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टायफाइड से छुटकारे में कारगर साबित हो सकता है लहसुन, ये 4 चीजें भी पहुंचा सकती हैं राहत

टायफाइड का बुखार पाचन तंत्र और बल्डस्ट्रीम में बैक्टीरिया के इंफेक्शन के कारण होता है। सलोमोनेला टाइफी नाम का यह बैक्टीरिया पानी, किसी पेय या खाने के साथ हमारे शरीर के अंदर प्रवेश करता है और पाचन तंत्र में जाकर यह बैक्टीरिया बढ़ जाते हैं।

सांकेतिक तस्वीर।

गर्मियों के मौसम में टायफाइड की बीमारी होने का खतरा अधिक होता है। टायफाइड का बुखार पाचन तंत्र और बल्डस्ट्रीम में बैक्टीरिया के इंफेक्शन के कारण होता है। सलोमोनेला टाइफी नाम का यह बैक्टीरिया पानी, किसी पेय या खाने के साथ हमारे शरीर के अंदर प्रवेश करता है और पाचन तंत्र में जाकर यह बैक्टीरिया बढ़ जाते हैं। यह बैक्टीरिया शरीर के भीतर एक जगह से दूसरी जगह जैसे, लिवर, स्पलीन, गॉलब्लेडर आदि जगहों पर घूमते रहते हैं। इसमें लगातार बुखार बने रहना, भूख कम लगना, उल्टी होना और खांसी-जुकाम होना आदि लक्षण दिखाई देते हैं। आइए आज हम आपको टायफाइड से बचने के घेरलू उपचार के बारे में बताते हैं।

खूब पानी पीएं: गर्मी के मौसम में टायफायड होने पर लू लगने के कारण बुखार होने का खतरा रहता है। पानी को उबालकर पीना ज्यादा फायदेमंद होता है। पानी पीने से डीहाइड्रेशन से भी बचा जा सकता है। टायफाइड से बचने के लिए पान का रस, अदरक का रस और शहद को बराबर मात्रा में मिलाकर सुबह-शाम पीने से आराम मिलता है। पानी के अलावा ताजा फलों के रस और हर्बल चाय का सेवन भी लाभकारी होता है।

सेब का सिरका: इससे बुखार में आराम मिलता है, इसमें मौजूद एसिड गर्माहट को शरीर की त्वचा से बाहर कर देता है। साथ ही इसमें मौजूद मिनरल शरीर को बुखार से दूर भी रखते हैं। इसके इस्तेमाल के लिए एक कपड़े को सेब के सिरके और पानी भिगो लें। कपड़े को निचोड़कर पट्टी को माथे और पेट पर रखें।

लहसुन: लहसुन की तासीर गरम होती है, जो शरीर में पसीना लाकर, शरीर का तापमान कम कर सकती है। यह शरीर से हानिकारक विषाक्त पदार्थों को भी बाहर निकालने में सहायक है। इसमें मौजूद एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल गुण टायफाइड के रोगी को राहत प्रदान करते हैं। इसके लिए लहसुन की एक कली को पीसकर गरम पानी में मिलाएं। 10 मिनट बाद पानी छानकर थोड़ा पीएं।

तुलसी: यह टायफाइड के बुखार के लिए काफी कारगर औषधि है। तुलसी में पाए जाने वाले एंटीबैक्टीरियल और एंटीबायोटिक के गुण बैक्टीरिया को खत्म करते है, जिससे बुखार जल्दी भी ठीक होता है।

लौंग: लौंग के तेल में एंटीबैक्टीरियल गुण टायफाइड बैक्टीरिया सलोमोनेला टाइफी को खत्म करने में असरदार होता है। इसका इस्तेमाल करने के लिए 8 कप पानी में 5 से 7 लौंग डालकर उबालें और जब पानी आधा रह जाए इसे छानकर पी लें।

 

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