यूरीन से जुड़ी कोई भी परेशानी इंसान को परेशान कर देती है। बात करें बार-बार यूरीन डिस्चार्ज होने की या फिर यूरिन में रुकावट होने की तो दोनों ही स्थितियां परेशान करने वाली हैं। पेशाब रुक-रुक कर आना एक ऐसी स्थिति में जिसमें अगर यूरिन ठीक से डिस्चार्ज नहीं हो तो इंसान की चीखें तक निकलने लगती हैं। पेशाब का रुक-रुक कर आना या फिर पूरी तरह डिस्चार्ज नहीं होना एक ऐसी स्थिति है जिसके लिए कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। VNA Hospital मालवीय नगर, नई दिल्ली में यूरोलॉजी एंड एंड्रोलॉजी विभाग के निदेशक डॉ. विनीत मल्होत्रा ने बताया अगर किसी को पेशाब रुक-रुक कर आता है तो ये लक्षण बढ़े हुए प्रोस्टेट के हो सकते हैं। मेडिकल साइंस के मुताबिक यह लक्षण यूरीनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI), प्रोस्टेट ग्रंथि के बढ़ने या मूत्राशय (Bladder) में रुकावट जैसी बीमारियों से जुड़ा हो सकता है। ऐसे में सही समय पर डॉक्टर से जांच कराना बेहद जरूरी है।

योग और आयुर्वेद की शिक्षा लेने वाले आचार्य बालकृष्ण जिन्हें पारंपरिक आयुर्वेद को आधुनिक वैज्ञानिक शोध (Scientific Evidence) से जोड़ने के लिए जाना जाता हैं, ने बताया अगर आपको यूरिन से जुड़ी दिक्कत है तो आप मुनक्का का सेवन करें। पारंपरिक चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद में मुनक्का को इसके औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है। आयुर्वेद के अनुसार मुनक्का यूरिनरी हेल्थ में सुधार करने में मददगार साबित हो सकता है। आइए आयुर्वेदिक एक्सपर्ट से जानते हैं कि मुनक्का का सेवन कैसे सेहत के लिए असरदार साबित होता है और इसे किस तरह से खाएं कि बॉडी को भरपूर फायदा मिले।

कतरा कतरा टपकना इन 3 बीमारियों का हो सकता है संकेत

पेशाब का कतरा-कतरा टपकना या न आना (Urinary Retention) इन तीन बीमारियों का संकेत हो सकता है

  • प्रोस्टेट ग्रंथि का बढ़ना (BPH),
  • यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI)
  • किडनी या ब्लैडर में रुकावट का संकेत हो सकता है।

बार-बार पेशाब आने और पेशाब खुलकर न होने पर ऐसे खाएं मुनक्का

आचार्य बालकृष्ण ने बताया जिन लोगों को बार-बार पेशाब जाने की समस्या होती है या पेशाब खुलकर नहीं होता, उनके लिए मुनक्का और मिश्री का सेवन असरदार साबित होता है। मुनक्का और मिश्री का सेवन करने के लिए आप 8-10 मुनक्के में 10-20 ग्राम मिश्री मिलाकर उसका सेवन करें। आप मुनक्का का सेवन मट्ठे के साथ भी कर सकते हैं। मुनक्का पेशाब खुलकर लाने में मददगार साबित हो सकता है।

यूरीन की समस्या या पथरी में ऐसे बनाएं मुनक्का का काढ़ा

आचार्य बालकृष्ण ने बताया अगर किसी को पेशाब से जुड़ी समस्या है या फिर पथरी की समस्या है तो पुनर्नवा मूल, पाषाणभेद और अमलतास को 6-6 ग्राम की मात्रा में लेकर कूट लें। इसमें 10-12 ग्राम मुनक्का मिलाकर लगभग 400 ग्राम पानी में उबाले और पानी आधा यानी करीब 200 ग्राम रह जाने पर छानकर उस पानी का सेवन करें। इसे रात में उबालकर ढककर रखें और सुबह छानकर पिएं तो ज्यादा बेहतर रहेगा। इस पानी का सेवन करने से यूरिन से जुड़ी परेशानियों से राहत मिलेगी।

मुनक्का कैसे पाचन में करता है मदद

मुनक्का एक ऐसा ड्राई फ्रूट है जो पाचन से जुड़ी समस्याओं का इलाज करने में भी असरदार साबित होता है। जिन लोगों को बार-बार एसिडिटी, पेट में अफारा या भारीपन की समस्या रहती है, आयुर्वेद के मुताबिक उन लोगों को  मुनक्का और हरड़ का सेवन करना चाहिए। इसके लिए मुनक्के को पीसकर उसमें हरड़ का पाउडर मिलाकर सुबह-शाम पानी के साथ लेना असरदार साबित होता है। इससे एसिडिटी, पेट की गैस और भारीपन में राहत मिल सकती है। इस मिश्रण के सेवन से सुबह पेट अच्छी तरह साफ होता है। मुनक्का को पेट और मूत्र संबंधी समस्याओं के लिए गुणकारी माना गया है।

मुनक्का का सेवन करने के फायदे

मुनक्का एक ऐसा ड्राई फ्रूट है जो बॉडी की कमजोरी को दूर करता है। इसमें मौजूद नेचुरल शुगर और कार्बोहाइड्रेट शरीर को जल्दी एनर्जी देता है। मुनक्का आयरन का बेहतरीन स्त्रोत है, इसका सेवन करने से बॉडी में खून की कमी पूरी होती है। इसमें कैल्शियम और बोरॉन जैसे कुछ पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो हड्डियों को मजबूत करते हैं। इसका सेवन करने से दिल की सेहत में भी सुधार होता है। इसमें मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को दुरुस्त करने में मददगार साबित होता है। इसमें पॉलीफेनॉल जैसे एंटीऑक्सीडेंट यौगिक पाए जाते हैं, जो कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में मदद कर सकते हैं। आप हेल्दी ड्राई फ्रूट के रूप में मुनक्का का सेवन कर सकते हैं।

डिस्क्लेमर:मुनक्का पौष्टिक आहार का हिस्सा हो सकता है, लेकिन इसे एसिडिटी, कब्ज, पथरी, पेशाब की समस्या या किसी अन्य बीमारी का इलाज नहीं माना जाना चाहिए। इसमें प्राकृतिक शर्करा अधिक होती है, इसलिए डायबिटीज वाले लोग इसकी मात्रा का ध्यान रखें। किसी बीमारी, गर्भावस्था या नियमित दवाओं के सेवन की स्थिति में मुनक्का या किसी घरेलू नुस्खे का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर की सलाह लें।