दोपहर या रात का पसंदीदा खाना खाने के बाद जहां शरीर को ऊर्जा मिलनी चाहिए, वहीं अगर अचानक पेट में मरोड़ या दर्द होने लगे तो ये परेशानी का सबब होता है। कभी-कभी पेट में दर्द होने के लिए पाचन से जुड़ी परेशानियां जैसे गैस और एसिडिटी,जल्दी-जल्दी खाना खाना, तैलीय भोजन करना या तनाव का नतीजा मान लेते हैं। लेकिन अगर ये परेशानी लगातार बनी रहे तो किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स और डॉक्टरों का मानना है कि भोजन के तुरंत बाद होने वाला दर्द सामान्य एसिडिटी से लेकर पेट की अंदरूनी समस्याओं का शुरुआती संकेत भी हो सकता है।

एक इंस्टाग्राम वीडियो में एनेस्थिसियोलॉजिस्ट और इंटरवेंशनल पेन मेडिसिन एक्सपर्ट डॉ. कुणाल सूद ने बताया कि खाना खाने के बाद होने वाला तेज पेट दर्द कई बार अपच नहीं, बल्कि गाल ब्लैडर में पथरी का संकेत हो सकता है। एक्सपर्ट ने बताया गॉलब्लैडर स्टोन या पित्त की पथरी ठोस कण होते हैं, जो तब बनते हैं जब पित्त (Bile) में कोलेस्ट्रॉल या अन्य तत्वों की मात्रा अधिक हो जाती है और वह गाढ़ा हो जाता है।  हालांकि पित्त की पथरी काफी आम है और कई लोगों में बिना किसी लक्षण के मौजूद रहती है, लेकिन समस्या तब शुरू होती है जब यह पित्त के सामान्य प्रवाह को बाधित करने लगती है।

पित्त की पथरी होने पर दर्द क्यों होता है?

डॉ. सूद के अनुसार, जब कोई पथरी पित्त नली (Bile Duct) को ब्लॉक कर देती है, तो बिलियरी कोलिक (Biliary Colic) नामक स्थिति पैदा होती है। इसमें दाहिनी ऊपरी पेट की तरफ या ऊपरी पीठ में तेज और असहनीय दर्द महसूस हो सकता है। एक्सपर्ट ने बताया यह दर्द आमतौर पर खाना खाने के बाद, खासकर ऑयली फूड का सेवन करने के बाद होता है। इसके साथ मतली या उल्टी भी हो सकती है और एक बार शुरू होने के बाद यह दर्द कई घंटों तक बना रह सकता है। डॉ. सूद के अनुसार इस दर्द का खतरा महिलाओं, अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त लोगों, डायबिटीज मरीज, जिनका वजन तेजी से बढ़ता या घटता है, क्रैश डाइटिंग करने वाले लोगों को ज्यादा रहता है।

कैसे पहचानें कि दर्द अपच की वजह से हैं या फिर गाल ब्लैडर की समस्या?

फोर्टिस हॉस्पिटल्स के सर्जिकल गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. प्रणव होन्नावरा श्रीनिवास बताते हैं कि सामान्य अपच में आमतौर पर ऊपरी पेट में हल्की जलन, भारीपन या गैस जैसा महसूस होता है, जो एंटासिड लेने से ठीक हो जाता है या अपने आप कम हो जाता है, लेकिन गाल ब्लैडर से जुड़ा दर्द अलग तरह का होता है। गॉल ब्लैडर का दर्द पेट के ऊपरी हिस्से या दाहिनी तरफ तेज या ऐंठन जैसा होता है। ये दर्द खाना खाने के आधा घंटे बाद के अंदर ही होता है। खासकर तैलीय भोजन का सेवन करने के बाद ये दर्द बढ़ जाता है। दर्द दाहिने कंधे या पीठ तक फैल सकता है और कई घंटों तक बना रह सकता है। इस दर्द से राहत पाने के लिए एंटासिड दवा असरदार नहीं होती।

ये लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से मिलें

डॉ. श्रीनिवासन के अनुसार अगर आपको खाने के बाद पेट में दर्द होता है और दर्द बार-बार होता है, दर्द की तीव्रता ज्यादा रहती है, मतली, उल्टी या बुखार रहता है, आंखों या स्किन का पीला पड़ने जैसे समस्या है और गहरे रंग का पेशाब आता है तो ये सभी संकेत गॉल ब्लैडर से जुड़ी समस्या के हो सकते हैं, ऐसे में आप तत्काल चिकित्सकीय जांच कराएं।

मोटापा, डायबिटीज और तेजी से वजन घटाने से क्यों बढ़ता है खतरा?

डॉ. श्रीनिवासन बताते हैं कि पित्त की पथरी तब बनती है जब पित्त का संतुलन बिगड़ जाता है और उसमें कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ जाती है। मोटापे में लिवर अधिक कोलेस्ट्रॉल बनाता है, जिससे कोलेस्ट्रॉल स्टोन बनने का खतरा बढ़ जाता है। तेजी से वजन घटाने पर लिवर अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल पित्त में छोड़ता है और गाल ब्लैडर की गतिविधि कम हो जाती है, जिससे पित्त जमा होने लगता है। डायबिटीज में फैट मेटाबॉलिज्म और गाल ब्लैडर की कार्यक्षमता प्रभावित होती है, जिससे पथरी बनने की संभावना बढ़ जाती है।

गाल ब्लैडर पर दबाव कम करने के लिए क्या करें?

डॉ. श्रीनिवासन ने बताया अगर आप चाहते हैं कि गॉल ब्लैडर पर दबाव कम रहे तो आप नियमित समय पर संतुलित भोजन करें। लंबे समय तक भूखे रहने से बचें। फल, सब्जियां और साबुत अनाज जैसे फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ खाएं। सीमित मात्रा में हेल्दी फैट का सेवन करें। तले-भुने और अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड से बचें। संतृप्त वसा (Saturated Fat) कम लें। क्रैश डाइटिंग की बजाय धीरे-धीरे और स्वस्थ तरीके से वजन घटाएं।

कब जरूरी है डॉक्टर से संपर्क करना?

अगर आपकी बॉडी में कुछ लक्षण दिखने लगे जैसे

  • खाना खाने के बाद होने वाला पेट दर्द
  • बार-बार होने वाला पेट दर्द
  • बहुत तेज पेट दर्द जो समय के साथ बढ़ रहा है
  • उल्टी, बुखार या पीलिया के साथ है, कंधे या पीठ तक फैल रहा है तो आप तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
  • डॉ. श्रीनिवासन बताते हैं कि बार-बार एंटासिड लेकर दर्द को दबाने की कोशिश करने से सही बीमारी का पता लगाने में देरी हो सकती है। इससे गाल ब्लैडर संक्रमण (Gallbladder Infection) या पैंक्रियाज जैसी गंभीर जटिलताएं विकसित हो सकती हैं। इसलिए समय रहते चिकित्सकीय सलाह लेना बेहद जरूरी है।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी किसी चिकित्सकीय सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। यदि आपको पेट में लगातार दर्द, मतली, उल्टी, बुखार, पीलिया या कोई अन्य गंभीर लक्षण महसूस हों, तो तुरंत योग्य डॉक्टर से परामर्श लें। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।