आखिर क्यों होता हार्ट फेल? इन 5 लक्षणों को कभी भी न करें नजरअंदाज

हाई ब्लड प्रेशर, उच्च कोलेस्ट्रॉल और मधुमेह जैसी स्थितियां हृदय को कमजोर कर देती हैं, जिसके कारण लोगों में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है।

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युवाओं में बढ़ रहा है हार्ट अटैक का खतरा (फोटो क्रेडिट- Thinkstock Images/ Indian Express)

कोविड महामारी के बीच भागम-भाग भरी जीवनशैली और दूसरी तमाम वजहों के चलते युवा भी हृदय रोगों की चपेट में आ रहे हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक यदि किसी शख्स में उच्च रक्तचाप, बढ़ा कोलेस्ट्रॉल और शुगर जैसी समस्याएं पहले से ही हों तो हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। प्राणायाम और हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. विहंग शाह ने indianexpress.com से बातचीत में कहा कि जब दिल तक रक्त पहुंचना बंद हो जाता है तो वह काम नहीं करता। ऐसे में हार्ट अटैक हो सकता है, जिसे “कंजेस्टिव हार्ट फेल्योर” भी कहा जाता है।

वे कहते हैं कि उच्च रक्तचाप, उच्च कोलेस्ट्रॉल, मधुमेह जैसी स्थितियों हृदय को कमजोर कर देती हैं। आज कल युवाओं में ये आम हो गया है। वे कहते हैं कि कोविड ने भी हृदय पर असर डालने और कमजोर करने का काम किया है।

इन लक्षणों को न करें इग्नोर:
छाती में दर्द

  • सांसों की कमी/सांस लेने में तकलीफ
  • बेहोशी
  • बार-बार थकान लगना
  • कमजोरी
  • अंगों में सूजन
  • तेज या अनियमित दिल की धड़कन
  • खून या बलगम के साथ खांसी/गुलाबी झागदार रंग के साथ लगातार खाँसी या घरघराहट
  • पेट की सूजन
  • तेजी से वजन बढ़ना
  • जी मिचलाना और भूख न लगना
  • सतर्कता में कमी

हार्ट को फेल होने से कैसे बचाएं?
डॉ. शाह के मुताबिक हार्ट फेल का कोई स्थायी इलाज नहीं है, लेकिन जीवनशैली में बदलाव और डॉक्टरी सुझाव-सलाह से इस रिस्क को कम किया जा सकता है। वे कहते हैं कि धूम्रपान, शराब का सेवन बंद कर दें और उच्च रक्तचाप और मधुमेह जैसी स्थितियों को कंट्रोल करें। डॉ. शाह के मुताबिक मोटापा भी हार्ट फेल होने के लिए जिम्मेदार है, इसलिए वजन का सही होना बेहद जरूरी है। इसके लिए संतुलित आहार लें। तनाव न लें और पर्याप्त नींद लें।

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