गर्मी में पारा 44 डिग्री तक पहुंच रहा है। ऐसे में गर्मी से बचाव करने के लिए तेज धूप से बचना, ठंडी जगह पर रहना, कॉटन के कपड़े पहनना और सबसे ज्यादा अपनी डाइट का ध्यान रखना जरूरी है। इस गर्मी में ठंडी तासीर वाले और बॉडी को हाइड्रेट रखने वाले फूड्स का सेवन करना बेहद उपयोगी माना जाता है। इस मौसम में बढ़ता तापमान और तेज धूप शरीर में डिहाइड्रेशन, पेट में जलन और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ा देती है। ऐसे में बॉडी को अंदर से ठंडा रखने के लिए गोंद कतीरे का सेवन काफी लोकप्रिय और असरदार साबित होता है। इसकी तासीर बेहद ठंडी होती है, जो गर्मियों में एक बेहतरीन नेचुरल कूलिंग एजेंट की तरह काम करती है। गोंद कतीरा को पानी में भिगोकर उसका ड्रिंक बनाकर पीने से सिर दर्द या माइग्रेन के दर्द से राहत मिलती है और बॉडी अच्छी तरह हाइड्रेट रहती है।

सेलिब्रिटी शेफ श्रुति महाजन (Chef Shruti Mahajan) ने भी अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा करके बताया है कि गोंद कतीरा सेहत के लिए बेहद उपयोगी है, लेकिन अगर इसे सीमित मात्रा में और सही तरीके से खाया जाए, तभी इससे सेहत को वास्तविक फायदा होता है। यह एक ऐसा नेचुरल कूलेंट है जो गर्मी में शरीर की अत्यधिक गर्मी को दूर करने में मदद करता है। पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने के लिए भी गोंद कतीरा का सेवन बेहद असरदार माना गया है। आइए एक्सपर्ट्स और वैज्ञानिक रिसर्च के नजरिए से जानते हैं कि गोंद कतीरे का सेवन करने से सेहत को कौन-कौन से फायदे होते हैं और किन लोगों को इससे परहेज करना चाहिए।

गर्मी में गोंद कतीरा का सेवन करने के फायदे:

लू और हीट स्ट्रोक से बचाव:

गर्मी में पानी में भिगोया हुआ गोंद कतीरा पीने से शरीर का तापमान कंट्रोल रहता है और लू लगने का खतरा कम होता है। गोंद कतीरा में प्राकृतिक रूप से कूलिंग एजेंट पाए जाते हैं। जब इसे पानी में भिगोया जाता है, तो यह जेली जैसा रूप ले लेता है। इसमें पानी को रोककर रखने की अद्भुत क्षमता होती है। गर्मी में इसका सेवन करने से शरीर का आंतरिक तापमान नियंत्रित रहता है, जिससे लू (Heat Stroke) का खतरा काफी कम हो जाता है।

डिहाइड्रेशन से सुरक्षा:

Journal of Food Science and Technology और फार्मास्युटिकल रिसर्च के मुताबिक, गोंद कतीरा एक बेहतरीन हाइड्रेटिंग एजेंट है। इसमें भरपूर मात्रा में घुलनशील फाइबर (Soluble Fiber) होता है। जब शरीर में तेज गर्मी के कारण पानी की कमी होने लगती है, तो गोंद कतीरा का जेल फॉर्म पेट और आंतों में पानी के अवशोषण (Absorption) को धीमा और निरंतर बनाए रखता है। इससे शरीर लंबे समय तक हाइड्रेट रहता है।

पाचन तंत्र के लिए मददगार

आयुर्वेद में इसे शीत वीर्य यानी ठंडी तासीर वाला माना गया है। आधुनिक विज्ञान के नजरिए से देखें तो गर्मी के दिनों में हमारा पाचन तंत्र थोड़ा सुस्त हो जाता है, जिससे पेट में गर्मी (Metabolic Heat) बढ़ती है। गोंद कतीरा पेट में एक सुरक्षात्मक परत बनाता है, जो एसिडिटी को शांत करता है और पाचन क्रिया के दौरान पैदा होने वाली अतिरिक्त गर्मी को रोकता है। इसमें प्रचुर मात्रा में फाइबर होता है, जो कब्ज (Constipation) की समस्या को दूर करने और पेट को साफ रखने में मदद करता है।

