Weight Loss vs Fat Loss: डायटिशियन और पिलाटीज इंस्ट्रक्टर Darshana Joshi, जो कांदिवली वेस्ट, मुंबई में कार्यरत हैं, बताती हैं कि वजन कम करने की प्रक्रिया में लोग अक्सर वेट लॉस और फैट लॉस को एक ही समझ लेते हैं, जबकि दोनों में बड़ा फर्क है। एक्सपर्ट के अनुसार, वेट लॉस जर्नी शुरू करते समय अधिकांश लोग सिर्फ वजन घटाने पर ध्यान देते हैं। वे ट्रेडमिल पर दौड़ते हैं और मशीन पर दिख रहे नंबरों को ही प्रोग्रेस मान लेते हैं। लेकिन यह समझना जरूरी है कि वेट लॉस और फैट लॉस अलग-अलग चीजें हैं। दरअसल, जब आप सामान्य तरीके से वजन कम करते हैं, तो सिर्फ शरीर की चर्बी ही नहीं घटती, बल्कि मांसपेशियां (Muscles) और शरीर का पानी भी कम हो सकता है। यह स्थिति लंबे समय में सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है।

Disclaimer: लेख के अंत में यह जरूर लिखें कि “यह जानकारी सामान्य ज्ञान के लिए है और इसे डॉक्टरी सलाह का विकल्प न माना जाए।

फिटनेस एक्सपर्ट्स का मानना है कि हेल्दी बॉडी के लिए केवल वजन कम करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह समझना ज्यादा जरूरी है कि शरीर के अंदर क्या बदलाव हो रहे हैं। सही लक्ष्य फैट लॉस होना चाहिए, ताकि शरीर फिट, मजबूत और स्वस्थ बना रहे। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि वेट लॉस  और फैट लॉस में क्या अंतर है, बॉडी को फिट और हेल्दी बनाने के लिए कौन तरीका ज्यादा फिट है।

वेट लॉस और फैट लॉस में क्या अंतर है?

वेट लॉस का मतलब है शरीर का कुल वजन कम होना, जिसमें सिर्फ चर्बी ही नहीं बल्कि पानी (Water Weight), मांसपेशियां (Muscles) और फैट तीनों शामिल होते हैं। इसलिए कई बार जब लोग क्रैश डाइटिंग या जरूरत से ज्यादा कार्डियो करते हैं, तो उनका वजन तेजी से घटता जरूर है, लेकिन यह कमी हमेशा हेल्दी नहीं होती। शरीर से पानी और मसल्स कम होने लगते हैं, जिससे कमजोरी, थकान और मेटाबॉलिज्म धीमा होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

बात करें फैट लॉस की तो ये शरीर में जमा अतिरिक्त चर्बी को कम करना, जबकि मसल्स को बचाकर रखना है। यही असली और हेल्दी तरीका माना जाता है। फैट लॉस में वजन धीरे-धीरे कम होता है, लेकिन शरीर ज्यादा टोन, फिट और शेप में नजर आता है। कमर, पेट और जांघों जैसे हिस्सों में इंच लॉस दिखने लगता है और व्यक्ति खुद को ज्यादा एनर्जेटिक महसूस करता है।सिर्फ वजन कम करना सेहत के लिए क्यों हो सकता है नुकसानदायक?अक्सर लोग वजन कंट्रोल करने के लिए डाइटिंग और वर्कआउट करते हैं, लेकिन आप जानते हैं कि जरूरत से ज्यादा डाइटिंग और वर्कआउट से बॉडी में पानी की कमी, जरूरी पोषक तत्वों की कमी होने लगती है। ऐसी स्थिति में मेटाबॉलिज्म धीमा होने लगता है और वेट लॉस के बाद दोबारा फिर से वजन बढ़ने लगता है।

वजन घटाने का सही फोकस क्या होना चाहिए?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक वजन घटाने के लिए हमारा फोकस वेट लॉस पर नहीं बल्कि फैट लॉस पर होना चाहिए। खासकर पेट के आसपास जमा चर्बी को कम करना जो विसरल फैट होता है बेहद जरूरी है। पेट के पास की ये चर्बी कई बीमारियों का कारण बनती है। वजन कम करने के लिए आपको फैट पर वार करना जरूरी है।

हेल्दी तरीके से फैट लॉस कैसे करें?

हेल्दी तरीके से फैट लॉस करने के लिए बैलेंस डाइट का सेवन करना जरूरी है। डाइट में प्रोटीन का सेवन ज्यादा और कार्ब्स का सेवन कंट्रोल करना जरूरी है। आप हेल्दी तरीके से वेट लॉस करना चाहते हैं तो आप हेल्दी फैट को भी सीमित मात्रा में अपनी डाइट में शामिल करें। इसके साथ ही स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और कार्डियो एक्सरसाइज को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। फैट लॉस के लिए डाइट, एक्सरसाइज और पर्याप्त नींद बेहद जरूरी है। पर्याप्त नींद लेकर ही आप तनाव को कंट्रोल कर सकते हैं।

कैसे पहचानें कि आप वेट लॉस कर रहे हैं या फैट लॉस टेबल से जानिए

संकेत (Indicator)वेट लॉस (Weight Loss)फैट लॉस (Fat Loss)
वजन (Weight)तेजी से कम होता हैधीरे-धीरे कम होता है
शरीर की शेपखास बदलाव नहीं, ढीलापन दिख सकता हैबॉडी टोन और शेप बेहतर होती है
इंच लॉसकम या नहीं के बराबरकमर, हिप्स आदि के इंच घटते हैं
मसल्स (Muscle)मसल्स भी कम हो सकती हैंमसल्स बनी रहती हैं
एनर्जी लेवलथकान, कमजोरी महसूस हो सकती हैएनर्जेटिक और एक्टिव महसूस होता है
स्ट्रेंथ (Strength)घटती हैबनी रहती है या बढ़ती है
ओवरऑल हेल्थलंबी अवधि में नुकसानदायक हो सकता हैहेल्दी और सस्टेनेबल

डिस्क्लेमर : लेख के अंत में यह जरूर लिखें कि “यह जानकारी सामान्य ज्ञान के लिए है और इसे डॉक्टरी सलाह का विकल्प न माना जाए।