भयंकर गर्मी और लू के इस मौसम में शरीर को अंदर से ठंडा रखना और पाचन तंत्र (Digestive System) को दुरुस्त बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होती है। देश के ज्यादातर हिस्सों में पारा हाई है ऐसे में गर्मी से बचाव करने के लिए बॉडी को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है। बॉडी हाइड्रेट करने के लिए सिर्फ पानी का सेवन पर्याप्त नहीं है बल्कि कुछ देसी चीजों का सेवन करना भी जरूरी है जिनकी तासीर ठंडी हो और जो बॉडी को आसानी से हाइड्रेट करें। गर्मी में पारंपरिक सत्तू का सेवन बेहद उपयोगी है। चने को पीसकर तैयार किया गया सत्तू की तासीर ठंडी होती है। चने के सत्तू में अगर पुदीना (Mint) मिलाकर सही तरीके से सेवन किया जाए, तो यह पेट के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। चूंकि चने को भूनकर सत्तू बनाया जाता है, इसलिए यह आसानी से पच जाता है।
आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉक्टर रूपाली जैन ने बताया आयुर्वेद के मुताबिक चने का सत्तू शरीर में हल्कापन लाता है, थकान दूर करने में मदद करता है और शरीर में जमा अपचित पदार्थों (आम) को कम करने में मददगार साबित होता है। इसके नियमित और सही सेवन से शरीर को ऊर्जा मिलती है और पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है। आइए आयुर्वेदिक एक्सपर्ट से जानते हैं कि गर्मी में सत्तू और पुदीने का यह कॉम्बिनेशन सेहत को क्या फायदे पहुंचाता है और इसे बनाने का सही आयुर्वेदिक तरीका क्या है।
सत्तू और पुदीना मिक्स पीने के आयुर्वेदिक फायदे
पेट को तुरंत मिलती है ठंडक
आयुर्वेदिक विशेषज्ञों के अनुसार, चने के सत्तू की तासीर स्वाभाविक रूप से ठंडी होती है। जब इसमें पोदीना मिलाया जाता है तो इसकी कूलिंग प्रॉपर्टीज (शीतलता) दोगुनी हो जाती है, जो भीषण गर्मी में भी पेट की गर्मी और जलन को शांत करती है। इसका शरबत बनाकर गर्मी में रोज पीने से बॉडी हाइड्रेट रहती है और बॉडी को तुरंत एनर्जी मिलती है।
बॉडी को रखता है एनर्जेटिक
प्रोटीन से भरपूर चने का सत्तू शरीर में हल्कापन लाता है,थकान दूर करने में मदद करता है और शरीर में जमा अपचित पदार्थों (आम) को कम करने में मददगार हो सकता है। इसका नियामित और सही तरीके से सेवन करने से शरीर को ऊर्जा मिलती है और बॉडी हेल्दी रहती है। आयुर्वेद के अनुसार जिन लोगों को बार-बार भूख और प्यास लगती है, उनके लिए भी सत्तू फायदेमंद माना गया है।
पाचन तंत्र को मिलता है फायदा
सत्तू में भरपूर मात्रा में इन सॉल्युबल फाइबर (Insoluble Fiber) होता है, जो आंतों की सफाई करता है। सत्तू पचने में हल्का होता है। यह जठराग्नि को बेहतर बनाने और बार-बार होने वाले दस्त या IBS जैसी समस्या में भी फायदेमंद माना गया है। अगर इसके साथ पुदीने का सेवन किया जाए तो ये गैस, एसिडिटी, ब्लोटिंग (पेट फूलना) और अपच की समस्या को जड़ से ठीक करने में मदद करता है। पोदीना अपने दीपन-पाचन गुणों के लिए जाना जाता है। गर्मी में इस सत्तू का सेवन गर्मी में होने वाली बीमारियों से बचाव का आसान तरीका है।
लू (Heat Stroke) से करता है बचाव
गर्मी के दिनों में सत्तू का शरबत एक बेहतरीन रिहाइड्रेशन ड्रिंक है। यह शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स के संतुलन को बनाए रखता है और अचानक लगने वाली लू से सुरक्षित रखता है। सत्तू शरीर को ठंडक पहुंचाने में मदद करता है और पित्त दोष को संतुलित रखने में सहायक माना गया है।
एनर्जी का पावर हाउस है ये ड्रिंक
सत्तू में प्रोटीन और आयरन प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। सुबह के वक्त इसे पीने से शरीर दिनभर ऊर्जावान (Energetic) महसूस करता है। जिन लोगों को कमजोरी, थकान या हमेशा सुस्ती महसूस होती है, उनके लिए सत्तू लाभकारी माना गया है।
आयुर्वेदिक एक्सपर्ट के अनुसार बनाने का सही तरीका
सामग्री:
2-3 चम्मच चने का सत्तू, एक गिलास ठंडा या मटके का पानी, 8-10 ताजा पुदीने की पत्तियां , आधा चम्मच भुना हुआ जीरा पाउडर, स्वादानुसार काला नमक और आधा नींबू का रस।
विधि:
एक गिलास पानी में सत्तू को अच्छी तरह घोल लें ताकि गांठें न पड़ें। अब इसमें पुदीने का पेस्ट, भुना जीरा, काला नमक और नींबू का रस मिलाएं। आयुर्वेद के अनुसार दोपहर के भोजन से पहले या सुबह खाली पेट इसका सेवन करना सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से साझा किया गया है। लेख में दी गई सलाह और रेसिपी आयुर्वेदिक विशेषज्ञों के सामान्य अनुभवों पर आधारित हैं। हर व्यक्ति की शारीरिक प्रकृति (वात, पित्त, कफ) अलग होती है। इसलिए, किसी भी स्वास्थ्य समस्या या गंभीर स्थिति में इस उपाय को अपनाने से पहले अपने पारिवारिक डॉक्टर या एक प्रमाणित आयुर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श जरूर लें। जंसत्ता इस जानकारी के व्यावहारिक परिणामों की जिम्मेदारी नहीं लेता है।
