जब बात शरीर में प्रोटीन की कमी को पूरा करने की आती है, तो मांसाहारी (Non-vegetarian) डाइट में चिकन, मटन और मछली को सबसे बेहतरीन स्रोत माना जाता है। प्रोटीन डाइट का सेवन मांसपेशियों को मजबूत बनाने, वजन को कंट्रोल करने, मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करने, हड्डियों को सपोर्ट करने, इम्यून सिस्टम को मजबूत करने, घाव को जल्दी भरने और ब्लड शुगर को नार्मल रखने में मदद करता है। वैसे तो प्रोटीन के लिए शाकाहारी और मांसाहारी दोनों फूड सोर्स मौजूद हैं, लेकिन जिम लवर और नॉनवेज के शौकीन लोग इसकी भरपाई के लिए चिकन,मटन और फिश का सेवन करने पर जोर देते हैं। एक नॉर्मल इंसान को लगभग 0.8 ग्राम प्रति किलोग्राम वजन के रोजाना जरूरत होती है।
क्वालिफाइड MBBS डॉक्टर, सर्टिफाइड फिजिशियन और लैब मेडिसिन स्पेशलिस्ट,रिसर्च स्कॉलर और फिटनेस एक्सपर्ट डॉ. संतोष सिंह ने बताया इन तीनों नॉनवेज फूड्स से मिलने वाले प्रोटीन की मात्रा, फैट प्रोफाइल और पचाने की क्षमता बिल्कुल अलग होती है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि 100 ग्राम चिकन ,100 ग्राम मटन और 100 ग्राम फिश में किसमें सबसे ज्यादा प्रोटीन मौजूद होता है और कौन सेहत के लिए उपयोगी फूड है।
100 ग्राम चिकन में प्रोटीन की मात्रा
अलग-अलग प्रकार के मीट में प्रोटीन की मात्रा की तुलना करें, तो चिकन ब्रेस्ट सबसे बेहतर विकल्प माना जाता है। 100 ग्राम चिकन ब्रेस्ट में लगभग 32 ग्राम प्रोटीन होता है, जबकि चिकन लेग में करीब 30 ग्राम और ड्रमस्टिक में लगभग 28 ग्राम प्रोटीन मिलता है। चिकन को लीन प्रोटीन कहा जाता है यानी इसमें प्रोटीन की मात्रा ज्यादा और फैट की मात्रा काफी कम होती है। खासतौर पर चिकन ब्रेस्ट फिटनेस पसंद करने वाले लोगों की पहली पसंद होता है। एक्सपर्ट के मुताबिक चिकन में सैचुरेटेड फैट और कैलोरी भी बहुत कम होती है जो सेहत के लिए जरूरी है।
100 ग्राम मटन में कितना होता है प्रोटीन
100 ग्राम मटन में लगभग 25.2 ग्राम प्रोटीन, पोर्क में करीब 31 ग्राम, बीफ में लगभग 28.7 ग्राम प्रोटीन मौजूद होता है। यानी अलग-अलग मीट में प्रोटीन की मात्रा का अंतर बहुत अधिक नहीं होता और अधिकांश में यह 25–32 ग्राम प्रति 100 ग्राम के बीच रहता है। हालांकि मटन को प्रोटीन का अच्छा स्रोत मानते हैं लेकिन इसमें फैट ज्यादा होता है,ऐसे में इसका अधिक सेवन करने से बॉडी वेट बढ़ सकता है। प्रोटीन के लिए अगर आप मटन खाते हैं तो इससे खराब कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ने और ब्लड शुगर बढ़ने का खतरा रहता है, इसलिए प्रोटीन के लिए मटन का ज्यादा सेवन बॉडी के लिए मुश्किल बढ़ा सकता है। ज्यादा मटन का सेवन लिवर पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।मटन प्रोटीन तो देता है, लेकिन इसके साथ एक्स्ट्रा फैट और कैलोरी भी मिलती हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
100 ग्राम फिश में प्रोटीन की मात्रा
