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इन सात कारणों के चलते कुछ लोगों को ज्यादा काटते हैं मच्छर

बरसात के मौसम में मच्छरों से पीछा छुड़ाना बहुत जरूरी है। इस मौसम में मच्छरजनित बीमारियों का प्रकोप रहता है।

मच्छरों की दृष्टि बड़ी तेज होती है। खासकर दोपहर के बाद।

बरसात के मौसम में मच्छरों से पीछा छुड़ाना बहुत जरूरी है। इस मौसम में मच्छरजनित बीमारियों का प्रकोप रहता है। कई शोधों में इस बात को प्रमाणित किया जा चुका है कि कुछ लोगों में कुछ खास प्रकार की विशेषताओं की वजह से मच्छर उन पर आक्रमण करते हैं। जैसे, आपके कपड़े का रंग, खून के प्रकार, आपकी लाइफस्टाइल आदि मच्छरों को आकर्षित करती है। और इस तरह से वो अपने शिकार को चुनते हैं और शिकार बनाते हैं। आज हम आपको 7 ऐसे कारण बताएंगे जिनकी वजह से मच्छर कुछ लोगों को ज्यादा निशाना बनाते हैं।

कपड़े – मच्छरों की दृष्टि बड़ी तेज होती है। खासकर दोपहर के बाद। ऐसे में अगर आप गहरे रंगों मसलन – नेवी ब्लू या ब्लैक आदि वाले कपड़े पहनते हैं तो आसानी से मच्छरों का टार्गेट बन सकते हैं।

ब्लड टाइप – आपका ब्लड टाइप मच्छरों को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। रिसर्च में कहा गया है कि ऐसे लोग जिनका ब्लड ग्रुप O है, मच्छर उनकी ओर टाइप ए ब्लड ग्रुप वालों से दोगुना ज्यादा आकर्षित होते हैं। ब्लड ग्रुप बी वाले बीच में होते हैं। शोध में बताया गया है कि 85 प्रतिशत लोग एक सिग्नल उत्सर्जित करते हैं जो उनके ब्लड ग्रुप के बारे में बताता है। मच्छर इन्हीं 85 प्रतिशत लोगों को ज्यादा काटते हैं।

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गैस – मच्छर 160 फीट की दूरी से भी कार्बन डाइ ऑक्साइड सूंघ लेते हैं। ऐसे में जो लोग सांस ज्यादा छोड़ते हैं उन्हें ज्यादा मच्छर काटते हैं। चूंकि, हम नाक या मुंह से कार्बन डाइ ऑक्साइड छोड़ते हैं इसलिए ज्यादातर मच्छर हमारे सर के आसपास मंडराते हैं और हम कहते हैं कि सर पर मच्छर भिनभिना रहे हैं।

ताप और मिठाई – गर्मी, लैक्टिक एसिड, यूरिक एसिड या अमोनिया की गंध को मच्छर काफी तेजी से सूंघ लेते हैं। ऐसे में वे लोग इनके निशाने पर जल्दी आ जाते हैं जो ये सब ज्यादा उत्सर्जित करते हैं।

त्वचा पर बैक्टीरिया – एक शोध के मुताबिक मच्छर उन लोगों की ओर ज्यादा आकर्षित होते हैं जिनकी त्वचा पर बैक्टीरिया काफी मात्रा में पाए जाते हैं।

गर्भावस्था – गर्भवती महिलाएं सामान्य महिलाओं से 21 फीसदी ज्यादा सांस के साथ कार्बन डाइ ऑक्साइड छोड़ती हैं। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं के पेट 1.26 डिग्री फॉरेनहाइट ज्यादा गर्म होते हैं। ऐसे में प्रेग्नेंट वीमेन मच्छरों का शिकार आसानी से बन जाती हैं।

बीयर – बीयर पीने के बाद पसीनों में इथेनॉल की बढ़ोतरी हो जाती है। साथ ही त्वचा का तापमान भी बढ़ जाता है। ऐसे में मच्छर बीयर पीने वाले लोगों तो ज्यादा परेशान करते हैं।

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