गोखरू, गुग्गुल और गिलोय…यूरिक एसिड को कंट्रोल करने में रामबाण से कम नहीं ये 5 आयुर्वेदिक औषधियां, ऐसे करें सेवन

खानपान और जीवन-शैली में कुछ बदलाव कर यूरिक एसिड को कंट्रोल किया जा सकता है। ऐसे ही कुछ टिप्स चर्चित योगगुरु बाबा रामदेव ने भी दिये।

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यूरिक एसिड के लिए रामबाण हैं 5 आयुर्वेदिक औषधियां (फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस)

यूरिक एसिड (Uric Acid) ब्लड में पाया जाने वाला एक रसायन है। यह रसायन प्यूरिन नाम के पदार्थ के टूटने से बनता है। प्यूरिन तमाम तरह के खाद्य पदार्थों में पाया जाता है। मसलन- पालक, मशरूम, सेम और बीयर आदि। जब शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ जाती है, तब तमाम तरह की समस्याएं शुरू हो जाती हैं। जैसे- हाथ पैर में दर्द, कंपकपी, गठिया, उंगलियों में सूजन और उठने-बैठने में परेशानी आदि। विशेषज्ञों के मुताबिक खानपान और जीवन-शैली में कुछ बदलाव कर यूरिक एसिड को कंट्रोल किया जा सकता है। ऐसे ही कुछ टिप्स चर्चित योगगुरु बाबा रामदेव ने भी दिये।

स्वामी रामदेव कहते हैं कि अगर आपके जोड़ों में अक्सर दर्द रहता है तो उसे नज़रअंदाज ना करें। जोड़ों और हाथ-पैर की हड्डियों में दर्द रहने का कारण यूरिक एसिड का बढ़ा होना भी हो सकता है। वे कहते हैं कि तमाम लोगों को यूरिक एसिड की शिकायत रहती है, लेकिन अगर ध्यान न दें तो ये परेशानी बढ़ जाती है। बाबा रामदेव कहते हैं कि यूरिक एसिड से बचने के लिए सबसे पहले सभी खट्टी चीजों का सेवन बंद कर दें। प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट से जुड़ी चीजें भी कम मात्रा में ही ही लेना चाहिए।

बता दें, ऐसे खाद्य पदार्थ जिनमें प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट प्रचुर मात्रा में होते हैं, इसे पचाने में दिक्कत आती है। साथ ही इससे यूरिक एसिड भी ज्यादा बढ़ता है। यूरिक एसिड के बढ़ने से गठिया, शुगर, हार्ट और किडनी से संबंधित बीमारियां हो सकती हैं।

गोखरू: बाबा रामदेव कहते हैं कि गोखरू के जरिये यूरिक एसिड सौ फीसदी ठीक हो सकता है। गोखरू का काढ़ा बनाकर सेवन करना चाहिए।

गुग्गुल: इसके अलावा यदि यूरिक एसिड के चलते गठिया-जोड़ों में दर्द की शिकायत है तो गुग्गुल भी फायदेमंद साबित हो सकता है।

गिलोय: ज्यादा दर्द होने पर गिलोय और पीड़ांतक क्वाथ का सेवन किया जा सकता है।

अश्वगंधा: यूरिक एसिड को कंट्रोल करने में अश्वगंधा रामबाण माना जाता है। अश्वगंधा पाउडर को शहद या गुनगुने दूध के साथ लें।

आजवाइन और अलसी के बीज: आजवाइन भी यूरिक एसिड को कंट्रोल करता है। खानपान में आजवाइन का भरपूर इस्तेमाल करें। अलसी भी कारगर है। खाने के आधे घंटे बाद एक चम्मच अलसी ऐसे ही चबाकर खा सकते हैं या इसकी स्मूदी बनाकर ले सकते हैं।

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