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यूरिक एसिड घटाने में कारगर माने जाते हैं ये 4 आयुर्वेदिक उपाय

How To Control Uric Acid Naturally by Herbs : यूरिक एसिड बढ़ने से अर्थराइटिस की बीमारी हो सकती है। जिन लोगों का यूरिक एसिड बढ़ जाता है उनके जोड़ो में दर्द और सूजन रहती है।

अर्थराइटिस से बचने के लिए यूरिक एसिड घटाना चाहिए।

How To Control Uric Acid Naturally by Herbs : यूरिक एसिड बढ़ने से अर्थराइटिस की बीमारी हो सकती है। जिन लोगों का यूरिक एसिड बढ़ जाता है उनके जोड़ो में दर्द और सूजन रहती है। अर्थराइटिस से बचाव करने के लिए यह बहुत जरूरी है कि यूरिक एसिड घटाया जाए। ऐसा माना जाता है कि शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा कम करने में जड़ी-बूटियां बहुत लाभकारी मानी जाती है। आयुर्वेद के जरिए धीरे-धीरे लाभ मिलता है लेकिन मिलता जरूर है। इसलिए जिन लोगों को हाई यूरिक एसिड की परेशानी रहती है उन्हें जरूर आयुर्वेद में बताई जड़ी-बूटियों का सहारा लेना चाहिए।

अदरक का असर है जादुई – अदरक के रस को बहुत फायदेमंद माना जाता है। अदरक में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो शरीर से सूजन को कम करने में मददगार साबित होते हैं। अदरक का न केवल सब्जियों में बल्कि चाय, काढ़ा और अर्क यानी रस की तरह भी अपनी डाइट में शामिल किया जा सकता है। इसे बहुत फायदेमंद माना जाता है। कहते हैं कि इससे जोड़ों में होने वाला दर्द भी दूर हो जाता है। रोज सुबह खाली पेट अदरक का दो चम्मच रस पीने से बहुत जल्द असर होता है।

अश्वगंधा है असरदार – अश्वगंधा को औषधीय गुणों से भरा हुआ माना जाता है। कहते हैं कि इससे शरीर की मांसपेशियों से लेकर हड्डियों तक को मजबूत होती हैं। यूरिक एसिड से हड्डियों में दर्द होता है। अश्वगंधा के नियमित इस्तेमाल से हड्डियां मजबूत होती हैं और दर्द होने की संभावनाएं कम हो जाती हैं। साथ ही इसे तनाव कम करने में भी असरदार माना जाता है। अश्वगंधा की गोलियां और पाउडर बाजार में उपलब्ध हैं। इसे दूध के साथ लेना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है।

गुणों की खान है हल्दी – हल्दी में एंटी ऑक्सीडेंट्स और एंटी इंफ्लेमेटरी में गुण होते हैं। खांसी, जुखाम से लेकर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में हल्दी असरदार मानी जाती है। इसमें करक्यूमिन नामक योगिक होता है। इसकी मदद से यूरिक एसिड में आराम मिलता है। साथ ही घुटनों की सूजन से भी निजात मिलती है। रोज सुबह खाली पेट दो चुटकी हल्दी को गुनगुने पानी के साथ लेने से सूजन में बहुत जल्दी आराम मिलेगा। आप चाहें तो दूध में उबालकर भी हल्दी का सेवन कर सकते हैं।

फायदेमंद है मुलेठी – मुलेठी में ग्लाइसिराइजिन पाया जाता है। जानकारों का मानना है कि इसमें मिलने वाले इस कंपाउंड से यूरिक एसिड से बढ़ गई सूजन को घटाने में मदद मिलती है। साथ ही यह भी बताया जाता है कि मुलेठी शरीर को फ्री रेडिकल्स के प्रभाव से बचाने में भी कारगर साबित होती है। मुलेठी का स्वाद अच्छा होता है। इसका एक छोटा टुकड़ा मुंह में रखकर चूसने ने आपको फायदा मिलेगा। अगर पर चाहें तो पानी में उबालकर भी इसका सेवन कर सकते हैं।

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