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थायरॉयड की बीमारी से पाना है निजात तो डाइट में जरूर शामिल करें ये फूड आइटम्स

Tips for Thyroid Patients: शरीर में पर्याप्त मात्रा में थायरॉयड बनाने के लिए आयोडीन का सेवन बहुत जरूरी है। इसकी की कमी से थायरॉयड ग्लैंड का साइज बढ़ने लगता है

अगर आप थायरॉयड की समस्या को कंट्रोल में रखना चाहते हैं तो इसके लिए ये जरूरी है कि आप अपने खान-पान का ध्यान रखें

Tips for Thyroid Patients: थायरॉयड की बीमारी आज के समय में बहुत आम बन चुकी है। हालांकि, इसे साइलेंट किलर भी कहा जाता है क्योंकि इसके लक्षण धीरे-धारे सामने आते हैं। ‘थायरॉइड’ गले में एक विशेष ग्लैंड को कहा जाता है जो थायरोक्सिन नामक एक हार्मोन का उत्पादन करती है। ये हार्मोन शरीर के क्रिया-कलापों के लिए बहुत जरूरी है। अगर किसी व्यक्ति में थायरॉयड ग्लैंड ज्यादा मात्रा में ये हार्मोन पैदा करने लगता है तो उस स्थिति को हाइपर थायरॉयडिज्म कहा जाता है। इस बीमारी में थायरॉयड ग्लैंड के ओवर एक्टिव होने से शरीर का मेटाबॉलिज्म बहुत कम हो जाता है। वहीं, हाइपो थायरॉयडिज्म में ठीक उल्टा होता है। दोनों ही स्थिति में वजन कम या ज्यादा होता है। अगर आप थायरॉयड की समस्या को कंट्रोल में रखना चाहते हैं तो इसके लिए ये जरूरी है कि आप अपने खान-पान का ध्यान रखें।

काजू-बादाम खाने से होगा फायदा: थायरॉयड के मरीजों को ड्राय फ्रूट्स यानि कि मेवे खाने से फायदा होगा। काजू और बादाम जैसे मेवों में आयरन भरपूर मात्रा में मौजूद होता है। शरीर में थायरॉयड ग्लैंड का फंक्शन सुचारू रूप से चलता रहे इसके लिए बॉडी में आयरन और कॉपर का होना अत्यंत आवश्यक है। काजू और बादाम के अलावा, सूरजमुखी के बीज में भी ये दोनों तत्व पाए जाते हैं।

मशरूम – थायरॉयड के मरीजों के लिए मशरूम अच्छे आहारों में से एक है। इसमें सेलेनियम की मात्रा अधिक होती है, जो थायरॉयड को कंट्रोल करने का काम करता है। सेलेनियम को थायरॉयड-सुपर-न्यूट्रिएंट भी कहा जाता है, जो थायरॉयड से संबंधित ज्यादातर एंजाइम्स के लिए जरूरी होता है।

आयोडीन: शरीर में पर्याप्त मात्रा में थायरॉयड बनाने के लिए आयोडीन का सेवन बहुत जरूरी है। इसकी कमी से थायरॉयड ग्लैंड का आकार असाधारण रूप से बढ़ जाता है जिससे मरीजों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। वयस्कों को आमतौर पर प्रति दिन 150 माइक्रोग्राम (एमसीजी) आयोडीन की आवश्यकता होती है। गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को प्रति दिन 200 एमसीजी जरूरी है। नमक के अलावा, सी-फूड, मछली, अंडा और दूध को भी आयोडीन का अच्छा स्रोत माना जाता है।

मुलेठी: थायरॉयड के मरीजों के लिए मुलेठी का सेवन फायदेमंद साबित हो सकता है। इसमें मौजूद पोषक तत्व थायरॉयड ग्लैंड को संतुलित रखने में मदद करता है। इसके अलावा, मुलेठी का इस्तेमाल करने से मरीजों को इस बीमारी के कारण होने वाली थकान को कम करने में भी मदद मिलती है।

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