कैंसर एक गंभीर और जानलेवा बीमारी है, जिसका इलाज समय पर शुरु कर लिया जाए तो इससे जंग जीती जा सकती है, देर से उपचार इस जंग के हारने की सबसे बड़ी वजह है। कैंसर के इलाज के लिए कई तरह के मेडिकल ट्रीटमेंट किए जाते हैं, इसमें कीमोथैरेपी एक प्रभावी इलाज है जो कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने में मदद करता है। इस ट्रीटमेंट के दौरान हमारी इम्यूनिटी सबसे ज्यादा प्रभावित होती है। कीमोथेरेपी कैंसर सेल्स को मारने के साथ ही हमारे गुड सेल्स को भी नुकसान पहुंचाती है जिससे मरीज की स्थिति कमजोर हो जाती है। 

ऐसे में  Keytruda दवा बेहद मददगार साबित होती है। ये एक ऐसी इम्यूनोथेरेपी दवा है जिसका जेनेरिक नाम पेम्ब्रोलिज़ुमैब (pembrolizumab) है। इस दवा को Merck & Co. (MSD) बनाती है जिसका इस्तेमाल कई तरह के कैंसर का इलाज करने में किया जाता है। यह दवा चेकपॉइंट इनहिबिटर नाम की श्रेणी में आती है। इस दवा का काम शरीर के इम्यून सिस्टम के T-सेल्स को सक्रिय करना है, ताकि वो कैंसर कोशिकाओं को पहचान कर खत्म कर सकें। यह दवा शरीर की अपनी ताकत से कैंसर से लड़ने में मदद करती है।

Keytruda इम्यूनोथेरेपी कैसे काम करती है?

यह दवा T-सेल्स पर मौजूद PD-1 रिसेप्टर से जुड़ जाती है। इससे कैंसर कोशिकाओं के PD-L1 रिसेप्टर से उनका जुड़ाव रुक जाता है। इस प्रक्रिया से T-सेल्स कैंसर कोशिकाओं को पहचान कर उन पर हमला कर पाते हैं।

इम्यूनोथेरेपी क्या है?

इम्यूनोथेरेपी एक ऐसा इलाज है जिसमें शरीर की इम्यून सिस्टम को ट्रेन किया जाता है ताकि वो कैंसर से लड़ सके। कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी सीधे कैंसर कोशिकाओं को मारती है
लेकिन इम्यूनोथेरेपी शरीर को खुद कैंसर से लड़ने के लिए तैयार करती है। इससे स्वस्थ कोशिकाओं को कम नुकसान होता है।

इम्यूनोथेरेपी के अन्य विकल्प

CAR-T थेरेपी में मरीज की T-सेल्स को लैब में बदलकर फिर शरीर में डाला जाता है
mRNA कैंसर वैक्सीन- यह अभी विकास के चरण में है, जो कैंसर के दोबारा होने से रोकने में मदद करेगी

कौन-कौन से कैंसर का इलाज करती है ये Keytruda दवा और कब मिली इसे मंजूरी

Keytruda को पहली बार 2014 में अमेरिका के US Food and Drug Administration (FDA) ने एडवांस स्किन कैंसर के इलाज के लिए मंजूरी दी थी। अब इसका इस्तेमाल फेफड़ों के कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, किडनी कैंसर और ब्रेस्ट कैंसर सहित कई गंभीर बीमारियों में किया जाता है। यह दुनिया की सबसे ज्यादा बिकने वाली दवाओं में से एक है जिसने 2024 में लगभग 29.5 अरब डॉलर की कमाई की।

क्या भारत में यह इलाज उपलब्ध है?

Keytruda जैसी कई इम्यूनोथेरेपी दवाएं भारत के बड़े अस्पतालों में मौजूद हैं। कुछ दवाओं के जेनेरिक विकल्प भी हैं, जैसे trastuzumab और nivolumab।  CAR-T थेरेपी अभी महंगी है। भारत की पहली CAR-T थेरेपी NexCar19 विकसित की है।

भारत में Keytruda की कीमत कितनी है?

इस दवा की कीमत डोज के आधार पर तय की जाती है। डोज 200 mg हर 3 हफ्ते में दी जाती है। 100 mg की एक वायल का रेट 1.5 लाख से ज्यादा है। यानी इस दवा  से इलाज कराने पर महीने का खर्च 3 लाख से अधिक का है।

Keytruda इतनी महंगी क्यों है?

यह एक मोनोक्लोनल एंटीबॉडी दवा है, जिसे बनाना जटिल होता है।  सबसे बड़ा कारण इसका पेटेंट है। इसका पेटेंट 2028 में खत्म होगा। इसके बाद जेनेरिक दवाएं आने से कीमत 70% तक कम हो सकती है

भारत Keytruda के लिए क्यों अहम बाजार है?

भारत में कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, 2022 में 14.13 लाख केस दर्ज किए गए हैं और अनुमान है कि 2045 तक ये मामले 24.56 लाख तक पहुंच सकते हैं। सरकार ने इस दवा पर कस्टम ड्यूटी हटा दी है ताकि यह सस्ती हो सके।

Keytruda दवा को लेकर The Indian Express की रिपोर्ट में क्या आया सामने?

International Consortium of Investigative Journalists (ICIJ) के साथ की गई जांच में पता चला कि इस महंगी कैंसर दवा के नाम पर नकली दवाओं का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। यह न केवल मरीजों के इलाज पर असर डाल रहा है, बल्कि उनकी जान के लिए भी गंभीर खतरा बन सकता है। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि अस्पताल स्तर पर गड़बड़ियां और अंदरूनी मिलीभगत सिस्टम की बड़ी खामियों की ओर इशारा करती हैं। सप्लाई चेन से लेकर दवा की उपलब्धता तक कई स्तरों पर पारदर्शिता की कमी पाई गई है। एक्सपर्ट का मानना है कि इस तरह की खामियों को दूर करने के लिए सख्त निगरानी, बेहतर ट्रैकिंग सिस्टम और जवाबदेही तय करना बेहद जरूरी है, ताकि मरीजों को सुरक्षित और असली दवाएं मिल सकें।

नकली दवा से कैसे बचें?

नकली दवा असली जैसी पैकिंग में आती है पहचान करना मुश्किल होता है, इसलिए जरूरी है कि आप अस्पताल की फार्मेसी से ही दवा खरीदें। लाइसेंस प्राप्त डिस्ट्रीब्यूटर से ही लें
Patient Access Programme के जरिए दवा लेना सुरक्षित है। Keytruda कैंसर इलाज में एक बड़ी उम्मीद है, लेकिन इसकी ऊंची कीमत और नकली दवाओं का खतरा मरीजों के लिए चुनौती बना हुआ है। अगर कीमत कम होती है और सही सिस्टम लागू होता है, तो यह दवा लाखों मरीजों के लिए जीवन रक्षक साबित होती है

डिस्क्लेमर:

यह लेख केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी विभिन्न रिपोर्ट्स और उपलब्ध स्रोतों पर आधारित है। किसी भी प्रकार के कैंसर या अन्य गंभीर बीमारी के इलाज के लिए दवा, थेरेपी या चिकित्सा प्रक्रिया अपनाने से पहले योग्य डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। लेख में उल्लेखित दवाओं जैसे Keytruda, से संबंधित जानकारी का उद्देश्य केवल जानकारी देना है, न कि किसी दवा के उपयोग की सिफारिश करना। दवाओं का सेवन हमेशा चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार ही करें।