संक्रमित होने का खतरा रहता है। लेकिन सार्स के सामने आने के बाद अब लोगों को संक्रमित करने वाले कोरोनावायरस की संख्या बढ़कर सात हो गई है। बीबीसी के मुताबिक सार्स नाम का कोरोनावायरस काफ़ी ख़तरनाक है। सार्स की वजह से चीन में साल 2002 में 8,098 लोग संक्रमित हुए थे, और उनमें से 774 लोगों को जान गंवानी पड़ी थी। हालांकि यह वायरस कहां से आया है, इसका अभी ठीक से पता नहीं लग पाया है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह वायरस पशुओं से ही इंसानों तक पहुंचा।

क्या हैं सार्स वायरस के लक्षण: चीन में तेजी से पांव पसारते सार्स को लेकर दुनिया भर के देश अलर्ट हो गए हैं। भारत ने भी अलर्ट जारी किया है। सार्स की चपेट में आने वाले व्यक्तियों में आमतौर पर खांसी-जुखाम, गले में दर्द, सांस लेने में दिक्कत, बुखार जैसे शुरुआती लक्षण दिखते हैं. कई मरीजों को न्यूमोनिया भी हो सकता है।

कैसे करें सार्स से बचाव:
रिपोर्ट्स के मुताबिक अभी तक सार्स से बचने के लिए कोई वैक्सीन इजाद नहीं की जा सकी है. विशेषज्ञों के मुताबिक अलर्टनेस ही इस बीमारी की चपेट में आने से बचने का सबसे कारगर तरीका है। विशेषज्ञों के मुताबिक लगातार हैंड वॉश करें. साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। अगर कोई व्यक्ति सार्स की चपेट में है, तो उसके संपर्क में कम से कम आने का प्रयास करें। उसके कपड़े, तौलिया, साबुन आदि इस्तेमाल न करें। लगातार खांसी, गले में दर्द आदि होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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