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अर्थराइटिस के दर्द से निजात दिलाने में मददगार हैं ये आयुर्वेदिक उपाय, जानें इस्तेमाल का तरीका

Tips for Arthritis Patients: स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक अर्थराइटिस के मरीजों को अपनी डाइट में उन चीजों को शामिल करना चाहिए जिनमें एंटी-इन्फ्लामेट्री प्रॉपर्टीज हों

एक अध्ययन के अनुसार बदलते परिवेश में 25-30 साल के युवा भी गठिया के एक प्रकार रुमेटॉयड अर्थराइटिस से पीड़ित नजर आते हैं

Ayurvedic Tips for Arthritis Patients: देश की करीब 15 प्रतिशत आबादी गठिया रोग यानि कि अर्थराइटिस बीमारी से जूझ रही है। बुढ़ापे की बीमारी माने जाने वाली गठिया की परेशानी युवाओं में भी बढ़ रही है। इसका कारण जंक फूड की अधिकता, शरीर में विटामिन- D की कमी, शारीरिक असक्रियता, अनहेल्दी खानपान, धूम्रपान व शराब का अत्यधिक सेवन है। एक अध्ययन के अनुसार बदलते परिवेश में 25-30 साल के युवा भी गठिया के एक प्रकार रुमेटॉयड अर्थराइटिस से पीड़ित नजर आते हैं। इस बीमारी में मरीजों के जोड़ों में सूजन व असहनीय दर्द होता है। हालांकि, दवाइयों के अलावा कुछ आयुर्वेदिक उपाय भी इस परेशानी को कम करने में कारगर है, आइए जानते हैं-

इन आयुर्वेदिक तरीकों का करें इस्तेमाल: आयुर्वेद में लगभग हर बीमारी का इलाज बताया गया है। अर्थराइटिस के मरीजों में हाथ-पैरों के जोड़ों में दर्द और सूजन रहता है। इनसे निजात पाने के लिए प्रभावित जगहों पर अदरक या फिर लहसुन का पेस्ट लगाना मददगार हो सकता है। वहीं, गिलोय का चूर्ण या फिर काढ़ा का सेवन भी गठिया के मरीजों के लिए लाभप्रद साबित हो सकता है। विशेषज्ञ इन मरीजों को शहद के साथ लहसुन का इस्तेमाल करने की भी सलाह देते हैं। इसके अलावा, नियमित तौर पर सप्ताह में 1 या 2 बार सोने से पहले 25 मिली. एरंड के तेल के साथ दूध का सेवन करना फायदेमंद होता है। रोजाना त्रिफला का सेवन भी गठिया के मरीजों को दर्द से राहत देता है।

ये हैं घरेलू उपाय: स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक अर्थराइटिस के मरीजों को अपनी डाइट में उन चीजों को शामिल करना चाहिए जिनमें एंटी-इन्फ्लामेट्री प्रॉपर्टीज हों। इससे मरीजों में सूजन कम होगा और उन्हें असहनीय पीड़ा से भी निजात मिलेगी। ऐसे लोगों को लहसुन का इस्तेमाल अधिक करना चाहिए क्योंकि ये दर्द से राहत दिलाने में रामबाण सिद्ध हो सकता है। वहीं, जीरा, हींग, दालचीनी, धनिया जैसे मसालों का सेवन भी गठिया से पीड़ित लोगों के लिए फायदेमंद साबित होगा। इसके अलावा, तरबूज, अनार, केला, अनानास और पपीता जैसे फलों को खाने से भी मरीजों को आराम मिलेगा।

ये बरतें सावधानी: गठिया के मरीजों को ज्यादा देर तक भूखे नहीं रहना चाहिए और न ही उपवास रखना चाहिए। वहीं, इन्हें सी फूड के सेवन से भी परहज करना चाहिए। इन मरीजों को अपने सोने व उठने का समय निर्धारित कर लेना चाहिए। वहीं, कोशिश करें कि ऐसे मरीज गुनगुने पानी से ही नहाएं।

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