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Teethcare: दांतों को रखना है कीटाणुओं से दूर तो इन फूड आइटम्स को करें डाइट में शामिल

Teethcare Tips: लौंग में एनेस्थेटिक और एंटीसेप्टिक होता है जो दांतों के सूजन को कम करता है

मुंह की साफ-सफाई करना भी उतना ही जरूरी है। इससे न केवल दांतों की परेशानी से बचा जा सकता है, बल्कि मुंह में पैदा होने वाले बैक्टीरिया से भी निजात मिलना संभव है

Teethcare Tips: हर उम्र में ही दांत का दर्द परेशान करता है। कई बार कुछ ठंडा-गर्म खा लेने से तो कभी किसी इंफेक्शन की वजह से लोग दांत दर्द की समस्या से जूझते हैं। दिन में तो फिर भी लोग दर्द बर्दाश्त कर लेते हैं पर रात में उठने वाला दर्द असहनीय होता है। ऐसे में अगर थोड़ा सा ध्यान दिया जाए तो इस समस्या से निजात पाई जा सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार मुंह की साफ-सफाई करना भी उतना ही जरूरी है। इससे न केवल दांतों की परेशानी से बचा जा सकता है, बल्कि मुंह में पैदा होने वाले बैक्टीरिया से भी निजात मिलना संभव है। कुछ खाद्य पदार्थों के सेवन से न केवल ओरल हाईजिन को प्रोमोट करते हैं। साथ ही, इन फूड आइटम्स को यूज करने से इसमें मौजूद पोषक तत्व दांतों को भी मजबूती प्रदान करते हैं। आइए जानते हैं-

सेब: बीमारियों से बचने के लिए सेब का सेवन करना चाहिए, इस मुहावरे से तो हर कोई परिचित है। मगर क्या आप जानते हैं कि सेब को एक प्राकृतिक टूथब्रश भी कहा जाता है। वास्तव में, सभी कुरकुरा फल और कच्ची सब्जियां जैसे गाजर, सेलेरी, और सेब दांतों से प्लेक और टार्टार निकालने में  मदद करते हैं। सेब के सेवन से कैविटी पैदा करने वाले बैक्टीरिया में भी कमी आती है। इसके अलावा, सेब खाने से मुंह में सलाइवा भी ज्यादा बनता है जिससे ओरल कैविटी साफ व स्वस्थ रहती है।

लौंग: लौंग में एनेस्थेटिक और एंटीसेप्टिक होता है जो दांतों के सूजन को कम करता है। इसके अलावा लौंग में एंटी- एलर्जिक गुण होता है जो दांतों के इंफेक्शन को कम करता है और एलर्जी को भी कम करने में मदद करता है। साथ ही लौंग में मौजूद पोषक तत्व दांतों की अन्य समस्या को भी कम करता है। लौंग में एंटीसेप्टिक, एंटी-फंगल और एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण होते हैं जो दांतों के दर्द को कम करते हैं और दांतों को हेल्दी रखने में भी लाभकारी होते हैं।

केला: केला में पोटैशियम, मैग्नीशियम और मैंग्नीज जैसे कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं। दांतो की परेशानियों से निजात पाने में भी केला मददगार है। अगर आप हर रोज 2 मिनट के लिए दांतो को केले के छिलके के अंदरूनी हिस्से से रगड़ेंगे तो इससे दांतों की सफेदी बरकरार रहती है। साथ ही, दांत में होने वाली सेंसिटिविटी से राहत दिलाने में भी कारगर है फॉर्मूला।

चीज़: चीज़ के सेवन से मुंह में अधिक सलाइवा बनता है। चीज़ में मौजूद कैल्शियम और दूध में पाए जाने वाले कैल्शियम व फॉस्फेट दांत में मिनरल्स को बढ़ाते हैं जिससे टूथ एनामल को मजबूती मिलती है।

विटामिन सी: संतरे, नींबू, पुदीना, धनिया, टमाटर, खीरा, अनानास और नाशपाती जैसे फलों और सब्जियों में मौजूद विटामिन सी मसूड़ों को सुरक्षित रखता है। दांतों को हेल्दी और मजबूत बनाने के लिए मसूड़ों का स्ट्रॉन्ग रहना बेहद जरूरी है। इम्युनिटी प्रदान करने में भी विटामिन सी मददगार है, इससे ओरल कैविटी में किसी भी संक्रमण से लड़ने में मदद मिलती है।

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