अगर आप प्रोटीन डाइट का सेवन वजन को ध्यान में रखते हुए कर रहे है तो प्रोटीन के साथ हल्का खाने की कोशिश करें। प्रोटीन डाइट में मछली सबसे हल्का और आसान विकल्प है।ज़्यादातर लीन फ़िश जैसे रोहू, तिलापिया, बासा और कतला की 100-ग्राम सर्विंग में लगभग 90-130 कैलोरी होती है। सैल्मन, मैकेरल या हिल्सा जैसी फैटी मछली में भी आमतौर पर 180 से 210 कैलोरी होती है, जिसमें से ज़्यादातर कैलोरी दिल के लिए फायदेमंद फैट से आती है, न कि भारीपन बढ़ाने वाले फैट से।
एक्सपर्ट के मुताबिक अगर आपको नॉन-वेज प्रोटीन लेना हो तो मछली अपेक्षाकृत बेहतर विकल्प है क्योंकि इसमें प्रोटीन के साथ ओमेगा-3 फैटी एसिड और अनसैचुरेटेड फैट भी मिलते हैं, जो दिल के लिए फायदेमंद माने जाते हैं। वहीं, प्रोटीन की जरूरत पूरी करने के लिए दूध और डेयरी उत्पाद, दालें, चना, सोया और आवश्यकता होने पर व्हे प्रोटीन जैसे विकल्प भी अच्छे माने जाते हैं। संतुलित मात्रा में और कम तेल में पकाकर प्रोटीन का सेवन करना स्वास्थ्य के लिए अधिक लाभकारी होता है।
मछली, चिकन और मटन में क्या अंतर है?
| विशेषता | मछली (Fish) | चिकन (Chicken) | मटन (Mutton) |
| कैलोरी (100 ग्राम में) | 90–130 कैलोरी (लीन मछली), 180–210 कैलोरी (फैटी मछली) | 150 कैलोरी (स्किनलेस ब्रेस्ट), 170–200 कैलोरी (थाई/ड्रमस्टिक) | 230–260 कैलोरी (कट के अनुसार) |
| प्रोटीन (100 ग्राम में) | 20–25 ग्राम | 27–31 ग्राम | प्रोटीन अच्छी मात्रा में, लेकिन प्रोटीन-टू-फैट अनुपात चिकन से कम |
| फैट का प्रकार और गुणवत्ता | ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर, जो सूजन कम करने और हृदय के लिए फायदेमंद होता है | स्किन हटाने पर फैट अपेक्षाकृत कम और अधिकांश मोनोअनसैचुरेटेड व पॉलीअनसैचुरेटेड फैट; स्किन के साथ सैचुरेटेड फैट बढ़ जाता है | सैचुरेटेड फैट सबसे अधिक, पचने में भारी |
| पाचन पर प्रभाव | सबसे आसानी से पचने वाला, पेट पर हल्का | मध्यम रूप से पचता है, कम तेल में पकाने पर बेहतर | सबसे धीरे पचता है, अच्छे पाचन और मसालों की आवश्यकता होती है |
| हृदय स्वास्थ्य और सूजन | हृदय स्वास्थ्य के लिए सबसे अच्छा, सूजन कम करने में मददगार | स्किनलेस चिकन हृदय के लिए बेहतर विकल्प; स्किन के साथ सैचुरेटेड फैट बढ़ जाता है | बार-बार सेवन करने पर कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का जोखिम, इसलिए सीमित मात्रा में सेवन करें |
| किसके लिए बेहतर | हल्का भोजन, दिमाग और त्वचा की सेहत, एंटी-इंफ्लेमेटरी लाभ | रोजमर्रा की प्रोटीन जरूरत, मसल्स बनाने और संतुलित कैलोरी के लिए | लंबे समय तक पेट भरा रखने, ठंड के मौसम और कभी-कभार ऊर्जा देने वाले भोजन के रूप में |
डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य पोषण संबंधी तथ्यों पर आधारित है। किसी भी खाद्य पदार्थ की कैलोरी, प्रोटीन और फैट की मात्रा उसके प्रकार, कट, पकाने के तरीके और ब्रांड के अनुसार बदल सकती है। यदि आपको हृदय रोग, हाई कोलेस्ट्रॉल, किडनी, लिवर या किसी अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्या है, तो अपनी डाइट में बदलाव करने से पहले डॉक्टर या रजिस्टर्ड डाइटीशियन से सलाह अवश्य लें। संतुलित आहार और उचित मात्रा में सेवन ही स्वस्थ जीवनशैली की कुंजी है।
