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जानिए, क्या है चिकनगुनिया के लक्षण और इससे बचने के उपाय

आज हम आपको चिकनगुनिया के लक्षण और उससे जुड़ी कई अहम बातें बता रहे हैं जिससे आप चिकनगुनिया से बच सकते हैं।

इन दिनों चिकनगुनिया का आतंक बढ़ता ही जा रहा है। देश के हर अस्पताल में चिकनगुनिया के मरीज लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं। हाल ही में सामने आए आंकड़ों में सामने आया है कि दिल्ली के सिर्फ एम्स अस्पताल में ही करीब 900 मरीजों में चिकनगुनिया होने की पुष्टि हुई है।

इन दिनों चिकनगुनिया का आतंक बढ़ता ही जा रहा है। देश के हर अस्पताल में चिकनगुनिया के मरीज लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं। हाल ही में सामने आए आंकड़ों में सामने आया है कि दिल्ली के सिर्फ एम्स अस्पताल में ही करीब 900 मरीजों में चिकनगुनिया होने की पुष्टि हुई है। कई बार चिकनगुनिया होने के बाद भी पता नहीं चलता है कि चिकनगुनिया है या नहीं और लोग खुद से दवाइयां लेते रहते हैं और दिक्कत बढ़ जाती है। आज हम आपको चिकनगुनिया के लक्षण और उससे जुड़ी कई अहम बातें बता रहे हैं जिससे आप चिकनगुनिया से बच सकते हैं।

बुखार- किसी भी मरीज पर चिकनगुनिया के लक्षण मच्छर काटने के 3-7 दिन बाद दिखने लगते हैं। वैसे तो इसका सबसे अहम लक्षण बुखार और जोड़ों में दर्द है। मरीज को कभी-कभी तापमान 104 डिग्री  बुखार हो जाती है और हल्की बुखार बनी रहती है।

सिर और जोड़ो में दर्द- चिकनगुनिया मच्छर काटने के बाद मरीज के सिर में लगातार दर्द बना रहता है। साथ ही जोड़ों में सूजन भी आने लगती है। अगर आपके साथ भी  चिकनगुनिया होने पर मरीज के जोड़ों में तेज दर्द होता है जिसकी वजह से उसे उठने-बैठने में दिक्कत भी होती है।

शरीर पर लाल रंग के रैशेज- चिकनगुनिया में बुखार के बाद 3 से 4 दिन के अंदर शरीर पर लाल चकत्ते पड़ जाते हैं और पूरा शरीर लाल रंग का दिखने लगता है। कई बार आंखें लाल हो जाती हैं और पानी आने लगता है। चिकनगुनिया में खुश्की की शिकायत भी हो जाती है।

मच्छरों से बचकर रहें- अपने आस-पास कहीं भी पानी जमा नहीं होने दें। रूके हुए पानी में मच्छर पनपते हैं। खुद को मच्छरों से बचाना बहुत जरूरी है। रात में सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें। शरीर को ढककर रखें ताकि मच्छरों से बचे रहें।

दर्द बने रहना- चिकनगुनिया होने के बाद कई मरीजों का कुछ दिनों बाद ही जोड़ों में दर्द ठीक हो जाता है, लेकिन कई मरीजों को यह दर्द कई महीनों तक बना रहता है।

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