स्किन में आता है निखार

इसकी कूलिंग प्रॉपर्टीज चेहरे के कील-मुंहासों, घमौरियों और गर्मी के कारण होने वाले स्किन रैशेज को कम करने में बेहद मददगार साबित होती हैं।

किन लोगों को गोंद कतीरा से करना चाहिए परहेज (Who Should Avoid):

गोंद कतीरा जहां आम लोगों के लिए फायदेमंद है, वहीं कुछ खास शारीरिक स्थितियों में एक्सपर्ट्स इसके सेवन से बचने की सलाह देते हैं:

लो ब्लड प्रेशर (Low BP) वाले लोग रहें सावधान

गोंद कतीरा की तासीर अत्यधिक ठंडी मानी जाती है। ऐसे में जिन लोगों का ब्लड प्रेशर पहले से ही कम रहता है, उन्हें इसका सेवन करने से बचना चाहिए। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह शरीर को और अधिक ठंडा कर सकता है, जिससे ब्लड प्रेशर और गिरने का खतरा रहता है। इसके कारण चक्कर आना, कमजोरी महसूस होना या सुस्ती जैसी समस्या हो सकती है।

संवेदनशील पाचन वाले लोग

गोंद कतीरा का सेवन हमेशा सीमित मात्रा में करना चाहिए। जरूरत से ज्यादा सेवन करने पर कुछ लोगों को गैस, पेट फूलना (Bloating) और पेट में भारीपन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। जिन लोगों का पाचन तंत्र बहुत ज्यादा संवेदनशील है, उन्हें इसका सेवन करने से पहले न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

सर्दी, जुकाम और साइनस की समस्या

गोंद कतीरा की ठंडी तासीर गर्मियों में राहत जरूर देती है, लेकिन सर्दी-जुकाम, कफ या साइनस से परेशान लोगों के लिए यह उपयुक्त नहीं माना जाता। ऐसे लोगों में इसका सेवन करने से कफ बढ़ सकता है, नाक बंद होना और साइनस के लक्षण अधिक गंभीर हो सकते हैं।

किडनी के मरीज

किडनी से जुड़ी बीमारी से जूझ रहे लोगों को गोंद कतीरा का सेवन बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं करना चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार, इसमें फाइबर की ज्यादा मात्रा और शरीर के फ्लूइड बैलेंस (Fluid Balance) पर पड़ने वाला प्रभाव कुछ मरीजों के लिए परेशानी पैदा कर सकता है। इसलिए किडनी रोगी इसे अपनी डाइट में शामिल करने से पहले अपने नेफ्रोलॉजिस्ट या डाइटीशियन से सलाह जरूर लें।

इस्तेमाल करने का सही तरीका

1 छोटा चम्मच गोंद कतीरा रातभर एक गिलास पानी में भिगोकर रख दें। सुबह तक यह फूलकर बर्फ जैसी जेली बन जाएगा। इस जेली को मिश्री, दूध, छाछ या नींबू पानी में मिलाकर पिएं। याद रखें, गोंद कतीरा को हमेशा अच्छी तरह भिगोकर ही खाएं। सूखा या अधूरा भीगा खाने पर यह गले या आंतों में फंस सकता है और नुकसान पहुंचा सकता है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य संबंधी सलाह और विशेषज्ञों के विचारों पर आधारित है। हर व्यक्ति की शारीरिक आवश्यकताएं और बीमारियां अलग होती हैं। किसी भी बीमारी या स्वास्थ्य समस्या में गोंद कतीरा का नियमित सेवन शुरू करने या बंद करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य न्यूट्रिशन विशेषज्ञ (Dietitian) से व्यक्तिगत सलाह अवश्य लें। जंसत्ता इस जानकारी की पूर्ण सत्यता या इसके व्यावहारिक परिणामों की जिम्मेदारी नहीं लेता है।