Sweet Potato For Constipation: कब्ज पाचन तंत्र से जुड़ी एक बेहद आम समस्या है। जब किसी व्यक्ति का पेट नियमित रूप से साफ नहीं होता, मल बहुत कड़ा, सूखा और छोटा हो जाता है और मल त्याग करने में काफी कठिनाई या दर्द होता है, तो इस स्थिति को कब्ज कहा जाता है। मेडिकल भाषा में कब्ज की बात करें तो अगर किसी इंसान को हफ्ते में तीन बार से कम मल त्याग होता और पेट पूरी तरह साफ नहीं होता तो उसे कब्ज की बीमारी है। अब सवाल ये उठता है कि कब्ज की बीमारी होती क्यों है? कब्ज होने का मुख्य कारण बड़ी आंत का सही तरीके से काम न करना है। जब भोजन पचाने के बाद बड़ी आंत पानी को बहुत अधिक सोख लेती है या आंतों की मांसपेशियां मल को आगे धकेलने में धीमी पड़ जाती हैं, तो मल सख्त हो जाता है।

कब्ज की बीमारी के लिए डाइट और लाइफस्टाइल से जुड़ी कुछ आदतें जिम्मेदार हो सकती है। बात करें डाइट की तो डाइट में फाइबर का कम सेवन करना,पानी कम पीना और प्रोसेस्ड फूड का ज्यादा सेवन करना कब्ज के लिए जिम्मेदार कारण माने जाते हैं। लाइफस्टाइल से जुड़े कारणों की बात करें तो बॉडी एक्टिविटी की कमी होना, मल त्याग की इच्छा को कंट्रोल करना, नींद की कमी और तनाव की वजह से किसी को भी कब्ज की बीमारी हो सकती है। कब्ज को कंट्रोल करने के लिए गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट और हेल्थ कंटेंट क्रिएटर, फ्लोरिडा, अमेरिका में  डॉ. जोसेफ सलहाब ने एक वीडियो शेयर करके बताया कि कब्ज से निजात पाने के लिए आप शकरकंद का सेवन करें।फाइबर से भरपूर शकरकंद (Sweet Potato) पेट की समस्याओं को दूर करने में मददगार साबित हो सकती है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि शकरकंद का सेवन कैसे कब्ज का इलाज करता है।

शकरकंद कब्ज को कैसे करता है कंट्रोल?

फाइबर का पावर हाउस है शकरकंद

एक मीडियम साइज की शकरकंद में लगभग 3.8 से 4 ग्राम फाइबर होता है। इसमें घुलनशील (Soluble) और अघुलनशील (Insoluble) दोनों तरह का फाइबर मौजूद होता है जो स्टूल को सॉफ्ट बनाए रखने और बाउल मूवमेंट को आसान बनाने में मदद करता हैं। सर्द मौसम में कब्ज की दिक्कत ज्यादा होती है ऐसे में फाइबर रिच शकरकंद का सेवन आपको कब्ज से निजात दिला सकता है।

नेचुरल लैक्सेटिव पेक्टिन कब्ज में असरदार

शकरकंद में पेक्टिन नामक घुलनशील फाइबर होता है जो आंतों में पानी को सोखकर एक जेल जैसा पदार्थ बनाता है, जिससे पुरानी से पुरानी कब्ज भी आसानी से दूर होती है।

रेसिस्टेंट स्टार्च भी कब्ज करता है दूर

शकरकंद में रेसिस्टेंट स्टार्च भी होता है जो आंतों में गुड बैक्टीरिया के लिए भोजन का काम करता है। ये स्टार्च पाचन को सुधारने में मदद करता है। इसका सेवन करने से पेट की गैस, एसिडिटी और अपच जैसी समस्याएं कंट्रोल रहती है।

कब्ज दूर करने के लिए कैसे करें सेवन?

एक्सपर्ट ने कब्ज को दूर करने के लिए शकरकंद का सेवन खास तरीके से करने की सलाह दी है। एक शकरकंद को बीच से आधे काटें। इसके ऊपर थोड़ा-सा ऑलिव ऑयल और काली मिर्च डालें। अब इसे 425°F यानी करीब 220°C पर लगभग 45 मिनट तक बेक करें, जब तक कि शकरकंद अच्छी तरह नरम न हो जाए। बेक किए हुए शकरकंद को करीब 24 घंटे के लिए फ्रिज में रखें और 24 घंटे बाद इसे दोबारा से गर्म करें और फिर खाएं। शकरकंद के ठंडा होने पर इसमें मौजूद कुछ स्टार्च रेसिस्टेंट स्टार्च में बदल जाता है। यह रेसिस्टेंट स्टार्च आंत के आगे के हिस्से तक पहुंच सकता है, जहां अच्छे आंतों के बैक्टीरिया इसे भोजन के रूप में इस्तेमाल करते हैं। यह मल में वॉल्यूम बढ़ाने और नियमित रूप से मल त्याग में मदद कर सकता है। शकरकंद में प्राकृतिक रूप से मैनिटोल (Mannitol) नामक शुगर अल्कोहल भी पाया जाता है। यह आंतों में पानी खींच सकता है, जिससे मल को नरम करने और मल त्याग को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है। यह आसान, सस्ता और आंतों की सेहत के लिए उपयोगी भोजन है, जिसे कब्ज होने पर आजमाया जा सकता है।

कब्ज के लिए शकरकंद खाने का ये तरीका भी है असरदार

शकरकंद के छिलके फाइबर का असली खजाना हैं। अगर आप शकरकंद खाना चाहते हैं तो उसका सेवन छिलकों के साथ करें।  शकरकंद का आधा फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट उसके छिलके में ही मौजूद होते हैं। शकरकंद को अच्छी तरह धोकर छिलके समेत उबालें या भूनें और उसका सेवन करें। याद रखें कि शकरकंद के तले-भुने रूप से बचें। इसे ज्यादा तेल या घी में तलने के बजाय उबालकर (Boiled) या भाप में (Steamed) पकाएं। इसमें हल्का काला नमक, जीरा पाउडर और नींबू निचोड़कर खाएं।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। शकरकंद या रेसिस्टेंट स्टार्च कब्ज से राहत दिलाने में कुछ लोगों की मदद कर सकता है, लेकिन यह किसी बीमारी का इलाज नहीं है। लगातार या गंभीर कब्ज, पेट में तेज दर्द, उल्टी या मल में खून आने पर डॉक्टर से सलाह लें।