स्ट्रोक के खतरे को कम करने में असरदार हैं ये 5 योगासन, जानें क्या है इसे करने का सही तरीका

योग एक्सपर्ट ग्रैंड मास्टर अक्षर कहते हैं कि अगर आप स्ट्रोक को रोकना चाहते हैं तो योग सबसे अच्छा अभ्यास है। यह स्ट्रोक झेल चुके लोगों के सेहत में सुधार लाने और ज्यादा सक्रिय बनने में भी मदद कर सकता है।

yoga, brain stoke, brain stroke precautions
योगा से स्ट्रोक के खतरे को कम किया जा सकता है (Photo-Thinkstock/File)

योग का नियमित अभ्यास जीवन को कितना सरल बना देता है, इसमें कोई दो राय नहीं है। अगर नियमित रूप से योग किया जाए तो यह शरीर के सभी हिस्सों को राहत देने के साथ कई गंभीर बीमारियों, जैसे- स्ट्रोक के जोखिम को भी कम करता है। योग एक्सपर्ट ग्रैंड मास्टर अक्षर कहते हैं कि अगर आप स्ट्रोक को रोकना चाहते हैं तो योग सबसे अच्छा अभ्यास है। यह स्ट्रोक झेल चुके लोगों के सेहत में सुधार लाने और उन्हें ज्यादा सक्रिय बनने में भी मदद कर सकता है।

स्ट्रोक तब होता है जब मस्तिष्क के एक हिस्से को लगातार ऑक्सीजन नहीं मिलता। इससे मस्तिष्क के कमज़ोर उत्तक क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि ब्रेन का कौन सा हिस्सा प्रभावित हो रहा है। एक्सपर्ट पांच आसनों के बारें में बताते है जो स्वास्थ्य में सुधार और स्ट्रोक के जोखिम को कम करने के लिए असरदार है। 

1. पश्चिमोत्तानासन 

* योगा मैट पर बैठकर अपने पैरों को आगे की तरफ फैलाएं। ध्यान दें कि आपके घुटने थोड़े मुड़े हुए हो।

* अपनी बाहों को ऊपर की ओर फैलाएं और अपनी रीढ़ को सीधा रखें।

* सांस छोड़ें और पेट से हवा को खाली करें।

* सांस छोड़ते हुए आगे की ओर झुकें और अपने ऊपरी शरीर का भार अपने निचले शरीर पर रखें।

* अपनी बाहों को नीचे करें और अपने बढ़े हुए पैर की उंगलियों को हाथ से पकड़ें।

* साथ ही, अपने घुटनों को अपनी नाक से छूने की कोशिश करें। 10 सेकंड तक इस मुद्रा में रहें।

2. पादहस्तासन:

*समस्थिति में खड़े होकर शुरुआत करें मतलब दोनों पैरों को जोड़कर खड़े हो जाएं।

* सांस छोड़ें और धीरे से अपने ऊपरी शरीर को नीचे की ओर झुकाते हुए नाक को अपने घुटनों से स्पर्श करें।

* इस दौरान हथेलियों से पैरों को नीचे तक छूने की कोशिश करें।

* धीरे-धीरे अपने घुटनों को सीधा करें और अपनी छाती को अपनी जांघों तक लाने की कोशिश करें।

* इस आसन में कुछ देर के लिए रुकें और फिर आराम की मुद्रा में आ जाएं।

3. धनुरासन:

* आसन की शुरुआत पेट के बल लेट कर करें।

* अपने घुटनों को मोड़ें और अपने टखनों को अपनी हथेलियों से पकड़ें।

* अपने पैरों और बाहों को जितना हो सके, ऊपर उठाएं।

* ऊपर देखें और कुछ देर इसी मुद्रा में रहें।

4. भुजंगासन 

* इस आसन में पेट के बल लेट जाएं और अपनी हथेलियों को अपने कंधों के नीचे रखें।

* अपने पैर की उंगलियों को जमीन पर रखते हुए अपने पैरों को एक साथ लाएं।

* एक गहरी सांस अंदर लें और इसे रोक कर रखें। फिर अपने सिर, कंधों और धड़ को ऊपर उठाएं।

* 30 डिग्री के कोण पर ऊपर उठें पर यह ध्यान रखें कि आपकी नाभि फर्श से लगी हुई हो।

* अपने सिर को थोड़ा ऊपर उठाकर अपने कंधों को चौड़ा करें।

* धीरे-धीरे अपना धड़ नीचा करें और सांस छोड़ें।

5. ताड़ासन

*  इस आसन को करने के लिए पैर की उंगलियों और एड़ी को जोड़ के खड़े हो जाएं।

* अपने पेट को सीधा करें और कंधों को नीचे और पीछे की ओर आराम दें।

* अब अपने पैर की मांसपेशियों को सक्रिय रूप से जोड़ते हुए 5-8 सांसें लें।

पढें हेल्थ समाचार (Healthhindi News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

अपडेट