मोटापा एक ऐसी क्रॉनिक बीमारी है जो खान-पान में असंतुलन के कारण होती है। भारत में ज्यादातर लोगों के पेट पर मोटापा दिखता है। पेट पर जमा ये चर्बी कुछ और नहीं बल्कि विसरल फैट होता है जिसे घुलाना बहुत आसान नहीं होता। विसरल फैट पेट, लिवर और आंतों के आसपास जमा होता है, जो लंबे समय में हृदय रोग और टाइप-2 डायबिटीज जैसी समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकता है। गैस्ट्रो लिवर हॉस्पिटल, स्वरूप नगर, कानपुर में डॉक्टर वी के मिश्रा ने बताया ज्यादातर लोगों के पेट का फैट विसरल फैट होता है जो पेट के अंदर की ऑर्गन के चारों तरफ होता है। ये फैट लिवर के चारों तरफ, किडनी के चारों तरफ और आंतों के चारों तरफ मौजूद होता है। कई रिसर्च में ये बात साबित हो चुकी है कि विसरल फैट क्रॉनिक सूजन, दिल के रोगों और डायबिटीज का खतरा बढ़ता है। ये विसरल फैट हेल्थ के लिए बेहद रिस्क लेकर चलता है, इसलिए इस फैट से जल्द से जल्द छुटकारा पाना जरूरी है।
एक्सपर्ट ने बताया इसे ठीक करना या कम करना नामुमकिन नहीं है, बल्कि लाइफस्टाइल और डाइट से इसे कंट्रोल किया जा सकता है। संतुलित और कम कैलोरी वाली डाइट जिसमें पर्याप्त प्रोटीन और फाइबर हो, विसरल फैट घटाने में मदद कर सकती है। साथ ही रोजाना 30–45 मिनट की तेज चाल से वॉक, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और पर्याप्त नींद विसरल फैट से छुटकारा दिलाने में मददगार साबित होती है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि विसरल फैट को कंट्रोल करने के लिए किन चीजों से परहेज करें और पूरे हफ्ते हमारा डाइट चार्ट कैसा होना चाहिए।
विसरल फैट से छुटकारा पाने के लिए किन फूड्स से करें परहेज
डॉक्टर वीके मिश्रा ने बताया विसरल फैट से छुटकारा पाना चाहते हैं तो आप अपनी डाइट से मीठे ड्रिंक, रिफाइंड कार्ब्स जैसे सफेद ब्रेड और मैदा से परहेज करें। तली-भुनी चीजें और बहुत ज्यादा प्रोसेस्ड फूड का सेवन आपके पेट की चर्बी बढ़ा सकते है।
कौन से फूड विसरल फैट कंट्रोल करने में करते हैं मदद
पेट, आंतों और लिवर में जमा फैट को कंट्रोल करना चाहते हैं तो आप डाइट में हरी सब्जियों का सेवन करें। डाइट में साबुत अनाज, दालें और फल खाएं। विसरल फैट घटाने में हेल्दी फैट भी असरदार साबित होता है। हेल्दी फैट से भरपूर नट्स और सीड्स का सेवन बेहद असरदार साबित होता है।
विसरल फैट कंट्रोल करने के लिए डाइट प्लान
| समय | क्या खाएं (विकल्प) | लाभ (Science) |
| सुबह खाली पेट | 1 गिलास गुनगुना पानी + आधा नींबू या 1 चम्मच एप्पल साइडर विनेगर | मेटाबॉलिज्म को किक-स्टार्ट करता है। |
| नाश्ता (Breakfast) | 2 उबले अंडे / मूंग दाल चीला / ओट्स (बिना चीनी) + मुट्ठी भर बादाम | हाई प्रोटीन तृप्ति (Satiety) बढ़ाता है, जिससे दिनभर कम भूख लगती है। |
| मिड-मॉर्निंग | 1 कप ग्रीन टी या एक मौसमी फल (सेब/पपीता) | एंटीऑक्सीडेंट्स फैट ऑक्सीडेशन में मदद करते हैं। |
| दोपहर का खाना | 1 कटोरी दाल + 1 कटोरी दही + ढेर सारा सलाद + 1 बाजरा या रागी की रोटी | कॉम्प्लेक्स कार्ब्स और प्रोबायोटिक्स पेट की चर्बी कम करते हैं। |
| शाम का नाश्ता | भुने हुए मखाने या अंकुरित चने (Sprouts) | लो-कैलोरी और हाई फाइबर स्नैक। |
| रात का खाना | ग्रिल्ड पनीर/चिकन या सब्जियों का सूप + उबली हुई सब्जियां (ब्रॉकली/पनीर) | रात को नो-कार्ब डाइट इंसुलिन स्पाइक को रोकती है। |
हेल्थलाइन और वेबएमडी के मुताबिक विसरल फैट कंट्रोल करने के लिए आपको रोजाना कैलोरी को कंट्रोल करना होगा, प्रोटीन और फाइबर को बढ़ाना होगा, साथ ही हेल्दी फैट भी शामिल करना होगा।
विसरल फैट की खुद पहचान कैसे करें
अक्सर लोग भ्रमित रहते हैं कि उनका मोटापा सामान्य है या विसरल। इसे पहचानने के लिए आप वेस्ट-टू-हिप रेशियो को अपनाएं। इसे मापने के लिए कमर को मापें,हिप्स को मापें फिर अपनी कमर की माप को हिप्स की माप से भाग (Divide) दें। विसरल फैट की पहचान पेट को छूकर भी की जा सकती है। विसरल फैट वाला पेट अक्सर छूने में सख्त होता है, जबकि सामान्य चर्बी (Subcutaneous) नरम होती है।
इंटरमिटेंट फास्टिंग भी हो सकती है फायदेमंद
विसरल फैट से छुटकारा पाने में इंटरमिटेंट फास्टिंग (Intermittent Fasting) मददगार साबित हो सकती है। यह एक ऐसा खानपान पैटर्न है, जिसमें खाने और फास्टिंग के समय को तय किया जाता है। इससे शरीर की जमा हुई चर्बी, खासकर पेट के अंदर मौजूद विसरल फैट, को ऊर्जा के रूप में इस्तेमाल करने का मौका मिलता है।
किसे सावधानी बरतनी चाहिए:
गर्भवती महिलाएं, किडनी के मरीज या गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोग बिना डॉक्टर की सलाह के डाइट न बदलें।
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डिस्क्लेमर:
इस लेख में साझा की गई जानकारी केवल सामान्य जागरूकता और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार के विकल्प के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। अपनी डाइट, एक्सरसाइज या दवाओं में कोई भी बदलाव करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी भी स्वास्थ्य आपात स्थिति के मामले में तुरंत नजदीकी अस्पताल से संपर्क करें।
