18 से 20 साल के युवाओं में विटामिन B12 की कमी होना काफी आम होता जा रहा है, खासकर तब जब वे थकान, सुस्ती या पढ़ाई में एकाग्रता की कमी महसूस करते हैं। विटामिन B12 हमारे नर्वस सिस्टम, दिमाग के विकास और लाल रक्त कोशिकाओं (RBCs) के निर्माण के लिए बेहद जरूरी विटामिन है। बॉडी में इस विटामिन की कमी होने से ना सिर्फ थकान और कमजोरी रहती है , बल्कि लंबे समय तक इसका स्तर कम रहने पर यह नसों को स्थायी नुकसान भी पहुंचा सकता है। मेडिकल एक्सपर्ट्स के अनुसार हर उम्र के व्यक्ति के लिए विटामिन B12 की आवश्यकता अलग-अलग होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक ब्लड में विटामिन B12 का स्तर उम्र के साथ बदलता रहता है और इसकी कमी से एनीमिया जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।

एम्स के पूर्व कंसल्टेंट और साओल हार्ट सेंटर के फाउंडर एंड डायरेक्टर डॉ विमल झांझर ने बताया अगर समय रहते बॉडी में Vitamin B12 की कमी के लक्षणों की पहचान नहीं की जाए तो यह गंभीर न्यूरोलॉजिकल समस्याएं और यहां तक कि स्पाइनल कॉर्ड तक डैमेज करने का कारण बन सकता है।

विटामिन B12 की नॉर्मल रेंज क्या है?

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक अडल्ट व्यक्ति के शरीर में विटामिन बी12 का स्तर 300 pg/mL से ऊपर हो तो उसे नॉर्मल माना जाता है, अगर विटामिन बी 12 का स्तर 200-300 pg/mL तक हो तो इसे बॉर्डर लाइन माना जाता है और अगर ये 200 pg/mL से नीचे है तो इस स्तर को कम माना जाता है। बॉडी में बी 12 का स्तर कम होने पर कुछ लक्षण दिखने लगते हैं जिन्हें पहचानना जरूरी है।  उम्र के हिसाब से लोगों के शरीर में बी 12 का स्तर अलग-अलग होता है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि बॉडी में बी 12 का स्तर कम होने पर कौन-कौन से लक्षण दिखते हैं और हर उम्र में इसका स्तर कितना होता है।  

बॉडी में बी 12 की कमी होने पर दिखने वाले लक्षण

बॉडी में विटामिन बी12 की कमी होने पर आपका पाचन प्रभावित हो सकता है। आपको गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल संबंधी दिक्कतें जैसे दस्त, उल्टी, मतली, कब्ज, सूजन और गैस संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। ये समस्याएं वयस्कों और बच्चों दोनों को प्रभावित कर सकती हैं। बॉडी में इस विटामिन की कमी होने पर स्किन पर भी इसका असर दिखता है। इस विटामिन की कमी से स्किन का रंग पीला पड़ने लगता है।

अगर आपको बेवजह थकान और सिरदर्द का सामना करना पड़ रहा है, तो ये भी बॉडी में विटामिन बी12 की कमी के लक्षण हो सकते हैं। शरीर में बी12 का स्तर कम होने से होमोसिस्टीन नामक सल्फर युक्त अमीनो एसिड का स्तर बढ़ सकता है। ये शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव, डीएनए क्षति को बढ़ाकर डिप्रेशन का कारण बन सकता है।  आपको बता दें कि बॉडी में B12 का स्तर 200 से 300 pg/mL के बीच हो और थकान, हाथ-पैरों में झनझनाहट, कमजोरी या याददाश्त की समस्या जैसे लक्षण हों, तो डॉक्टर मिथाइल मेलोनिक एसिड (MMA) या होमोसिस्टीन जैसी अतिरिक्त जांच की सलाह दे सकते हैं।

किन लोगों में विटामिन B12 की कमी का खतरा सबसे ज्यादा होता है?

विटामिन B12 की कमी का जोखिम शाकाहारी और वीगन डाइट का सेवन करने वाले लोगों को ज्यादा रहता है। 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग, गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं में भी इस विटामिन की कमी ज्यादा होती है। पेट या आंतों की बीमारी जैसे क्रोहन डिजीज या सीलिएक डिजीज से पीड़ित लोगों में इस विटामिन की कमी ज्यादा होती है। मेटफॉर्मिन या लंबे समय तक एसिड कम करने वाली दवाओं का सेवन करने वाले, पेट या आंत की सर्जरी करा चुके लोगों में शरीर पर्याप्त मात्रा में विटामिन B12 को अवशोषित नहीं कर पाता, जिससे समय के साथ इसकी कमी हो सकती है।

18–20 वर्ष के युवाओं के लिए सामान्य गाइड

  1. 200 pg/mL से कम स्तर विटामिन B12 की कमी का संकेत है।
  2. 200–300 pg/mL स्तर बॉर्डरलाइन माना जाता है। बॉडी के लक्षणों के मुताबिक आगे की जांच की जरूरत पड़ सकती है।
  3. 300–500 pg/mL का स्तर सेहत के लिए अच्छा स्तर माना जाता है।
  4. 500 pg/mL से अधिक स्तर को पर्याप्त माना जाता है

हर उम्र में बी 12 का स्तर कितना होना चाहिए चार्ट से जानिए

उम्रVitamin B12 (mcg/दिन)
0–6 महीने0.4 mcg
7–12 महीने0.5 mcg
1–3 साल0.9 mcg
4–8 साल1.2 mcg
9–13 साल1.8 mcg
14+ साल2.4 mcg
18 + साल 2.4 mcg
गर्भवती महिलाएं2.6 mcg
स्तनपान कराने वाली महिलाएं2.8 mcg

शरीर में विटामिन B12 की कमी कैसे पूरी करें?

विटामिन B12 की कमी को पूरा करने के लिए संतुलित आहार के साथ जरूरत पड़ने पर चिकित्सा उपचार भी जरूरी हो सकता है। दूध, दही, पनीर, अंडे, मछली, चिकन और अन्य नॉन-वेज फूड्स विटामिन B12 के अच्छे नेचुरल स्रोत हैं। शाकाहारी लोग B12 की कमी को पूरा करने के लिए डाइट में फोर्टिफाइड दूध, अनाज और दूसरे फोर्टिफाइड फूड्स का सेवन कर सकते हैं।

अगर बॉडी में विटामिन बी 12 की कमी ज्यादा होती है तो आप डॉक्टर की सलाह पर B12 सप्लीमेंट या इंजेक्शन ले सकते हैं। विटामिन बी 12 के लिए पाचन तंत्र को हेल्दी रखना भी जरूरी है, क्योंकि विटामिन B12 का अवशोषण छोटी आंत में होता है। समय-समय पर जांच कराना और एक्सपर्ट की सलाह के अनुसार इलाज कराना इसकी कमी को प्रभावी ढंग से कंट्रोल करने में मदद करता है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी वैज्ञानिक अध्ययनों और विशेषज्ञों की सिफारिशों पर आधारित है। विटामिन B12 की सामान्य रेंज अलग-अलग लैब में थोड़ी भिन्न हो सकती है। यदि आपकी रिपोर्ट में B12 का स्तर कम या बॉर्डरलाइन है या थकान, कमजोरी, हाथ-पैरों में झनझनाहट या याददाश्त से जुड़ी समस्या जैसे लक्षण हैं, तो स्वयं इलाज करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेकर आवश्यक जांच और उपचार कराएं।