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इन आयुर्वेदिक तरीकों को अपनाएंगे तो बढ़ जाएगी आंखों की रोशनी

बढ़ती उम्र की वजह से, लगातार कंप्यूटर पर काम करते रहने से या फिर आंखों संबंधी किसी बीमारी के चलते भी दृष्टि में दोष उत्पन्न हो जाता है।

eyes, changes in eyes, eye color change, eye color indicates health, eye color signs, eye color signs of disease, how to detect disease through eyes, symptoms of diseases appearing in eyes, eyes health news in hindi, health news in hindi, jansattaप्रतीकात्मक चित्र

आंखों की दृष्टि कई कारणों से प्रभावित होती है। बढ़ती उम्र की वजह से, लगातार कंप्यूटर पर काम करते रहने से या फिर आंखों संबंधी किसी बीमारी के चलते भी दृष्टि में दोष उत्पन्न हो जाता है।आयुर्वेद ने दृष्टि दोषों को दूर करने के लिए कई तरह के उपाय सुझाए हैं। इन उपायों से न सिर्फ आंखों का प्राकृतिक उपाय संभव हो पाता है बल्कि अन्य उपचारों की तरह आंखे कई तरह के साइड इफेक्ट्स से भी बची रहती हैं। आज हम आपको आंखों के इलाज के लिए कुछ आयुर्वेदिक तरीकों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसका इस्तेमाल आपकी आंखों की दृष्टि के लिए काफी फायदेमंद होगा।

शारीरिक सेहत के लिए खान-पान का महत्व तो है ही। अपनी इसी डाइट में कुछ अच्छी चीजें जोड़ लेने से आपके आंखों की दृष्टि में काफी सुधार आ सकता है। जैसे अपनी डाइट में अगर आप सेव और अंगूर का नियमित सेवन करते हैं तो यह आपकी नेत्रदृष्टि के लिए काफी फायदेमंद होता है। पालक शरीर में हिमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ाने में काफी मदद करता है, जो कि आंखों की बेहतर दृष्टि के लिए बहुत जरूरी है। गाजर और खीरे का सेवन भी आंखों के लिए बहुत फायदेमंद हैं। इन सबके अलावा शलजम, टमाटर, संतरा और खजूर भी विटामिन ए के महत्वपूर्ण स्रोत हैं। ये भी आंखों के लिए काफी स्वास्थ्यकर होते हैं। बेहतर दृष्टि और मानसिक तनावों से राहत पाने के लिए बादाम का नियमित सेवन किया जा सकता है।

खान-पान के अलावा आंखों के छोटे-मोटे व्यायाम करके भी आंखों की दृष्टि बेहतर बनाई जा सकती है। इसके लिए कई तरह के छोटे-छोटे व्यायाम आयुर्वेद में बताए गए हैं। आइए कुछ व्यायाम को करने की विधि के बारे में जानते हैं।

अपनी आंखों जोर से बंद कीजिए और फिर अचानक खोलिए। इस दौरान होने वाले खिंचाव को महसूस करिए। इसे दिन में कई बार किया जा सकता है।

अपने दोनों हाथों को आपस में रगड़िए। रगड़ने के तुरंत बाद इनसे अपनी आंखों को इस तरह से ढकिए कि पलकों पर स्पर्श न हो। यह नसों को काफी आराम पहुंचाता है, साथ ही साथ रक्त संचार को भी सही रखता है। इसे हाथ योग कहा जाता है।

अपनी आंखों की पुतलियों को हर दिशा में घुमाइए। इसे पहले आंख खोलकर, फिर आंख बंद कर भी दुहराइए। दिन में कई बार इस प्रक्रिया को दुहराया जा सकता है।

अपनी दृष्टि को ऐसे रखिए जिससे कि आप बहुत दूर तक देख सकें। फिर नजरों को नीचे कीजिए और कम से कम 10-12 बार अपनी पलकों को झपकाइए।

इन उपायों को आजमाकर आप निश्चित रूप से अपनी दृष्टि में सुधार ला सकते हैं।

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