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गठिया के दर्द से हैं परेशान ? सरसों का तेल आपके आ सकता है काम; जानिए कैसे

आर्थराइटिस (Arthritis) या गठिया एक हड्डियों के जोड़ों से जुड़ी हुई एक समस्‍या है। इस बीमारी के कारण सूजन व तेज दर्ज पीड़ित व्‍यक्ति को सहन करना पड़ता है।

Arthritis | Uric Acid | How to Control
गठिया रोग में सरसो का तेल करेगा मदद (फोटो- Freepik)

आर्थराइटिस (Arthritis) या गठिया एक हड्डियों के जोड़ों से जुड़ी हुई एक समस्‍या है। इस बीमारी के कारण सूजन व तेज दर्ज पीड़ित व्‍यक्ति को सहन करना पड़ता है। यह बीमारी शरीर में यूरिक एसिड के बढ़ जाने के कारण होता है और यूरिक एसिड के बढ़ने का कारण समय पर संतुलित आहार न लेना। गठिया की बीमारी कई प्रकार की होती है। अगर आप भी इस बीमारी से परेशान हैं तो आइए जानते हैं कि कैसे आप सरसों की तेल से गठिया दर्द से राहत पा सकते हैं।

क्‍या है गाउट एक ऑटोइम्यून बीमारी
आपकी इम्‍यून सिस्‍टम, जो आम तौर पर संक्रमण से लड़ती है। जब कोशिकाओं पर हमला होता है तो जोड़ों में सूजन, जकड़न और दर्द होता है। इस स्थिति को गाउट एक ऑटोइम्यून बीमारी कहा जाता है। अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) के मुताबिक करीब 100 तरह की ऑटोइम्यून बीमारियों की पहचान हो चुकी है। इनमें से कुछ बहुत ही आम ऑटोइम्यून बीमारियों के नाम हैं, जिसमें रूमेटॉइड आर्थराइटिस, टाइप 1 डायबिटीज, सोरायसिस और ल्यूपस आदि।

इसमें रूमेटॉइड आर्थराइटिस या गठिया की बीमारी से ज्‍यादा संख्‍या में पीड़‍ित व्‍यक्ति परेशान रहते हैं। लोग इसके इलाज के लिए बहुत से अंग्रेजी दवाओं का सेवन करते हैं तो वहीं तरह-तरह के नुस्‍के भी अपनाते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि बैक्टीरिया और वायरस के वजह से यह बीमारी होती है, जो पर्याप्‍त मात्रा में शुद्ध आहार न लेने से पैदा हो सकती है।

अर्थराइटिस का कारण
अर्थराइटिस का कारण ऑटो इम्‍यून डिजाजर होती है। इसक कारण से बड़े पैमाने पर यह समस्‍या पैदा होती है। विटामिन डी और हीमोग्राबीन के कारण अर्थराइटिस की समस्या होती है। पहले 30 वर्ष से ऊपर के लोगों को होती थी, लेकिन अब यह समस्या युवाओं में भी फैल रही है। अर्थराइटिस की बीमारी जेनेरिक तौर पर भी होती है। अर्थराइटिस के कारण कोई भी हो मौसम के बदलने का इस पर काफी असर पड़ता है।

क्‍या है लक्षण?
यह शरीर के ज्‍वाइंट को प्रभावित करता है। यह धीरे-धीरे बढ़ता चला जाता है, कभी कभी यह दर्द असहनीय हो जाता है। मसल का दर्द देना या फिर बॉडी पेन भी इसका लक्षण है। साथ ही अगर हम थोड़ी दूर तक दौड़ लेते हैं तो जोड़ों में दर्द होने लगता है, यह भी अर्थराटिस के लक्षण में आता है।

सरसों का तेल कैसे करेगा मदद
सरसों का तेल की मदद से अगर पेस्‍ट बनाकर इसे नियमित तौर पर लगाएं तो अर्थराइटिस की समस्‍या दूर हो सकती है। सरसों के तेल से बना पेस्ट तैयार करने के लिए 1 चम्मच पिसी हुई सरसों, तेल, 1 चम्मच शहद, 1 चम्मच नमक, 1 चम्मच सोडियम बाइकार्बोनेट (यह पाउडर बेकिंग पाउडर में भी होता है) एक कांच के कटोरे में लेकर पेस्‍ट तैयार कर लें और इसे नियमित तौर पर लगाने से दर्द से राहत मिलेगा।

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